पीएम मोदी ने दिल्ली से गुवाहाटी तक उत्तर और पूर्वी भारत के 10 शहरों को जोड़ने वाले प्रस्तावित नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दी, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से बड़े पैमाने पर घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और निर्माण कार्यों के जरिए भारतीय इंजीनियर्स और कुशल कामगारों के लिए रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है।
नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की योजना घरेलू मैन्युफैक्चरिंग के आधार पर बनाई गई है, जिसके प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपोनेंट्स मेक इन इंडिया पहल के तहत देश में ही तैयार किए जाएंगे।
न्यूजीलैंड के साथ भारत का FTA द्विपक्षीय व्यापार, निवेश, सर्विसेज और आर्थिक सहयोग के विस्तार के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करता है।
भारत-न्यूजीलैंड FTA भारतीय MSMEs और लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज के लिए नए एक्सपोर्ट अवसर बनाता है, जिससे रोजगार सृजन और ग्लोबल वैल्यू चेन से जुड़ाव को बढ़ावा मिलता है।
न्यूजीलैंड ने 15 वर्षों में भारत में $20 बिलियन के निवेश की सुविधा का वादा किया है, जिससे रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटल सर्विसेज और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर में नए रास्ते खुलेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि बीते एक दशक में रिन्यूएबल एनर्जी में भारत के निवेश ने वेस्ट एशिया संकट के आर्थिक झटके को संभाला और देश की एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत किया।
BRES में बोलते हुए पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि भारत ने लगभग 300 GW की नॉन-फॉसिल कैपेसिटी हासिल कर ली है, जो कुल पावर कैपेसिटी का 50% से अधिक है।
पीएम मोदी ने कहा कि इस दशक के अंत तक भारत का क्लीन एनर्जी सेक्टर जेनरेशन, मैन्युफैक्चरिंग, ट्रांसमिशन और स्टोरेज में ₹20 लाख करोड़ से अधिक के निवेश अवसर दे सकता है।
भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने के लिए ₹3,925.41 करोड़ मूल्य के 9,638 अतिरिक्त वैगनों के ऑर्डर देकर मौजूदा खरीद कॉन्ट्रैक्ट्स का 24.57% विस्तार किया।
अतिरिक्त ऑर्डर्स के साथ सात कॉन्ट्रैक्ट्स के तहत भारतीय रेलवे के कुल वैगनों की संख्या 48,864 पहुंच गई, जिससे रिकॉर्ड कार्गो लोडिंग को मजबूती मिलेगी।
इस अतिरिक्त खरीद में भारी माल की ढुलाई के लिए तैयार ओपन वैगन शामिल हैं, जो भारतीय रेलवे की बड़े पैमाने पर माल ढुलाई क्षमता को सुदृढ़ करेंगे।
पीएम मोदी की पहल पर शुरू हुआ इंटरनेशनल सोलर अलायंस आज 128 देशों का संगठन बन चुका है। इसका मकसद दुनिया भर में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में निवेश जुटाने के लिए देशों को एक साथ लाना है।
इंटरनेशनल सोलर अलायंस के वैश्विक अभियान में भारत की रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में अहम भूमिका है। भारत सदस्य देशों के साथ अपनी नीतियों, तकनीकी जानकारी और निवेश के मॉडल साझा कर रहा है।
भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 2014 में महज 2.82 गीगावॉट थी, जो सितंबर 2026 तक बढ़कर 171.05 गीगावॉट हो गई। यह देश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आए बड़े बदलाव को दर्शाता है।
त्योहारी सीजन में गाड़ियों की बढ़ी मांग के चलते अक्टूबर में भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने बिक्री के नए रिकॉर्ड बनाए। बड़ी वाहन कंपनियों की पैसेंजर गाड़ियों समेत लगभग सभी सेगमेंट में जमकर बिक्री हुई।
अक्टूबर में मारुति सुजुकी और हुंडई ने घरेलू बाजार में अब तक की सबसे ज्यादा मंथली पैसेंजर व्हीकल बिक्री दर्ज की। मारुति सुजुकी ने 2,12,384 और हुंडई ने 62,799 गाड़ियां बेचीं।
अक्टूबर में टाटा मोटर्स की इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री, निर्यात समेत, सालाना आधार पर 75% बढ़कर 16,244 यूनिट पहुंच गई। कंपनी की कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री में EV की हिस्सेदारी पांचवें हिस्से से भी ज्यादा रही।
CRPF के महानिदेशक GP सिंह ने घोषणा की कि 30 अक्टूबर 2025 से 30 अक्टूबर 2026 के बीच बल में कोई भी ऑपरेशनल मौत नहीं हुई, जो 1979 के बाद से एक अभूतपूर्व उपलब्धि है।
CRPF के महानिदेशक जीपी सिंह ने इस उपलब्धि का श्रेय आधुनिक हथियारों और उपकरणों के साथ-साथ बेहतर ट्रेनिंग को दिया। इन्हीं प्रयासों की बदौलत CRPF ने लगातार 12 महीने तक किसी भी ऑपरेशनल कार्रवाई में एक भी जवान नहीं खोया।
CRPF ने यह उपलब्धि तब हासिल की, जब उसके जवान देश के प्रमुख ऑपरेशनल इलाकों में लगातार तैनात थे और सक्रिय रूप से अभियान चला रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई अहम ऑपरेशनल सफलताएं भी हासिल कीं।
इंडिया एक्जिम बैंक के अनुमान के मुताबिक, अक्टूबर-दिसंबर 2026 में भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट सालाना आधार पर 28.7% बढ़कर 141.8 बिलियन डॉलर पहुंच सकता है। यह देश के विदेशी व्यापार के लिए अच्छी संभावनाओं का संकेत है।
अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट 18.51% बढ़कर 259.89 अरब डॉलर पहुंच गया। यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है।
अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान चीन को भारत का निर्यात सालाना आधार पर 36% बढ़कर 11.4 बिलियन डॉलर पहुंच गया। यह चीन के साथ बढ़ते व्यापार को दर्शाता है।
पीएम मोदी ने 2030 तक रिन्यूएबल एनर्जी में ₹20 लाख करोड़ से अधिक के निवेश का अनुमान जताया, जबकि 2024 री-इन्वेस्ट समिट के बाद से ही इस सेक्टर ने ₹6 लाख करोड़ से ज्यादा आकर्षित किए हैं।
भारत ने 300 GW से अधिक नॉन-फॉसिल इंस्टॉल्ड कैपेसिटी पार कर ली है और 2030 तक 500 GW के लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ रहा है, जिसमें सोलर और विंड पावर की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।
"देश को हार्डवेयर चाहिए, स्टोरेज सुविधाएं चाहिए। हमें बैटरी स्टोरेज के लिए नई क्षमताएं तैयार करनी होंगी": पीएम मोदी