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मंत्रिमंडल ने 2017 में भारत में ग्लोबल उद्यमिता सम्मेलन (जीईएस-2017) की सह-मेजबानी के लिए भारत और अमेरिका के बीच समझौते को स्वीकृति दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 2017 में भारत में ग्लोबल उद्यमिता सम्मेलन (जीईएस-2017) की सह-मेजबानी के लिए भारत और अमेरिका के बीच हस्ताक्षर किए गए सहमति ज्ञापन को पूर्व प्रभाव से स्वीकृति दे दी है। सहमति ज्ञापन से जिम्मेदारियां बांटी गई, लॉजिस्टिक सहित सहयोग के क्षेत्र तय किए गए और सम्मेलन के सुचारू संचालन के लिए दोनों पक्षों के बीच स्थान से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा किया गया।

जीईएस-2017 ने उद्यमियों और निवेशकों को विश्व के उद्योग जगत के नेताओं के साथ बैठक, नेटवर्किंग सत्र, स्पर्धा, रणनीतिक कार्यशाला तथा नए सहयोग बनाने के लिए सेक्टर विशेष कार्यक्रमों के लिए शानदार अवसर प्रदान किया। बैठक में युवा उद्यमियों विशेषकर महिला उद्यमियों तथा दीर्घकालिक रूप से वंचित समूहों के आर्थिक अवसर बढ़ाने के लिए एक मंच प्रदान किया।

 

पृष्ठभूमिः

जीईएस-2017 28 से 30 नवंबर, 2017 को हैदराबाद में हुई। इसमें बहु-राष्ट्रीय कंपनियों के प्रमुख कार्यकारी अधिकारियों, नीति निर्माताओँ और सरकारी अधिकारियों के अतिरिक्त 150 देशों के 1500 पंजीकृत प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

7 जून, 2016 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच हुई बैठक में संयुक्त घोषणा के अतंर्गत भारत में 2017 में 8वां जीईएस की दोनों देशों द्वारा सह-मेजबानी करने का निर्णय लिया गया था। प्रधानमंत्री ने 25-27 जून, 2017 की अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान इसे दोहराया था और भारत में होने वाले जीईएस में अमेरिकी शिष्टमंडल का नेतृत्व करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति की सलाहकार सुश्री इवांका ट्रम्प को आमंत्रित किया था।

जीईएस उभरते उद्यमियों के लिए एक प्रमुख मंच है। जीईएस ने उद्यमियों और निवेशकों को विश्व के उद्योग जगत के नेताओं के साथ बैठक, अंतर्राष्ट्रीय उद्यमियों, नवाचारियों और निवेशकों के नेटवर्किंग के लिए अवसर प्रदान किया। इस सम्मेलन ने स्पर्धा, रणनीतिक कार्यशालाएं और उद्यमियों और निवेशकों में नए सहयोग के उद्देश्य से क्षेत्र विशेष कार्यक्रमों के लिए मंच प्रदान किया। सम्मेलन ने युवा उद्यमियों विशेषकर महिला उद्यमियों और स्टार्ट-अप के लिए आर्थिक अवसर प्रदान किया।