प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 2 सितंबर, 2026 को शाम लगभग 4:30 बजे नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में भाग लेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।
1-2 सितंबर, 2026 को आयोजित होने वाला दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन, प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित विभागीय शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला में पहला है। इसका उद्देश्य टीम इंडिया की भावना को मजबूत करना, सहकारी संघवाद को गहरा करना और केंद्र एवं राज्यों के बीच घनिष्ठ सहयोग के माध्यम से राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के सामूहिक स्वामित्व को बढ़ावा देना है। यह पहल महत्वपूर्ण क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर संयुक्त रूप से विचार-विमर्श करने और कार्यान्वयन एवं परिणामों में तेजी लाने के लिए एक सुव्यवस्थित मंच प्रदान करती है।
इस शिखर सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के राजनीतिक नेतृत्व और वरिष्ठ अधिकारी एक साथ आएंगे और प्रमुख प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करेंगे, सर्वोत्तम प्रणालियों को साझा करेंगे, कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों का समाधान करने के साथ ही समयबद्ध कार्य योजनाएं भी तैयार करेंगे। इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय लक्ष्यों के लिए साझा जिम्मेदारी को बढ़ावा देना और यह सुनिश्चित करना है कि विचार-विमर्श से शासन और सेवा वितरण में मापनयोग्य सुधार हों।
यह शिखर सम्मेलन चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा:
इन परामर्शों से जल अवसंरचना परियोजनाओं में तेजी लाने, जल संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने, स्थायी पेयजल स्रोतों को सुनिश्चित करने और ग्रामीण पेयजल सेवाओं की विश्वसनीयता और जवाबदेही में सुधार के लिए ठोस और समयबद्ध कार्रवाई होने की उम्मीद है।
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पीके/केसी/एसकेएस/एसवी