पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने निम्नलिखित फैसलों को अपनी कार्योत्तर मंजूरी दी है –
i. राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) अल्पावधि के लिए बाजार से मौजूदा ब्याज दर से लगभग 20,000 करोड़ रुपये की उधारी जुटा सकेगा। इस राशि को सहकारी बैंकों को 4.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से उपलब्ध कराया जाएगा।
ii. नाबार्ड को इस कार्य के लिए आम बजट में 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी। नाबार्ड को 2016-17 में ही 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध कराकर इसकी शुरुआत कर दी जाएगी।
iii. कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग (डीएसीएंडएफडब्ल्यू) की योजना के मुताबिक, इस पर 1.8 प्रतिशत की ब्याज सहायता और नाबार्ड को 0.2 प्रतिशत का प्रशासनिक खर्च भी उपलब्ध कराया जाएगा। ब्याज सब्सिडी की सीमा अलग हो सकती है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि नाबार्ड ने किस दर पर धन जुटाया है।
iv. सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) द्वारा मिशन मोड में ऑपरेटिव/लाइव केसीसी का रूपे/एटीएम सक्षम किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) में रूपांतरण करने के लिए नाबार्ड समन्वय स्थापित करेगा।
मानसून अच्छा रहने, फसल ऋण बढ़ने की उम्मीद और कृषि उत्पादन बढ़ाने पर जोर को देखते हुए किसानों को सहकारी बैंकों के जरिए मदद किए जाने की आवश्यकता है। ताकि उन्हें उनके दरवाजे पर ही ऋण उपलब्ध हो सके और किसान अपनी कृषि संबंधी गतिविधियों को बढ़ा सकें।
इस मंजूरी से किसानों के लिए कम ब्याज दर पर सहकारी बैंकों से अल्पावधि के फसल ऋण की उपलब्धता बढ़ेगी। ऑपरेटिव/लाइव केसीसी का रूपे/एटीएम सक्षम केसीसी में रूपांतरण परेशानी मुक्त और आसानी से उपलब्ध ऋण लेने में सक्षम बनाएगा। ‘डिजिटल’ भारत की भावना को ध्यान में रखते हुए यह किसानों को डिजिटल और कैशलेस लेनदेन की सुविधा प्रदान करेगा।