ভারতকী প্রধানমন্ত্রী
প্রধান মন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদীনা ঙসি সোম্নাথ অম্রুত মহোতসবতা পীখিবা মহাক্কী ৱারোল খরা লান্থোক্লদুনা মহোতসব অসি হৌখিবশিংবু পালন তৌবদা নত্তনা মসি ভারতকী মথংগী চহি লিশিং অমগী ইনোৎ অমনি হায়না ফোংদোকখ্রে।
এক্সকী পোস্তকী পরিং অমদা, প্রধান মন্ত্রীনা অসুম্না ইখি:
“সোমনাথ অমৃত মহোৎসব অসি হৌখিবশিংবু পালন তৌবা খক্তমক নত্তে। মসি মথংগী চহী লিশিং অমগীদমক ভারতপু ইথিল পীনবগী থৌরম অমসুনি।”
75 वर्ष पहले जब पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा हुई, तब भारत ने एक नई यात्रा शुरू की। आज यह यात्रा और अधिक व्यापक स्वरूप में हमारे सामने है, जिसे हमें नई ऊंचाई पर लेकर जाना है। pic.twitter.com/446QkWrUfn
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
“১৯৯৮দা পোখরনদা ন্যুক্লিয়র তেস্ত তৌখিবগা লোয়ননা মালেম অসিনা ভারতকী সাইন্তিস্তশিংগী শক্তি অদু খঙখি। মসিগী মতুংদা লৈবাক অসিনা খুদোংচাদবা খুদিংমক্তা মপাঙ্গল কন্না থেংনখি।”
वर्ष 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण के साथ दुनिया ने भारत के वैज्ञानिकों के सामर्थ्य को महसूस किया। इसके बाद देश ने हर तरह के संकट का जिस मजबूती से मुकाबला किया, उससे दुनिया भी हैरान रह गई। pic.twitter.com/l4FYmAr5Kp
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
“সর্দার পতেল, দোক্তর. রাজেন্দ্র প্রসাদ অমসুং কে. এম. মুন্সিজী য়াওনা ঐখোয়গী লৈবাক অসিদা অসুম্না মশীং থীঙমদ্রবা অৱাংবা থাক্কী মীওইশিং লৈরি, মখোয়না সোমনাথকী সেবাদা পুম্নমক কৎথোকখি। মহাক্কী মিংচৎনা ঐখোয় ভারত মচাশিংদা ঐখোয়গী কলচরেল হেরিতেজ অসিবু লেপ্তনা মাংলোমদা পুখৎনবা ইথিল পীরি ।”
सरदार पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और के. एम. मुंशी जी सहित हमारे देश में ऐसी अनगिनत महान विभूतियां हुई हैं, जिन्होंने सोमनाथ की सेवा में सर्वस्व अर्पित कर दिया। उनका पुण्य स्मरण हमें प्रेरणा देता है कि हम भारतवासियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को निरंतर आगे बढ़ाना है। pic.twitter.com/8s9pKMU1F0
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
” ঐখোয়গী চৎনবীগী মফমশিং অসি চহি লিশিং কয়াদগী ভারতকী মশক ওইদুনা লাক্লি। অদুবু লাইবক থিবদি লৈবাক অসিদা ঙসি ফাওবা সোমননাথকুম্বা মফমশিং অসিগী মগুন খঙবীদবা মীওই কয়া অমা লৈরি।”
हमारे सांस्कृतिक स्थल हजारों वर्षों से भारत की पहचान रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्य से देश में आज भी ऐसे लोग हैं, जिनके लिए सोमनाथ जैसे राष्ट्रीय स्वाभिमान के विषय से ज्यादा जरूरी तुष्टिकरण है। pic.twitter.com/5nkVL6lWrO
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
“লৈবাক শীনবা থুংনা লৈরিবা লাইনিংগী মফমশিং চাউখৎহন্নবা ঐহাক্না থৌনা ফনা থৌদাং লৌখি। পব্লিক সোমনাথ কমপ্লেক্স অসিসু মসিগী ময়েক শেংবা খুদম অমনি। “
मुझे देशभर के पवित्र तीर्थों के विकास का सौभाग्य मिला है। पवित्र सोमनाथ परिसर भी इसका एक सशक्त उदाहरण है। pic.twitter.com/rmJ1aMJL0s
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
“চহি ৭৫গী মমাংদা, অমুক হন্না শেমজিন শাজিনখিবা সোমনাথ লাইশঙদা প্রাণ-প্রতিষ্ঠা পাংথোকখিবা মতমদা, ভারতনা অনৌবা খোঙচৎ অমা হৌখি। ঙসিদি, ঐখোয়না অনৌবা অৱাংবা থাক্তা পুখৎকদৌরিবা অসি হেন্না পাক চাউবা খোঙচৎ অমনি।”
75 वर्ष पहले जब पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा हुई, तब भारत ने एक नई यात्रा शुरू की। आज यह यात्रा और अधिक व्यापक स्वरूप में हमारे सामने है, जिसे हमें नई ऊंचाई पर लेकर जाना है। pic.twitter.com/446QkWrUfn
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
सोमनाथ अमृत महोत्सव केवल अतीत का उत्सव नहीं है। यह अगले एक हजार वर्षों के लिए भारत की प्रेरणा का महोत्सव भी है। pic.twitter.com/8Zyqp3CqwN
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
वर्ष 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण के साथ दुनिया ने भारत के वैज्ञानिकों के सामर्थ्य को महसूस किया। इसके बाद देश ने हर तरह के संकट का जिस मजबूती से मुकाबला किया, उससे दुनिया भी हैरान रह गई। pic.twitter.com/l4FYmAr5Kp
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
सरदार पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और के. एम. मुंशी जी सहित हमारे देश में ऐसी अनगिनत महान विभूतियां हुई हैं, जिन्होंने सोमनाथ की सेवा में सर्वस्व अर्पित कर दिया। उनका पुण्य स्मरण हमें प्रेरणा देता है कि हम भारतवासियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को निरंतर आगे बढ़ाना है। pic.twitter.com/8s9pKMU1F0
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
हमारे सांस्कृतिक स्थल हजारों वर्षों से भारत की पहचान रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्य से देश में आज भी ऐसे लोग हैं, जिनके लिए सोमनाथ जैसे राष्ट्रीय स्वाभिमान के विषय से ज्यादा जरूरी तुष्टिकरण है। pic.twitter.com/5nkVL6lWrO
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
मुझे देशभर के पवित्र तीर्थों के विकास का सौभाग्य मिला है। पवित्र सोमनाथ परिसर भी इसका एक सशक्त उदाहरण है। pic.twitter.com/rmJ1aMJL0s
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
75 वर्ष पहले जब पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा हुई, तब भारत ने एक नई यात्रा शुरू की। आज यह यात्रा और अधिक व्यापक स्वरूप में हमारे सामने है, जिसे हमें नई ऊंचाई पर लेकर जाना है। pic.twitter.com/446QkWrUfn
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026