पीएमइंडिया
भारत माता की जय। भारत माता की जय।
हरियाणा के राज्यपाल श्री असीम घोष जी, यहां के लोकप्रिय और ऊर्जावान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी अश्विनी वैष्णव जी, उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधिगण, और इस समय टेक्नोलॉजी के माध्यम से भी हरियाणा के अनेक स्थान पर उपस्थित सभी मेरे प्यारे हरियाणा के भाईयों और बहनों!
ये कुछ फोटो वोटो लाए हैं ले लो भाई, वरना पीछे किसी को दिखाई नहीं देगा। जरा एसपीजी के लोग कलेक्ट कर लें इसको। धन्यवाद भाई आप बढ़िया चित्र बनाकर के लाए हो, धन्यवाद आपका। उधर एक छोटी बच्ची भी कुछ लेकर के आई है, जरा कलेक्ट कर लीजिए। इधर भी दो सज्जन दिख रहे हैं। और फिर आराम से बैठ जाइये सब लोग। आपके प्यार के लिए, आपकी इस कला साधना के लिए मैं आप सबका धन्यवाद करता हूं जी।
साथियों,
जींद की इस गौरवशाली भूमि से, आप सभी को मेरी राम-राम! आज इस पवित्र धरती पर आकर
मन गदगद हो गया है। यो कोई साधारण धरती नहीं सै। यो धरती इतिहास, वीरता, धर्म और गौरव की धरती सै। शक्ति पीठ माता जयंतियां का नाम और आशीर्वाद इस शहर पर बना रहता है। और मेरे लिए तो जींद आना, पुरानी यादों का झरोखा खोलने जैसा है। मैं यहां बैठे बैठे कई चेहरे देख रहा था पुराने, सारे परिचित चेहरे, बहुत लोगों ने तो क्लेम करते होंगे, कि मैं उनके स्कूटर पर जींद में आया करता था। कई दशक पहले, मैं संगठन के काम से पहली बार जींद आया था। फिर आप लोगों ने मुझे जो अपनत्व दिया, जो प्रेम दिया, वो आज तक मैं भूला नहीं हूं। मुर्रा भैंस का दूध-दही और घी, जींद का देसी बुरा, और यहां का घेवर, ये वो यादें हैं, जो जींद से जुड़ ही जाती हैं।
साथियों,
इतने वर्षों में जींद का घी और घेवर तो नहीं बदला, लेकिन जींद के तेवर बदल गए हैं। आज जींद, बीजेपी-एनडीए के सुशासन मॉडल की तस्वीर बन रहा है। बीते वर्षों में पूरा हरियाणा ही, विकास की नई पटरी पर चल पड़ा है। आज का ये कार्यक्रम, डबल इंजन की बीजेपी सरकार के इसी मिशन को, नई ऊर्जा से भर रहा है।
साथियों,
आज जींद का, हरियाणा का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। आज यहां से, देश को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिली है।
आपको याद होगा साथियों,
आज भी हम पढ़ते हैं, सुनते हैं कि भारत में पहली ट्रेन बॉम्बे से ठाणे के बीच चली थी, जिसे आज मुंबई कहते हैं। वैसे ही भविष्य में जब भी हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र आएगा, तो जींद का, सोनीपत का, हरियाणा का नाम भी आएगा ही आएगा। मैं आप सभी को, पूरे देश को, भारतीय रेल की आधुनिकता से जुड़े इस बड़े कदम के लिए, बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
साथियों,
आज 14 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के अन्य प्रोजेक्ट्स भी हरियाणा को मिले हैं। इसमें रेलवे के, हाईवे के अनेक प्रोजेक्ट्स हैं, हमारी विरासत से जुड़े प्रोजेक्ट्स हैं, और दो नए मेडिकल कॉलेज भी हरियाणा की सेवा के लिए समर्पित हुए हैं। भिवानी में, पंडित नेकी राम शर्मा मेडिकल कॉलेज, और नारनौल में, महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज और राव तुलाराम अस्पताल इससे हरियाणा की स्वास्थ्य सेवा और सशक्त होगी। साथ ही, इससे यहां के नौजवानों के लिए, डॉक्टर और अन्य मेडिकल प्रोफेशनल्स बनने के नए रास्ते भी बनेंगे। इन सभी प्रोजेक्ट्स के लिए भी हरियाणा के मेरे सभी भाई-बहनों को बहुत-बहुत बधाई।
साथियों,
आज जींद और हरियाणा के लोगों की मैं एक और बात के लिए सराहना करूंगा। स्वच्छता से स्वागत पहल को आपने जिस गंभीरता से लिया है, जिस तरह मेरे आने से पहले यहां के लोग स्वच्छता अभियान में नए सिरे से, नई ऊर्जा से जुटे हैं, वो दिल खुश कर देने वाला है। और मैं देख रहा था, पिछले एक सप्ताह से सोशल मीडिया मे आपका ये जो सफाई अभियान चल रहा है, उसकी भारी चर्चा रही है। लेकिन कुछ लोगों ने ये भी कहा है सोशल मीडिया में, मोदी जी आप बार-बार आइये, ताकि हमारा जींद स्वच्छ रहे। जिस महाशय ने ये भाव व्यक्त किया है, मैं उनका धन्यवाद करता हूं, लेकिन मैं जींद वालों से आज कुछ मांगने आया हूं। आप मुझे बताइये, क्या इस सफाई के लिए, ये स्वच्छता के लिए, मोदी का आना जरूरी है क्या? अगर जींद के लोग तय कर लें, हरियाणा के लोग तय कर लें, कि अब हम गंदगी नहीं करेंगे, तो जींद कभी गंदा होगा क्या? हरियाणा में गंदगी आएगी क्या? तो काम एक ही करना है, मोदी के आने कि जरूरत नहीं है, सिर्फ आप तय कर लीजिए, स्वच्छता ही हमारा स्वभाव बना देंगे, स्वच्छता ही हमारे संस्कार बना देंगे, हम स्वच्छता को इसी तरह अपनी हर दिन की जिंदगी का हिस्सा बनाएंगे।
साथियों,
अगर हम रेलवे के इतिहास पर नजर डालें, तो पाते हैं कि उन्नीसवीं सदी के रेलवे की पहचान स्टीम इंजन से बने थे। बीसवीं सदी की पहचान, डीजल और बिजली से चलने वाली रेल बनी, और अब इक्कीसवीं सदी की रेल हाइड्रोजन से चलने वाली है। आज भारतीय रेल ने भी, इक्कीसवीं सदी की इस टेक्नोल़ॉजी में एक बड़ा स्टेप लिया है। आज जींद से सोनीपत के बीच, हाइड्रोजन ट्रेन चली है। अभी ये सफर 90 किलोमीटर का है, लेकिन भविष्य में इसका विस्तार होने की बहुत संभावनाएं हैं। हम इस पर रिसर्च करते रहेंगे, लागत कम कैसे हो, इसका तरीका ढूंढते रहेंगे, efficiency कैसे बढ़े, इस पर काम करते रहेंगे, और बड़ी जांच पड़ताल करते-करते एक के बाद एक कदम उठाते जाएंगे। दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेन अभी-अभी आई है, करीब 7-8 साल पहले ही अस्तित्व में आई है। अभी दुनिया के 3 या 4 देश ही हैं, जिनके पास हाइड्रोजन ट्रेन चलाने का सामर्थ्य है। और जिन देशों में अभी ऐसी हाइड्रोजन ट्रेन चल भी रही है, वहां बहुत शुरुआती दौर में है। लेकिन भारत की जो ये हाइड्रोजन ट्रेन है, उसके सामर्थ्य के बारे में सुनकर आपको भी गर्व होगा, एक-एक हिन्दुस्तानी को गर्व होगा।
साथियों,
जींद से सोनीपत को चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की, दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन है। ये हाइड्रोजन ट्रेन, बत्तीस सौ हॉर्स पावर की है। Three Thousand Two Hundred Horse Power और सबसे ताकतवर ही नहीं, भारत की हाइड्रोजन ट्रेन, सबसे लंबी भी है। दुनिया में जहां हाइड्रोजन ट्रेन चल रही है, वो तीन या चार कोच वाली हैं। और भारत ने पहली बार में सीधे 10 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेन चलाकर, दुनिया में अपना झंडा गाड़ दिया है।
साथियों,
मैं आपको गर्व की एक और बात बताना चाहता हूं। भारत की ये हाइड्रोजन ट्रेन, धुआं रहित तो है ही, ये मेक इन इंडिया का भी एक बहुत सफल उदहारण है। इस हाइड्रोजन ट्रेन को भारत के ही इंजीनियर्स ने डिज़ायन किया है, भारत की ही कंपनी ने इसको बनाया है।
साथियों,
ये हाइड्रोजन ट्रेन, बाकी ट्रेनों से बिल्कुल अलग है। इसके लिए पूरा सिस्टम अलग चाहिए, पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर अलग चाहिए, यहां जींद में भी इसके लिए तमाम सारी व्यवस्थाएं बनाई गई हैं, और साथियों, आने वाले समय में यहां हाइड्रोजन ट्रेन से जुड़ा और भी इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा, नई-नई फैक्ट्रियां लगेंगी, जो हाइड्रोजन ट्रेन नेटवर्क की ज़रूरतों को पूरा करेंगी। यानी इस ट्रेन से, हरियाणा के नौजवानों के लिए रोजगार के अनेक नए अवसर बनने तय हैं।
साथियों,
पिछले 12 वर्षों में भारतीय रेल में जो ये बड़े बदलाव हुए, इससे भारत को एक और फायदा हुआ है। आप देख रहे हैं, कि पिछले कई महीनों से पश्चिमी एशिया में, होर्मुज के पूरे क्षेत्र में, ईरान और गल्फ में युद्ध चल रहा है, और जिस समुद्री रास्ते से होर्मुज से भारत, बहुत बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीज़ल-एलपीजी गैस, हमारे किसानों के लिए खाद, उसी रास्ते से आता है, उसी समुद्री मार्ग से आता है। लेकिन पिछले 3-4 महीनों से ये रास्ता, निरंतर युद्ध का मैदान बन चुका है, संकटों से घिरा हुआ है।
साथियों,
अगर 2014 से पहले अगर ये स्थिति आती, तो आज हिन्दुस्तान का रेलवे का काम पूरा का पूरा ठप पड़ा गया होता। क्योंकि उस समय 2014 में, देश का बहुत बड़ा हिस्सा ऐसा था, जहां हमारी ट्रेनें सिर्फ और सिर्फ डीजल से चलती थीं। अब आप सोचिए, अगर डीजल आना बंद हो गया होता, आज डीजल से चलने वाली ट्रेनें कैसे चलती? देश कितने बड़े संकट में आ जाता।
लेकिन साथियों,
2014 की स्थिति नहीं है ये, ये मोदी है। बहुत पहले सोचता भी है और समस्या के समाधान के रास्ते भी जमीन पर उतारता है। आप सोचिये, भारतीय रेल के बिजलीकरण की शुरुआत, ये सुनकर भी चौंक जाएंगे आप लोग, बिजलीकरण की शुरूआत 1925 में हुई थी। यानी करीब 100 साल पहले। 1925 से लेकर साल 2014 तक, यानी करीब 90 साल में पूरे देश का जो रेल नेटवर्क था, उसका सिर्फ 30 प्रतिशत, 30 पर्सेंट, एक तिहाई से भी कम रेल नेटवर्क का बिजलीकरण हो पाया था। 70 पर्सेंट क्षेत्र डीजल से चलता था। और जिस गति से 90 साल में 30 प्रतिशत काम हुआ, तो 100 प्रतिशत होते होते 300 साल लग जाते, 200 और लगते। भारतीय रेलवे का बिजलीकरण शायद नहीं हो पाता। डीजल से ही रेल चलती। लेकिन बीते 12 वर्षों में, भारत के करीब 99%, प्रतिशत रेल नेटवर्क का बिजलीकरण हो चुका है। हरियाणा में रेल-नेटवर्क का शत-प्रतिशत बिजलीकरण हो गया है। इस वजह से लड़ाई होने के बावजूद भी, तेल का संकट पैदा होने के बावजूद भी, भारत की रेल रूकी नहीं है। भारत की विकास की गाड़ी अटकी नहीं है, ट्रेनें निरंतर चलती रहीं।
साथियों,
रेल हो, रोड हो, कनेक्टिविटी का ऐसा काम, सुविधा भी देता है, और विकास की गति भी कई गुना बढ़ा देता है। आज जींद, जो इतने सारे हाइवे से जुड़ रहा है, अभी इस मंच से भी तीन बड़े प्रोजेक्ट्स शुरु हुए हैं। दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के हरियाणा वाले हिस्से का लोकार्पण हुआ है। जींद-गोहाना नेशनल हाईवे भी राष्ट्र को समर्पित किया गया है। इसके अलावा, अंबाला-कालाअंब फोरलेन से भी, हरियाणा और हिमाचल, दोनों राज्यों के लोगों को बहुत सुविधा होगी।
साथियों,
अब जींद देश का ऐसा जिला बन गया है, जो पांच-पांच नेशनल हाइवे से कनेक्टेड है। ऐसी कनेक्टिविटी से, यहां के किसानों और पशुपालकों की उपज को बड़ी मंडियों तक पहुंचाना आसान और सस्ता होगा। इससे उद्योगों को बल मिलेगा, पर्यटन को पंख लगेंगे, और इससे बड़ी संख्या में नए रोजगार भी बनेंगे।
साथियों,
आप सभी जानते हैं, अभी मैं कुछ दिन पहले ही, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की यात्रा से लौटा हूं। वहां भारत ने अनेक तरह के समझौते किए, जिनकी बहुत चर्चा हुई है। लेकिन एक विषय ऐसा है, जिस पर उतनी बात नहीं हुई। ये विषय मेरे देश के और विशेषकर हरियाणा के युवाओं से जुड़ा हुआ है, और वो विषय है- खेलकूद, स्पोर्ट्स।
साथियों,
ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में, वहां की सरकारों से, स्पोर्ट्स को लेकर मेरी व्यापक चर्चा हुई है। इन दोनों देशों के साथ मिलकर, आने वाले समय में हम स्पोर्ट्स इंडस्ट्री, खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, ऐसे अनेक मामलों में बहुत सारा काम साथ मिलकर करने वाले हैं। इससे हरियाणा के युवाओं को भी बहुत लाभ होगा।
साथियों,
आज भारत में स्पोर्ट्स को फिटनेस और रोजगार का बड़ा माध्यम बनाया जा रहा है। हमारी सरकार ने नई नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी, खेलो भारत नीति भी बनाई है। खेलो इंडिया अभियान से लेकर TOPS स्कीम तक, आज खिलाड़ियों को अभूतपूर्व सुविधाएं मिल रही हैं, उन्हें हजारों रुपए की आर्थिक मदद दी जा रही है। यहां हरियाणा में भी, भाजपा सरकार, खेल और खिलाड़ियों को बहुत प्रोत्साहन दे रही है।
साथियों,
आज ये कार्यक्रम भले हाइड्रोजन ट्रेन का है, दूसरी विकास परियोजनाओं का है, लेकिन मैं आज, यहां के नौजवानों से एक और बात भी कहने आया हूं। आप सभी जानते हैं, साल 2030 में, भारत कॉमनवेल्थ गेम्स को होस्ट करने वाला है, 2036 में ओलंपिक गेम्स भारत में हों, इसके लिए भी हम पूरी तैयारी कर रहे हैं। इसलिए, हर खिलाड़ी को ज़ोरदार तैयारी करनी है, पूरा दमखम लगाना है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, कि डबल इंजन की बीजेपी सरकार आपको हर सुविधा देगी। और जो 36 के ओलंपिक को देखना चाहते हैं, आज जो 5 से 12-15 की उमर के बच्चें हैं ना, हमें उस पर ध्यान केंद्रित करना होगा। और एक बात और भी बता दूं, आने वाले समय में अहमदाबाद में, वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स भी होने वाले हैं। मैं हरियाणा के साथियों से कहूंगा, कि आप इसके लिए भी खूब तैयारी कीजिए। मुझे पक्का विश्वास है, हरियाणा के बेटे-बेटियां, हमेशा की तरह इनमें भी अपना परचम लहराएंगे।
साथियों,
हरियाणा की डबल इंजन सरकार सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर चल रही है। नायब सिंह जी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार, यहां के नौजवान हों, किसान हों, बहनें-बेटियां हों, सबके लिए बेहतरीन काम कर रही है। बिना खर्ची-पर्ची के नौकरी देने का जो रास्ता हरियाणा सरकार ने दिखाया है, वो इतना आसान नहीं था, लेकिन ये भाजपा सरकार ने करके दिखाया है।
साथियों,
यहां के किसानों का हित भी हमारी प्राथमिकता में है। जींद की मंडी, तो हरियाणा की सबसे बड़ी मंडियों में से एक है। डबल इंजन की भाजपा सरकार के कारण, हरियाणा के किसानों को बहुत लाभ हो रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि से, हरियाणा के किसानों को, करीब 8 हजार करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इसमें जींद के हमारे किसानों को भी 600 करोड़ रुपए से ज्यादा मिल चुके हैं।
साथियों,
हमारा देश, संस्कारों और संस्कृति का देश है। और ये क्षेत्र तो इस समृद्ध विरासत का बहुत बड़ा केंद्र है। ये जींद की धरती है, जहां महाराजा रणजीत सिंह का गौरव भी है, और पांडवों की आस्था भी है, पांडु-पिंडारा और रामराय जैसे पवित्र तीर्थ, आज भी लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं।
साथियों,
आस्था और आध्यात्म की यही विरासत है, जिसे आज का भारत, सहेजता भी है और अब अगली पीढ़ी तक पूरे मान के साथ पहुंचाता भी है। इसी भाव के साथ, आज कुरुक्षेत्र में एक सिख म्यूज़ियम की आधारशिला रखी गई है। हरियाणा का ये नया संग्रहालय, भारत की महान गुरु परंपरा को, अगली पीढ़ियों तक पहुंचाएगा।
साथियों,
हरियाणा अब तेज़ विकास के पथ पर दौड़ रहा है। खेती हो या फिर उद्योग, ये दो ऐसे पहिए हैं, जो हरियाणा को सशक्त कर रहे हैं। आज जिन प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, उनसे हरियाणा के विकास को और गति मिलेगी। और हरियाणा का ये तेज़ विकास, विकसित भारत के सफर को और ऊर्जावान करेगा। इसकी शुभकामना के साथ, आप सभी को फिर से बहुत-बहुत बधाई देता हूं, और देशवासियों को भी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के लिए अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं। मेरे साथ बोलिये-
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
बहुत-बहुत धन्यवाद!
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MJPS/SS/ST/DK
Happy to be in Jind. Speaking at the launch of projects that strengthen clean mobility, connectivity, healthcare and cultural heritage. Together, they will improve 'Ease of Living' and accelerate Haryana's development. https://t.co/6DwHX6g4gF
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