पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल नेभारत और नाइजीरिया के बीच संशोधित हवाई सेवा करार(एएसए) पर हस्ताक्षर करने को मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे पहले इस समझौता पर 31 जनवरी 1978 को हस्ताक्षर किए गए थे। नवीनतम अंतर्राष्ट्रीय नागर विमानन संगठन(आईसीएओ) के मापदंडों के मुताबिक समझौते को अद्यतन किया गया है। इस करार से नागरिक उड्डयन क्षेत्र में और दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क में सुधार होगा।
संशोधित हवाई सेवा करार भारत और नाइजीरिया के बीच नागरिक उड्डयन संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही इससे दोनों देशों के बीच अधिक से अधिक व्यापार,निवेश,पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने मददगार साबित होने की संभावना है।
हवाई सेवा करार की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं-
• दोनों देश एक या एक से अधिक विमान सेवाओं को नामित करने के हकदार होंगे • नामित एयरलाइनों को बढ़ावा देने और हवाई सेवाओं की बिक्री के लिए एक दूसरे देश के क्षेत्र में कार्यालय स्थापित करने का अधिकार होगा
• दोनों पक्ष पूर्ण 3,4 और 5वीं स्वतंत्रता यातायात अधिकारों के साथ विमान के किसी भी प्रकार के साथ एक दूसरे के इलाके के बीच सभी कार्गो सेवाओं के किसी भी संख्या के संचालित करने को लेकर सहमत हुए हैं।
• नामित एयरलाइन वाणिज्यिक विचार विमर्श के आधार पर सेवाओं के संबंध में टैरिफ तय करने के लिए मुक्त हो जाएगा।
• प्रत्येक पक्ष के नामित एयरलाइन सहकारी विपणन व्यवस्था में प्रवेश कर सकते हैं।
• नए प्रावधानों के मुताबिक प्रत्येक पक्ष विनिर्दिष्ट मार्गों पर प्रति सप्ताह 7 बार हवाई सेवा संचालित कर सकते हैं।
• उपर्युक्त के अलावा, नए हवाई संपर्क करार के तहत निरसन या ऑपरेटिंग प्राधिकरण के निलंबन से संबंधित प्रावधान है, सेवाओं के संचालन सिद्धांतों, रूटिंग फ्लैक्सबिलिटी, वाणिज्यिक अवसरों, उड्डयन सुरक्षा, एएसए के भारतीय मॉडल में इसका प्रावधान है।