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मंत्रिमंडल ने अंतरिक्ष विज्ञान, टेक्नोलॉजी तथा ऐप्लीकेशन के क्षेत्र में सहयोग पर भारत तथा अल्जीरिया के बीच समझौता को स्वीकृतिदी


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल को अंतरिक्ष विज्ञान, टेक्नोलॉजी तथा ऐप्लीकेशन के क्षेत्र में सहयोग पर भारत तथा अल्जीरिया के बीच समझौता से अवगत कराया गया। इस समझौता पर बेंगलुरू में 19 सितम्बर, 2018 को हस्ताक्षर किए गए थे।

प्रमुख विशेषताएं :

यह समझौता पृथ्वी के दूर संवेदी, सेटेलाइट संचार, सेटेलाइट आधारित नैविगेशन, अंतरिक्ष विज्ञान तथा ग्रहों की खोज, अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष प्रणालियों और ग्राउंड सिस्टम, अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी ऐप्लीकेशन सहितअंतरिक्ष विज्ञान टेक्नोलॉजी तथा ऐप्लीकेशनों में सहयोग की संभावनाओं में सहायक होगा।

इस समझौता से एक संयुक्त कार्य समूह बनेगा जो इस समझौता को लागू करने की समय सीमा और उपायों सहित एक कार्य योजना तैयार करेगा। कार्य समूह में डीओएस/ आईएसआरक्यू तथा अल्जीरिया की अंतरिक्षएजेंसी (एएसएएल) के सदस्य होंगे।

प्रभाव :

इस समझौता से भारत और अल्जीरिया के बीच सहयोग में मजबूती आएगी और दूर संवेदी, सेटेलाइट नैविगेशन, अंतरिक्ष विज्ञान तथा बाह्य अंतरिक्ष की खोज के क्षेत्र में नई अनुसंधान गतिविधियों तथा ऐप्लीकेशन संभावनाओं को बल मिलेगा। समझौता से मानवता के लाभ के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी ऐप्लीकेशन के क्षेत्र में संयुकत गतिविधि विकसित होगी। इस तरह देश के सभी वर्गों और क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।

पृष्ठभूमि :

भारत और अल्जीरिया अंतरिक्ष के क्षेत्र में वाणिज्यिक रूप से सक्रिय रहे हैं। एनट्रिक्स कोरपोरेशन लिमिटिड ग्राउंड स्टेशन की स्थापना के लिए अल्जीरिया के अधिकारियों के साथ काम  कर रही है और 2010-16 के दौरानअल्जीरिया के 3 सूक्ष्म सेटेलाइट और एक नेनो सेटेलाइट पीएसएलवी द्वारा लांच किए गए थे। अल्जीरिया ने कूटनीतिक माध्यमों से भारत के साथ अंतरिक्ष सहयोग में दिलचस्पी व्यक्त की है। दिसंबर, 2014 में विदेश मंत्रालय ने अंतरिक्ष सहयोग के लिए अंतर सरकारी समझौता (आईजीए) करने के लिए अल्जीरिया के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए इसरो/ अंतरिक्ष विभाग से आग्रह किया था और अल्जीरिया द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रारूप समझौता को भेजा था।

इसरो तथा अल्जीरिया की अंतरिक्ष एजेंसी(एएसएएल) ने अंतर सरकारी समझौता के प्रारूप की समीक्षा की है और ईमेल के जरिये टिप्पणियों का आदान-प्रदान किया गया है। दोनों पक्ष एजेंसी स्तर के अंतरिक्ष सहयोग समझौते पर सहमत हुए हैं।