पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने एयर इंडिया और उसकी अधीनस्थ/जेवी के विनिवेश के लिए विशेष उद्देश्य वाहन (एसपीवी) और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए पूर्वव्यापी मंजूरी दे दी है।
विवरण :
एयर इंडिया एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (एआईएएचएल) नाम से एक एसपीवी का मालखाने में जमा कार्यशील पूंजीगत ऋण के भंडारण के लिए सृजन किया गया है, इस पूंजीगत ऋण का चार सहायकों (एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज़ लिमिटेड (एआईएपीएसएल), एयरलाइन एलाइड सर्विसेज़ लिमिटेड (एएएसएल), एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज़ लिमिटेड (एआईईएसएल) और होटल कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एचसीआईएल) के अलावा एयर इंडिया की कम महत्व वाली परिसंपत्तियों पेंटिंग और कलाकृतियों तथा अन्य गैर परिचालित परिसंपत्तियों में योगदान नहीं है।
नागर विमानन मंत्रालय ने नये एसपीवी के सृजन के लिए आदेश जारी किया है। एसपीवी, एयर इंडिया असेट्स होल्डिंग लिमिटेड को 22 जनवरी, 2018 को शामिल किया गया था। एसपीवी के निदेशक मंडल में सीएमडी, एयर इंडिया लिमिटेड और नागर विमानन मंत्रालय, व्यय विभाग, आर्थिक मामलों के विभाग, डीआईपीएएम के संयुक्त सचिव और निदेशक (वित्त) एयर इंडिया लिमिटेड शामिल हैं।
अब तक एक सहायक एआईएटीएसएल को एआईएएचएल और एयर इंडिया लिमिटेड के बीच शेयर खरीद समझौते के अनुसार एआईएएचएल को हस्तांतरित किया गया है, जो शर्तों के अनुसार है जिसमें ऋणदाता की मंजूरी शामिल है।
एआईएएचएल के विनिवेश के लिए प्राथमिक सूचना ज्ञापन (पीआईएम) एआईएएचएल द्वारा 12 फरवरी, 2019 को जारी किया गया था जिसमें रूचि प्रकटन जमा करने की अंतिम तिथि 26 मार्च,2019 है।
सरकार ने निम्नलिखित को नवगठित एसपीवी को हस्तांतरित करने का फैसला किया है :
1) एयर इंडिया लिमिटेड का 29,464 करोड़ रूपये का ऋण
2) अधीनस्थ कंपनियां जो एयर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश यानी एआईएटीएसएल, एआईईएसएल, एएएसएल का हिस्सा नहीं है उन्हें एसपीवी में डाल दिया जायेगा और
3) एयर इंडिया लिमिटेड की कम महत्व वाली परिसंपत्तियां, पेंटिंग और कलाकृतियां और गैर-परिचालन परिसंपत्तियां
प्रभाव :
इस मंजूरी से एयर इंडिया की अधीनस्थ कंपनियों एआईएटीएसएल, एआईईएसएल, एएएसएल और एचसीआई की माल गोदामी नव गठित एसपीवी कंपनियों को एयर इंडिया से आसान हो जाएगी। विनिवेश की प्रक्रिया का इस्तेमाल एयर इंडिया की कार्यशील पूंजी देनदारी को शुरू करने के लिए किया जा सकेगा जिसे एसपीवी में रखी गई किसी परिसंपत्ति का सुरक्षा प्राप्त नहीं है।