पीएमइंडिया
नमः पार्वती पतये, हर-हर महादेव।
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, संसद में मेरे साथी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान नितिन नवीन जी, उत्तर प्रदेश से सांसद और यूपी बीजेपी के अध्यक्ष श्रीमान पंकज चौधरी जी, जिला पंचायत अध्यक्षा बहन पूनम मौर्या जी, मंच पर उपस्थित काशी की महिला पार्षद और ग्राम प्रधान, अन्य जन प्रतिनिधिगण और विशाल संख्या में यहां पधारी मेरी माताएं, बहनें और बेटियां। आप सबको नमस्कार।
साथियों,
हमारी काशी माता श्रृंगार गौरी, माता अन्नपूर्णा, माता विशालाक्षी, माता संकठा और मां गंगा, ऐसी दिव्य शक्तियों की भूमि है। ऐसे में आप सभी बहनों-बेटियों के इस समागम ने, इस अवसर को बहुत दिव्य बना दिया है। हम काशी के इ भूमि पर, आप सब माई-बहिन के, काशी के बिटियन के प्रणाम करत हई!
साथियों,
आज का ये अवसर नारीशक्ति के वंदन और विकास का उत्सव तो है ही, थोड़ी देर पहले ही यहां हज़ारों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इसमें काशी में हर प्रकार के विकास से जुड़ी परियोजनाएं हैं। साथ ही, काशी और अयोध्या की कनेक्टिविटी बढ़ाने वाले काम भी हैं। कुछ देर पहले दो अमृत भारत ट्रेनों को हरी-झंडी दिखाई गई है। काशी से पुणे और अयोध्या से मुंबई, ये दोनों अमृत भारत ट्रेनें, यूपी और महाराष्ट्र की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगी। अब मुंबई-पुणे सहित, पूरे महाराष्ट्र के लोगों को अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम पहुंचने का एक और आधुनिक विकल्प मिल गया है। मैं इस शुभारंभ के लिए देशवासियों को बधाई देता हूं।
साथियों,
भारत को विकसित बनाने का मिशन अनवरत चल रहा है, और जब मैं विकसित भारत की बात करता हूं, तो उसका सबसे मजबूत स्तंभ भारत की नारीशक्ति है। आज इस कार्यक्रम में आप सभी बहनों-बेटियों से एक महायज्ञ की शुरुआत के लिए आशीर्वाद लेने के लिए मैं आया हूं। काशी के सांसद के तौर पर, देश के प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे देशहित के एक बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आप सबका आशीर्वाद चाहिए, और ये बड़ा लक्ष्य है- लोकसभा-विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण को लागू करना। अभी कुछ दिन पहले सपा और कांग्रेस जैसे दलों की वजह से हमारा ये प्रयास संसद में सफल नहीं हो पाया। लेकिन मैं आप सभी बहनों को फिर से भरोसा देता हूं, आपके आरक्षण का हक लागू हो, इसमें कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ूंगा।
साथियों,
घर में महिला के सशक्त होने से पूरे परिवार को ताकत मिलती है, इससे समाज मजबूत होता है, देश मजबूत होता है। अतीत में बहनों-बेटियों को बहुत संघर्ष करना पड़ा है। काशी की आप बहनों ने भी कई तरह की मुश्किलें देखी हैं, आपने भी कितनी ही चुनौतियों का सामना किया है। बेटियों को अक्सर अनेक प्रकार के सवालों से गुजरना पड़ता था, तुम ये करके क्या करोगी? तुम्हें इसकी क्या जरूरत है? तू का करबू, तोहे का जरूरत ह, तू चुप रह, इ काम तोहसे ना हो पाई। और कई बार तो सवाल भी नहीं पूछे जाते थे, सीधे फरमान सुनाया जाता था, ये तुम्हारे बस का काम नहीं है।
साथियों,
ऐसी परिस्थितियां सिर्फ काशी की बहनों के लिए रही हों, ऐसा नहीं है, देश की अधिकतर बहन-बेटियों के ऐसे ही अनुभव रहे हैं, और इसको सहज मान लिया जाता था। इसलिए मैं जब 25 साल पहले गुजरात में मुख्यमंत्री बना था, तो सबसे पहले मैंने ऐसी धारणाओं को तोड़ने का प्रयास किया। उस दौरान बेटियों के लिए समर्पित दो बड़ी योजनाएं शुरू की गई थीं। एक थी- शाला प्रवेशोत्सव, स्कूल में बच्चियों को एडमिशन, ताकि बेटियां ज्यादा संख्या में स्कूल पहुंचें, बीच में ही उनका स्कूल न छूटे। और दूसरी थी- मुख्यमंत्री कन्या केलवणी निधि, ताकि बेटियों की फीस में उनकी मदद की जा सके।
साथियों,
तब से लेकर आज तक हमारी सरकार की नीतियों में निरंतर महिला कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। 2014 में आपने हमें सेवा का अवसर दिया, तो देश में 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बने, इज्जत घर बने। 30 करोड़ से ज्यादा बहनों के बैंक खाते खुलें। ढाई करोड़ से ज्यादा घरों में बिजली का कनेक्शन दिया गया। 12 करोड़ से ज्यादा घरों में नल से जल पहुंचाया गया। यानि, अनेक बड़ी योजना के केंद्र में बहनों-बेटियों को रखा गया।
साथियों,
दो साल पहले यहां बनारस में सुकन्या समृद्धि योजना से जुड़ा बहुत बड़ा अभियान चलाया था। उस समय एक ही महीने में यहां काशी में 27 हजार बेटियों के सुकन्या समृद्धि खाते खुलवाए थे, और हर बेटी के बैंक खाते में 300 रुपए भी ट्रांसफर किए गए थे। बेटियों की शिक्षा में और बेहतर भविष्य में सुकन्या समृद्धि योजना बड़ी भूमिका निभा रही है। इस योजना से बेटियों की पढ़ाई को बल मिला है, और मुद्रा योजना से बेटियों की कमाई सुनिश्चित हुई है। वहीं, मातृवंदन योजना और आयुष्मान भारत योजना से बहनों-बेटियों की दवाई का इंतज़ाम किया गया है।
साथियों,
पढ़ाई, कमाई और दवाई के साथ ही करोड़ों बहनों के नाम पर पहली बार कोई प्रॉपर्टी रजिस्टर हुई है। पीएम आवास योजना के ज्यादातर घर भी बहनों के नाम पर होते हैं। आज हमार माई बहिन सही में अपने घर क मलकिन बनत हईन।
साथियों,
हमारी सरकार का पूरा ज़ोर, बहनों की सुविधा और सुरक्षा पर रहा है। यही दो चीज़ें है, जो सशक्तिकरण की नींव मजबूत करती हैं। आपने यहां यूपी में अपनी आंखों के सामने हालात बदलते देखे हैं। कुछ साल पहले तक, जब यहां समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तो यूपी में बेटियों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया था। लेकिन अब बीजेपी सरकार में बेटियों के विरुद्ध गलत सोच रखने वाला अच्छे से जानता है कि उसका अंजाम क्या होगा।
साथियों,
भारतीय न्याय संहिता ने भी बहनों-बेटियों को सुरक्षा का नया भरोसा दिया है। इसके तहत, महिलाओं के विरुद्ध गंभीर अपराधों में तेज़ी से फैसले आने लगे हैं। इसी प्रकार, महिला थानों और परामर्श केंद्रों का नेटवर्क भी निरंतर बढ़ रहा है। आज यहां भी, एक महिला पुलिस चौकी और परामर्श केंद्र के भवन पर काम शुरु हुआ है। ऐसे कदम, बेटियों को सुरक्षा की गारंटी देते हैं।
साथियों,
जब महिलाओं की आर्थिक शक्ति बढ़ती है, तो घर में उनकी आवाज भी उतनी ही बुलंद होती जाती है। इसलिए, सुविधा और सुरक्षा का विश्वास देने के साथ-साथ हमने बहनों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया है। बीते 11 वर्षों में देश की करीब 10 करोड़ बहनें सेल्फ हेल्प ग्रुप्स में जोड़ी गई हैं। काशी की भी सवा लाख बहनें ऐसे समूहों से जुड़ी हैं। इन समूहों को लाखों रुपए की मदद मिल रही है, जिससे बहनें अपना काम कर रही हैं। ऐसे ही प्रयासों से अब तक 3 करोड़ बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं, 3 करोड़ लखपति दीदी, और इसमें बनारस की भी हज़ारों बहनें शामिल हैं।
साथियों,
लखपति दीदी अभियान को गति देने में हमारे डेयरी सेक्टर की भी बड़ी भूमिका है। यहां, बनास डेयरी से जुड़ी लाखों बहनें बहुत ही शानदार काम कर रही हैं। आज इन बहनों को बोनस के रूप में एक सौ छह करोड़ रुपए सीधे मिले हैं। मैं इन सभी बहनों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मैं काशी में डेयरी सेक्टर से जुड़ी महिलाओं से कहूंगा- अबहीं त शुरुआत भइल हौ, बनारस बढ़ी, बनास डेरी बढ़ी और इ बोनस भी बढ़त जाई।
साथियों,
बीजेपी-एनडीए सरकार बहनों को आत्मनिर्भर भी बना रही है और विकसित भारत बनाने के लिए चल रहे अभियान का नेतृत्व भी दे रही है। डिजिटल पेमेंट्स को आगे बढ़ाने में हज़ारों बैंक सखियों की बड़ी भूमिका है। बीमा और इंश्योरेंस से जुड़े काम को बीमा सखियों का नेतृत्व मिल रहा है। प्राकृतिक खेती के काम को आगे बढ़ाने में कृषि सखियां बड़ी भूमिका निभा रही हैं। और खेती में जो ड्रोन क्रांति आ रही है, उसका नेतृत्व भी हमारी नमो ड्रोन दीदियां ही कर रही हैं। बीते दशक में, बेटियों के लिए थल सेना, नौसेना और वायुसेना में नए अवसर मिले हैं। पहली बार सैनिक स्कूलों और डिफेंस अकेडमी के दरवाजे भी बेटियों के लिए खोले गए हैं। यानि, बीजेपी-एनडीए सरकार का मतलब ही है- नारी का सशक्तिकरण, नारी का उत्थान, नारी का जीवन आसान।
साथियों,
आज हर क्षेत्र में, हर मोर्चे पर भारत की बेटियां इतना शानदार काम कर रही हैं, तो स्वाभाविक है, नीति निर्माण, राष्ट्र के भविष्य से जुड़े फैसलों में भी बहनों-बेटियों की भूमिका और बढ़नी ही चाहिए। देश को आज इसकी बहुत ज़रूरत है। इसके लिए भी ईमानदारी से काम किया जा रहा है। देश की नई संसद बनाने के पीछे भी बहनों की भागीदारी का विचार एक बड़ा कारण था। नई संसद बनी, तो पहला काम हमने महिलाओं को तैंतीस परसेंट आरक्षण देने का ही किया। 40 साल से बहनों का ये अधिकार अटका और लटका हुआ था। इसलिए हमने साल 2023 में संसद में नारीशक्ति वंदन अधिनियम पारित करवाया।
साथियों,
कानून बनने के बाद उसे लागू किया जाना जरूरी होता है। अब ये ज़रूरी है कि ये कानून जल्द से जल्द लागू हो। इसलिए, पिछले दिनों संसद में इसको लेकर चर्चा रखी गई थी। संविधान में संशोधन के लिए हम कानून लाए थे। ये संशोधन ऐसा था, जिसके बाद ज्यादा संख्या में बहनें विधानसभा और संसद में पहुंच पातीं।
लेकिन साथियों,
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके जैसी पार्टियों ने एक बार फिर देश की महिलाओं को धोखा दिया। ऐसे दलों ने 40 साल से महिला आरक्षण पर ब्रेक लगाया हुआ था। अब समाजवादी पार्टी ने फिर से इसे लाल झंडी दिखा दी है।
साथियों,
असली बात ये है कि ये सारे परिवारवादी और तुष्टिकरण में डूबे दल, नारीशक्ति से डरे हुए हैं, आप सभी से डरे हुए हैं। ये परिवारवादी दल, देश की उन बेटियों को विधानसभा और संसद नहीं आने देना चाहते, जो कॉलेज कैंपस से लेकर पंचायतों, स्थानीय निकायों तक, हर जगह अपने दम पर नेतृत्व दे रही हैं। ये जानते हैं कि अगर धरातल पर काम करने वाली बेटियां ऊपर आ गईं, तो इनका नियंत्रण खत्म हो जाएगा, इनकी सत्ता पर सवाल खड़े हो जाएंगे। इसलिए ही जो परिवारवादी दल हैं, ये संसद में हुए विरोध में सबसे आगे रहे हैं।
साथियों,
मुझे संतोष है कि देश की बहनें-बेटियां इनकी इस कुटिल मंशा को पहचान गई हैं। आप देख रहे हैं, असम, केरलम, पुडुचेरी, बंगाल और तमिलनाडु में बहनों ने रिकॉर्ड मतदान किया है। महिला आरक्षण विरोधी दलों को अंदाजा नहीं है कि बहनों का ये वोट महिला विरोधी इन दलों को सज़ा देने के लिए हुआ है।
साथियों,
बीजेपी-NDA सरकार का एक ही मंत्र है- नागरिक देवो भव। देश के नागरिकों की पढ़ाई, कमाई, दवाई, सिंचाई और सुनवाई, ये हमारी प्राथमिकता है। इसी भाव के साथ आज यहां काशी के विकास को भी विस्तार दिया गया है। गंगाजी पर सिग्नेचर ब्रिज बनने से, पूर्वांचल की कनेक्टिविटी और सशक्त होगी।
साथियों,
बीते एक दशक में काशी, उत्तर और पूर्वी भारत का एक बड़ा आरोग्य हब बनकर उभरा है। 500 बेड का मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, काशी के हेल्थकेयर इकोसिस्टम को और मजबूत करेगा। इसके अलावा, सौ बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का भी शिलान्यास किया गया है। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए एक बहुत बड़ी सुविधा काशी में जुड़ेगी।
साथियों,
गंगा जी की साफ-सफाई हो, घाटों के विकास से जुड़ा काम हो, यहां शासन-प्रशासन से जुड़े भवनों का निर्माण हो, हरहुआ और भवानीपुर में किसानों के लिए भंडारण सुविधाएं हों, वृद्धाश्रम हो, महिला छात्रावास हो, ये सब काशी के संवेदनशील विकास का ही प्रमाण हैं। इन कार्यों से बनारस के लोगों को ही सबसे ज्यादा फायदा हो रहा है।
साथियों,
काशी की विरासत, यहां की धरोहर को सशक्त करने का अभियान भी निरंतर चल रहा है। संत कबीर स्थली का विकास और नगवा स्थित संत रविदास पार्क का जीर्णोद्धार, ये हमारे इसी अभियान का हिस्सा है।
साथियों,
हमारी काशी, अविनाशी है, ये अनवरत चलने वाला शहर है। इसी तरह, विकास का ये अभियान भी निरंतर गतिमान है। मैं नारीशक्ति का वंदन करते हुए, एक बार फिर हमें आशीर्वाद देने के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं, और विकास कार्यों के लिए शुभकामनाएं देता हूं। मेरे साथ बोलिए-
भारत माता की जय।
भारत माता की जय।
भारत माता की जय।
वंदे मातरम। वंदे मातरम। वंदे मातरम।
हर-हर महादेव।
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MJPS/ST/RK
देश के नीति-निर्धारण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। वाराणसी में महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहा हूं। https://t.co/ibR9RbyYlB
— Narendra Modi (@narendramodi) April 28, 2026
भारत को विकसित बनाने का मिशन अनवरत चल रहा है।
— PMO India (@PMOIndia) April 28, 2026
और जब मैं विकसित भारत की बात करता हूं... तो उसका सबसे मजबूत स्तंभ भारत की नारीशक्ति है: PM @narendramodi
कांशी के सांसद के तौर पर... देश के प्रधानमंत्री के तौर पर... मुझे देशहित के एक बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आपका आशीर्वाद चाहिए।
— PMO India (@PMOIndia) April 28, 2026
और ये बड़ा लक्ष्य है- लोकसभा-विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण को लागू करना: PM @narendramodi
हमारी सरकार की नीतियों में निरंतर महिला कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) April 28, 2026
सुविधा और सुरक्षा का विश्वास देने के साथ-साथ... हमने बहनों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया है: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) April 28, 2026
वाराणसी के महिला सम्मेलन में हमारी नारीशक्ति की सहभागिता अत्यंत प्रेरणादायक रही। pic.twitter.com/HzJ1J8Fg88
— Narendra Modi (@narendramodi) April 28, 2026
हमारी सरकार की नीतियों के केंद्र में बहनों-बेटियों को रखा गया है। काशी में महिला सम्मेलन का अवसर भी नारीशक्ति के वंदन और विकास का उत्सव है। pic.twitter.com/50CCe34wK4
— Narendra Modi (@narendramodi) April 28, 2026
उत्तर प्रदेश में बनास डेयरी से जुड़ी लाखों बहनें बहुत ही शानदार काम कर रही हैं। आज इन बहनों को सीधे उनके बैंक खातों में बोनस मिले हैं। मैं इन सभी बहनों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। pic.twitter.com/xQHGYUpUOf
— Narendra Modi (@narendramodi) April 28, 2026
देश की बहनें-बेटियां महिला आरक्षण पर ब्रेक लगाने वाले परिवारवादी और तुष्टिकरण में डूबे दलों की कुटिल मंशा को पहचान गई हैं। असम, केरलम, पुडुचेरी, बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान इन्हें सजा देने के लिए ही है। pic.twitter.com/gSCbNC684g
— Narendra Modi (@narendramodi) April 28, 2026
कनेक्टिविटी हो, हेल्थकेयर इकोसिस्टम हो या फिर काशी की विरासत का संरक्षण, यहां के लोगों का जीवन आसान बनाने के लिए हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। pic.twitter.com/uJUJT4vser
— Narendra Modi (@narendramodi) April 28, 2026