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प्रधानमंत्री ने जेएनपीटी पोर्ट ट्रस्ट और बंदरगाह संपर्क सड़क की आधारशिला रखी, परियोजना से प्रभावित लोगों को भूमि आवंटन के पत्र सौंपे


प्रधानमंत्री ने सागरमाला परियोजना- बंदरगाह के जरिए विकास।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नवी मुम्बई स्थित शेवा में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) की आधारशिला रखी।

प्रधानमंत्री ने जेएनपीटी से राष्ट्रीय राजमार्ग तक बंदरगाह संपर्क सड़क को चौड़ा करने की परियोजना की भी आधारशिला रखी। उन्होंने परियोजना से प्रभावित लोगों को सांकेतिक तौर पर भूमि आवंटन पत्र सौंपे।

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प्रधानमंत्री ने समारोह स्थल पर उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने ‘सागरमाला’ की परिकल्पना की है, जो समुद्रतटीय राज्यों के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इससे न केवल बंदरगाह का विकास होगा, बल्कि बंदरगाह के जरिए भी विकास सुनिश्चित होगा जिसमें बंदरगाह, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) और समुद्र तटक्षेत्र से रेल, सड़क, वायुमार्ग और जलमार्ग के जरिए संपर्क शामिल होगा। इसमें शीतभंडारण और भंडारण सुविधाओं के साथ संयोजन भी शामिल होगा। प्रधानमंत्री ने इस ओर ध्यान दिलाया कि समस्त विश्व व्यापार का दो तिहाई और कंटेनर व्यापार का 50 प्रतिशत हिंद महासागर के जरिए होता है। बंदरगाह क्षेत्र को अहमियत पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बंदरगाह भारत की समृद्धि के प्रवेशद्वार बन सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में बड़ी संख्या में एसईजेड परियोजनाओं के अटक जाने से सरकार चिंतित है। उन्होंने बताया कि समस्याओं की समीक्षा करने और उनका निदान जल्द ढूंढ़ने के लिए एक उच्चस्तरीय टीम गठित की गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “निर्यात संवर्धन वक्त की मांग है। जब तक हम निर्माताओं को निर्यात संवर्धन से नहीं जोड़ेंगे और जब तक राज्य एवं केन्द्र मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक हम निर्यात में नई ऊंचाइयां हासिल नहीं कर सकते।” उन्होंने बताया कि निर्यात मार्ग की बाधाओं से वाकिफ होने के लिए केन्द्र सरकार ने हाल ही में राज्यों के साथ बैठक आयोजित की थी और राज्यों को जल्द ही खुद की निर्यात संवर्धन परिषद गठित करने का अधिकार दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्यात के लिए राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा होने दीजिए। सरकार ने हाल ही में शिपिंग लाइसेंस का हर साल नवीकरण कराने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है और अब से लाइसेंस हमेशा के लिए मान्य होगा। श्री नरेन्द्र मोदी ने यह कदम उठाने के लिए केन्द्रीय शिपिंग मंत्री श्री नितिन गडकरी की सराहना करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ऐसा माहौल बनाने की इच्छुक है जिससे व्यवसाय करने में आसानी होगी और युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जहाज निर्माण अब एक बड़े अवसर में तब्दील हो गया है। जहाज निर्माण में दक्षिण कोरिया द्वारा अच्छी कामयाबी हासिल करने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को भी इस तरह का प्रयास करना चाहिए।

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प्रधानमंत्री ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में दी गई अपनी थीम ‘आइये, भारत में निर्माण कीजिए’ को विस्तार से बताते हुए कहा कि उनकी सरकार जहाज निर्माण में विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मेड इन इंडिया को विश्व बाजार में स्थान मिलना चाहिए।

श्री नरेन्द्र मोदी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद यह उनका महाराष्ट्र में पहला सार्वजनिक समारोह है। उन्होंने कहा कि वह सौभाग्यशाली हैं कि इसका आयोजन रायगढ़ जिले में हुआ है जो महान मराठा राजा शिवाजी से वास्ता रखता है।

प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए सड़क परिवहन, राजमार्ग और शिपिंग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने उपस्थित जनसमूह को बताया कि जेएनपीटी एसईजेड 1.5 लाख लोगों को रोजगार देगा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री पृथ्वीराज चव्हाण ने भी इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित किया।