पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत का एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि निरंतर प्रयासों से धीरे-धीरे ज्ञान, धन और धर्म की प्राप्ति की जा सकती है।
प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया-
“जलबिन्दुनिपातेन क्रमशः पूर्यते घटः।
सः हेतुः सर्वविद्यानां धर्मस्य च धनस्य च।।”
श्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया:
“जलबिन्दुनिपातेन क्रमशः पूर्यते घटः।
सः हेतुः सर्वविद्यानां धर्मस्य च धनस्य च।।
जलबिन्दुनिपातेन क्रमशः पूर्यते घटः।
सः हेतुः सर्वविद्यानां धर्मस्य च धनस्य च।। pic.twitter.com/BY1XAJP4Yt
— Narendra Modi (@narendramodi) May 18, 2026
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पीके/केसी/एके/ओपी
जलबिन्दुनिपातेन क्रमशः पूर्यते घटः।
— Narendra Modi (@narendramodi) May 18, 2026
सः हेतुः सर्वविद्यानां धर्मस्य च धनस्य च।। pic.twitter.com/BY1XAJP4Yt