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मंत्रिमंडल को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और रूस के बीच एमओयू की जानकारी दी गई


प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (एसएंडटी) के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और रूस के बीच अक्‍टूबर 2016 में हस्‍ताक्षरित सहमति ज्ञापन (एमओयू) की जानकारी दी गई।

इस एमओयू का उद्देश्य डीएसटी के माध्यम से भारत के साथ रिपब्लिक ऑफ रसियन फेडरेशन के वैज्ञानिक संगठनों, एजेंसी के अधीन वैज्ञानिक संगठनों एवं वैज्ञानिकों के बीच संयुक्त वैज्ञानिक एवं अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देना और उन्‍हें सुगम बनाना है।

इस एमओयू के तहत दोनों पक्ष निम्‍नलिखित रूप में सहयोग करेंगे:

  • आपसी हित के लिए आयोजित सम्मेलनों, मंचों, प्रदर्शनियों एवं सेमिनारों के बारे में जानकारियों का आदान-प्रदान करना।
  • संयुक्त अनुसंधान के उद्देश्य से वैज्ञानिक परियोजनाओं की स्‍थापना के लिए शर्तों के प्रावधान एवं समर्थन। इसके लिए विषयों का निर्धारण दोनों पक्षों द्वारा संयुक्‍त रूप से किया जाएगा।
  • सभी पक्षों द्वारा निर्धारित क्षेत्र में दोनों देशों के वैज्ञानिकों के बीच सीधा संपर्क स्‍थापित करने के उद्देश्‍य से संयुक्त वैज्ञानिक कार्यक्रमों (सेमिनार, सम्‍मेलन, गोलमेज) का आयोजन करना।
  • सभी पक्षों के वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और वैज्ञानिक संगठनों के बीच प्रत्‍यक्ष संबंध स्‍थापित करने का समर्थन करना।
  • विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से संयुक्त वैज्ञानिक गतिविधियों के मीडिया कवरेज का प्रावधान।
  • उद्योग की भागीदारी के साथ अंतःविषयों एवं बहु-संस्थागत परियोजनाओं का विकास।

यह एमओयू अपने हस्ताक्षर की तिथि से प्रभावी हुआ और यह 5 साल तक वैध रहेगा। पांच साल की इस अवधि के खत्‍म होने से कम से कम 6 महीने पहले यदि कोई पक्ष इसे खत्‍म करने की मंशा के साथ लिखित समझौते द्वारा सूचित नहीं करता है तो वर्तमान एमओयू के कार्यान्वयन को अगले 5 वर्षों की अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है।