पीएमइंडिया
नमस्कार,
मैं राष्ट्रपति जी का और उनके परिवार तथा शिष्टमंडल का हार्दिक स्वागत करता हूँ। यह खुशी का विषय है कि ब्यूनौस एरीस में हमारी मुलाकात के दो महीने बाद मुझे आज भारत में आपके स्वागत का अवसर प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर मैं एक बार फिर राष्ट्रपति माक्री और उनकी टीम को 2018 में G-20 Summit के कुशल और सफल आयोजन के लिए बधाई देता हूँ। राष्ट्रपति माक्री का नेतृत्व Summit के सफल संचालन के लिए महत्वपूर्ण था। भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष, यानि सन् 2022 में, G-20 Summit के भारत में आयोजन की सुखद घोषणा ब्यूनौस एरीस में G-20 Summit के दौरान राष्ट्रपति माक्री ने की थी। इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूँ।
मित्रों,
राष्ट्रपति माक्री के साथ मेरी आज पांचवी मुलाकात दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय engagement की तेज़ रफ़तार और बढ़ते महत्व को दर्शाती है। हमने यह साबित कर दिया है कि दोनों देशों के बीच 15,000 किलोमीटर की दूरी एक संख्या मात्र है। राष्ट्रपति माक्री की यह यात्रा विशेष वर्ष में हो रही है; दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की स्थापना का यह 70वां वर्ष है। मगर हमारे लोगों के आपसी संबंध इससे भी पुराने हैं। गुरूदेव रविन्द्रनाथ टैगोर ने 1924 में अर्जेंटीना की यात्रा की थी। उस यात्रा का अमिट प्रभाव उनकी रचनाओं के ज़रिए अमर हो गया है। दोनों देशों ने अपने साझा मूल्यों और हितों को देखते हुए और शांति, स्थिरता, आर्थिक प्रगति और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए, अपने संबंधों को स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का रूप दिया है। मैं और राष्ट्रपति माक्री, इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए बहुत गंभीर खतरा है। पुलवामा में हुआ क्रूर आतंकवादी हमला, यह दिखाता है कि अब बातों का समय निकल चुका है। अब सारी दुनिया को आतंकवाद और उसके समर्थकों के विरुद्ध एकजुट होकर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। आतंकवादियों और उसके मानवता विरोधी समर्थकों के खिलाफ कार्यवाही से हिचकना भी आतंकवाद को बढ़ावा देना है। G-20 देशों के तौर पर, यह भी महत्वपूर्ण है कि हम आतंकवाद का मुकाबला करने पर ‘Hamburg Leaders’ Statement के 11 सूत्री एजेंडा को कार्यान्वित करें। इस सम्बन्ध में यह महतवपूर्ण है कि हम दोनों देश,आतंकवाद के खिलाफ एक स्पेशल डिक्लेरेशन, आज अपनी बातचीत के बाद जारी कर रहे हैं | अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के क्षेत्र में हमारा सहयोग लगातार बढ़ रहा है। Defence Cooperation के संबंध में आज जिस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए है, वह रक्षा क्षेत्र में हमारे सहयोग को एक नया स्वरुप देगा।
मित्रों,
भारत और अर्जेंटीना कई मायनों में एक दूसरे के पूरक हैं। हमारा यह प्रयास है कि आपसी हित के लिए इनका पूरा लाभ उठाया जाए। अर्जेंटीना कृषि का पावर-हाऊस है। भारत अपनी food security के लिए इसे एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में देखता है। आज हमारे बीच हुए Agro-Industrial Cooperation की कार्य-योजना, इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ICT क्षेत्र,विशेषकर JAM यानि Jandhan-Aadhaar-Mobile trinity तथा digital payment infrastructure में भारत की सफलता, हम अर्जेंटीनाके साथ साझा करने के लिए तैयार हैं। भारत में हमने लक्ष्य निर्धारित किया है कि हमारे कम-से-कम 30% वाहन 2030 तक इलेक्ट्रिकल बैटरी से चलेंगे। अर्जेंटीना Lithium Triangle का हिस्सा है जहां विश्व का लगभग 54% lithium भण्डार है। हमारे संयुक्त उपक्रम ‘KABIL’ ने अर्जेंटीना के साथ खनन क्षेत्र में सहयोग के लिए विचार-विमर्श शुरू कर दिया है।
मित्रों,
पिछले 10 वर्षों में हमारा द्विपक्षीय व्यापार दुगुने से भी ज्यादा बढ़कर 3 बिलियन अमेरिकी डालर से भी अधिक हो गया है। कई क्षेत्रों जैसे कृषि, धातु एव खनिज तेल और गैस, फार्मा-स्युटीकल, रसायन, मोटर वाहनों और services में और महत्वपूर्ण बढ़ोत्तरी की संभावनाएं हैं। आज हमने अपने commercial engagement को बढ़ाने के लिए विशिष्ट तरीकों की पहचान की है। मुझे ख़ुशी है कि राष्ट्रपति माक्री के साथ अर्जेंटीना की अनेक महत्वपूर्ण कंपनियों के प्रतिनिधि आए हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि दिल्ली और मुंबई में भारत के business leaders के साथ उनकी बातचीत उपयोगी होगी। 2004 में भारत MERCOSUR के साथ Preferential Trade Agreement पर हस्ताक्षर करने वाला पहला देश था। अर्जेंटीना की वर्तमान Presidency के दौरान, India- MERCOSUR व्यापार के विस्तार के लिए अनेक उपायों पर आज हमने चर्चा की है।
मित्रों,
अर्जेंटीना में भारतीय कला, संस्कृति और अध्यात्मिकता के लाखों प्रशंसक हैं। भारत में अर्जेंटीना का टैंगो डांस और फुटबाल बहुत लोकप्रिय है। लोगों को और नजदीक लाने के लिए आज पर्यटन और Public Broadcasting ऐजेंसियों के बीच सहयोग तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों पर एग्रीमेंटस किये गए हैं।
मित्रों,
भारत और अर्जेंटीना अंतरराष्ट्रिय फोरमों में अच्छा सहयोग कर रहे हैं। वैश्विक शांति एवम सुरक्षा और सभी लोगों की आर्थिक और सामाजिक उन्नति के लिए reformed मल्टी-लेटरलिज्म की आवश्यकता को हम स्वीकारते हैं। अर्जेंटीना ने Missile Technology Control Regime, Wassenaar Arrangement और Australia Group व Nuclear Suppliers Group में भारत की सदस्यता का पुरजोर समर्थन किया है। South-South Cooperation हमारे लिए बहुत महत्व रखता है। मुझे यह कहते हुए ख़ुशी हो रही है कि 2019 में Buenos Aires में होने वाले दूसरे उच्च स्तर के United Nations Conference on South-South Cooperation में भारत सक्रिय रूप से भाग लेगा। जलवायु परिवर्तन के विरूद्ध संघर्ष में हमारे विचार समान हैं। International Solar Alliance (ISA) में नए सदस्य के रूप में अर्जंटीना का स्वागत करते हुए मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है।
Excellency,
मैं एक बार फिर भारत यात्रा के मेरे निमंत्रण को स्वीकार करने के लिए आभार प्रकट करता हूँ। मुझे आशा है कि आप और आप के परिवार के लिए यह यात्रा आनंददायक रहे।
धन्यवाद।
मूचस ग्रासियास
राष्ट्रपति माक्री के साथ मेरी आज पांचवी मुलाकात दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय engagement की तेज़ रफ़तार और बढ़ते महत्व को दर्शाती है। हमने यह साबित कर दिया है कि दोनों देशों के बीच 15,000 किलोमीटर की दूरी एक संख्या मात्र है: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) February 18, 2019
राष्ट्रपति माक्री की यह यात्रा विशेष वर्ष में हो रही है; दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की स्थापना का यह 70वां वर्ष है: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) February 18, 2019
दोनों देशों ने अपने साझा मूल्यों और हितों को देखते हुए और शांति, स्थिरता, आर्थिक प्रगति और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए, अपने संबंधों को स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप बनाने का निर्णय लिया है: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) February 18, 2019
मैं और राष्ट्रपति माक्री, इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए बहूत गंभीर खतरा है। पुलवामा में हुआ क्रूर आतंकवादी हमला, यह दिखाता है कि अब बातों का समय निकल चुका है: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) February 18, 2019
अब सारी दुनिया को आतंकवाद और उसके समर्थकों के विरुद्ध एकजुट होकर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। आतंकवादियों और उसके मानवता विरोधी समर्थकों के खिलाफ कार्यवाही से हिचकना भी आतंकवाद को बढ़ावा देना है: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) February 18, 2019
अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के क्षेत्र में हमारा सहयोग लगातार बढ़ रहा है। Defence Cooperation के संबंध में आज जिस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए है, वह रक्षा क्षेत्र में हमारे सहयोग को एक नया स्वरुप देगा: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) February 18, 2019
भारत और अर्जेंटीना कई मायनों में एक दूसरे के पूरक हैं। हमारा यह प्रयास है कि आपसी हित के लिए इनका पूरा लाभ उठाया जाए: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) February 18, 2019
आज हमने अपने commercial engagement को बढ़ाने के लिए विशिष्ट तरीकों की पहचान की है। मुझे ख़ुशी है कि राष्ट्रपति माक्री के साथ अर्जेंटीना की अनेक महत्वपूर्ण कंपनियों के प्रतिनिधि आए हैं: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) February 18, 2019
President @mauriciomacri and I discussed aspects relating to security and terrorism.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 18, 2019
We agree that forces of terror pose a serious threat to world peace and it is important for humanitarian forces to join hands and fight the menace of terror. pic.twitter.com/I0tnbnIEhw
During the talks today, President @mauriciomacri and I discussed ways to deepen trade ties. The coming of a large Argentinian business delegation to India augurs well for strong economic relations. pic.twitter.com/RPd8OcnYaq
— Narendra Modi (@narendramodi) February 18, 2019
Today, ten MoUs were signed between India and Argentina.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 18, 2019
Covering sectors such as defence, tourism, pharmaceuticals, agriculture, IT and civil nuclear cooperation, these agreements will further cement relations between our nations. @mauriciomacri pic.twitter.com/VPPY43rR30