प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देवी की दिव्य शक्ति और अनंत वीरता की प्रशंसा करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है। यह श्लोक उन्हें ब्रह्मांड के सर्वोच्च स्रोत के रूप में वर्णित करता है और बताता है कि प्रसन्न होने पर, वह पृथ्वी पर सभी प्राणियों के लिए मुक्ति का साधन बन जाती हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में लिखा;
“त्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या विश्वस्य बीजं परमासि माया।
सम्मोहितं देवि समस्तमेतत् त्वं वै प्रसन्ना भुवि मुक्तिहेतुः।।”
त्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या विश्वस्य बीजं परमासि माया।
सम्मोहितं देवि समस्तमेतत् त्वं वै प्रसन्ना भुवि मुक्तिहेतुः।। https://t.co/ydpq4tfZRL
— Narendra Modi (@narendramodi) October 13, 2026
***
पीके/केसी/आरटी/एसकेजे/एसके
त्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या विश्वस्य बीजं परमासि माया। सम्मोहितं देवि समस्तमेतत् त्वं वै प्रसन्ना भुवि मुक्तिहेतुः।। https://t.co/ydpq4tfZRL
— Narendra Modi (@narendramodi) October 13, 2026