पीएमइंडिया
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) 5.7.2013 से लागू हुआ। इसके तहत देश की दो तिहाई आबादी को उच्च सब्सिडी युक्त दरों पर अनाज मुहैया कराया जाएगा। इसके तहत दो रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं और तीन रुपये प्रति किलो की उच्च सब्सिडी युक्त पर चावल मुहैया कराया जाएगा। 2011की जनगणना को आधार बना कर इस कानून का कवरेज तय किया गया है। यह उम्मीद की गई कि यह कानून सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 15 सितंबर 2015 से लागू हो जाएगा और लाभार्थियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की व्यवस्था के तहत सब्सिडी युक्त दरों पर चावल और गेहूं मिलने लगेगा।
इसीलिए, गैर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गरीबी रेखा से नीचे और इसके ऊपर रहने वाले परिवारों के लिए मौजूदा वित्त वर्ष का अतिरिक्त अऩाज आवंटित कर दिया गया है। 20 राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून कानून लागू करना शुरू कर दिया है जबकि बाकी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अगले कुछ महीनों में इसे लागू करने के लिए सक्रिय तैयारी में लग गए हैं। ये अब भी लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) के तहत आते हैं। इसलिए सरकार ने अक्टूबर, 2015 से मार्च, 2016 तक के लिए गैर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के गरीबी रेखा से नीचे और ऊपर रहने वाले परिवारों के लिए आवंटित होने वाला अतिरिक्त अनाज जारी करने का फैसला किया है। यह आवंटन इस अवधि तक या राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून लागू होने तक या दोनों में से जो भी तारीख पहले आ जाएगी तक जारी रहेगा। उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पुराने टीपीडीएस को छोड़ कर जल्द से जल्द राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून को लागू कर देंगे।