पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री सेल्वी जे. जयललिता के निधन पर शोक व्यक्त किया । उनका चेन्नई के अपोलो अस्पताल में 5.12.2006 को निधन हो गया था।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिवंगत जयललिता की याद में दो मिनट का मौन रखा और एक शोक प्रस्ताव भी पारित किया। इस प्रस्ताव का पाठ इस प्रकार हैः
“केंद्रीय मंत्रिमंडल चेन्नई के अपोलो अस्पताल में 5.12.2016 को तमिलनाडु की मुख्यमंत्री सेल्वी जे. जयललिता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करती है। उनके निधन से देश ने एक वरिष्ठ और प्रतिष्ठित नेता खो दिया, जिन्हें प्यार से “अम्मा” बुलाया जाता था।
24 फरवरी 1948 को मैसूर में जन्मीं सेल्वी जे. जयललिता ने अपनी शिक्षा बेंगलूरू के बिशप कॉटन गर्ल्स हाईस्कूल और प्रजेंटेशन कान्वेंट चर्च पार्क चेन्नई से प्राप्त की। तमिल, तेलुगू, कन्नड़, हिंदी, अंग्रेजी और मलयालम भाषा में बनी फिल्मों में उनका एक सफल करियर रहा। इसके अलावा वह भरतनाट्यम, मोहिनी अट्टम, कथक और मणिपुरी शास्त्रीय नृत्यों में पारंगत थीं। उन्हें 1972 में तमिलनाडु सरकार की ओर से कलईमामणि पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
सेल्वी जे जयललिता ने 1982 में राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा और एआईएडीएमके की सदस्य बनीं। वह 1984 में राज्यसभा की सदस्य चुनीं गईं। वह 1989 में तमिलनाडु विधानसभा के लिए चुनी गईं।
वह 1984 में लोकसभा आम चुनाव और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीत का अहम हिस्सा रहीं। 1989 में वह तमिलनाडु विधानसभा की पहली महिला नेता प्रतिपक्ष बनीं।
1991 में जयललिता तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं और जून 1991 से मई 1996, मई 2001 से सितम्बर 2001, मार्च 2002 से मई 2006, मई 2011 से सितम्बर 2014 और मई 2015 से 5.12.2016 तक इस पद पर रहीं।
तमिलनाडु की जनता ने अपना लोकप्रिय नेता खो दिया। सरकार और समूचे राष्ट्र की ओर से केंद्रीय मंत्रिमंडल तमिलनाडु के लोगों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती है।’’