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प्रधानमंत्री का प्रगति के माध्‍यम से संवाद

प्रधानमंत्री का प्रगति के माध्‍यम से संवाद

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘प्रगति’ के जरिये अठारहवें दौर की बातचीत की अध्यक्षता की। प्रगति सक्रिय शासन और समय पर कार्यान्वयन के लिए सूचना व संचार तकनीक आधारित बहु-प्रारूपीय मंच है।

प्रधानमंत्री ने रेलवे से संबंधित शिकायतों के निपटान और समाधान के दिशा में हई प्रगति की समीक्षा की। भ्रष्ट अधिकारियों से संबंधित शिकायतों को देखते हुए उन्होंने भ्रष्टचार के दोषी पाए जाने वाले रेवले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ने भारतीय रेलवे को सभी शिकायतों और पूछताछ के लिए एक एकीकृत एकल टेलीफोन नंबर के लिए काम करने को कहा, जिसमें दुर्घटना के मामले में हेल्पलाइन भी शामिल है।

प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा और नगालैंड सहित कई राज्यों में फैले रेलवे, सड़क और बिजली के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

आज जिन परियोजनाओं की समीक्षा की गई उनमें मुंबई मेट्रो, तिरुपति-चेन्नई राजमार्ग, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मणिपुर में लंबे समय से अटकी पड़ी सड़क परियोजनाएं और जम्मू-कश्मीर एवं पूर्वोत्तर में बिजली आपूर्ति से संबंधित लाइनों से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।

बच्चों के सार्वभौमिक प्रतिरक्षण (टीकाकरण) के लिए मिशन इंद्रधनुष की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने इस संबंध में 100 सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों के लिए निश्चित समय सीमा में लक्षित कर उन पर ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इसमें एनसीसी और नेहरू युवा केंद्र को शामिल किया जा सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी बच्चा प्रतिरक्षण का लाभ लेने से वंचित न रह जाए।

स्वच्छ कार्य योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता पखवाड़ा को स्थायी हल के लिए आंदोलन में तब्दील किया जाना चाहिए। अमृत मिशन पर उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे नवीनतम प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से हासिल किए गए लाभों के परिमाण और दस्तावेज तैयार करें, जैसे एलईडी बल्ब ताकि उससे मिलने वाले की सभी सराहना करें।

प्रधानमंत्री ने भारत सरकार के सभी सचिवों और राज्यों के सभी मुख्य सचिवों से ठोस योजनाओं और उद्देश्यों के साथ आने को कहा ताकि 2022 में स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ बदलाव के सभी लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।

स्वच्छता के संबंध में उन्होंने 2019 तक महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से पहले अधिकतम प्रयास करने का आग्रह किया।

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