पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल में नोआपाड़ा से दक्षिणेश्वर तक मेट्रो रेलवे के विस्तार का उद्घाटन किया और इस खंड पर पहली सेवा को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कलईकुंडा और झारग्राम के बीच तीसरी लाइन का भी उद्घाटन किया।
श्री मोदी ने पूर्वी रेलवे के अज़ीमगंज से खरग्राघाट रोड खंड का दोहरीकरण राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने दनकुनी और बरुइपाड़ा के बीच चौथी लाइन और रसूलपुर और मगरा के बीच तीसरी लाइन को राष्ट्र को समर्पित किया।
इस अवसर पर जनता को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि आज शुभारंभ की गई परियोजनाओं से हुगली के आसपास के लाखों लोगों का जीवन आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे देश में परिवहन के बेहतर साधन आत्मनिर्भरता और विश्वास के हमारे संकल्प को मजबूत करेंगे। उन्होंने खुशी जताई कि कोलकाता के अलावा हुगली, हावड़ा और उत्तर 24 परगना जिले के लोगों को भी मेट्रो सेवा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि नोआपाड़ा से दक्षिणेश्वर तक मेट्रो रेलवे के विस्तार के उद्घाटन के साथ, दोनों गंतव्यों के बीच यात्रा का समय 90 मिनट से घटकर 25 मिनट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं से छात्रों और श्रमिकों को बहुत लाभ होगा।
प्रधानमंत्री ने खुशी व्यक्त की कि आजकल भारत में निर्मित मेट्रो या रेलवे प्रणालियों में मेड इन इंडिया का प्रभाव दिखाई देता है। पटरियों को बिछाने से लेकर आधुनिक इंजनों औरआधुनिक रेलगाड़ियों तथा आधुनिक डिब्बों तक में बड़ी मात्रा में इस्तेमाल होने वाले सामान और तकनीक स्वदेशी हो गए हैं। इससे परियोजना के निष्पादन में तेजी आई है और निर्माण की गुणवत्ता में वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल देश में आत्मनिर्भरता का एक महत्वपूर्ण केन्द्र रहा है और पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के लिए अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की अपार संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन नई रेल लाइनों के साथ, जीवन आसान हो जाएगा, उद्योगों के लिए नए रास्ते भी उपलब्ध होंगे।
संक्षिप्तपृष्ठभूमि :
मेट्रो रेलवे विस्तार
नोआपाड़ा से दक्षिणेश्वर तक मेट्रो रेलवे का विस्तार और इस खंड पर पहली सेवा को हरी झंडी दिखाने से सड़क पर भीड़भाड़ कम होगी और शहरी गतिशीलता में सुधार होगा। पूरी तरह से केन्द्र सरकार द्वारा वित्त पोषित4.1 किमी.के विस्तार को 464 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह विस्तार कालीघाट और दक्षिणेश्वर के दो विश्व प्रसिद्ध काली मंदिरों तक लाखों पर्यटकों और भक्तों की पहुंच को आसान बनाएगा। बड़ानगर और दक्षिणेश्वर नाम के दो नए निर्मित स्टेशनों में आधुनिक यात्री सुविधाएं हैं और इन्हें सौंदर्यपरकता के साथ भित्ति चित्रों, चित्रों, मूर्तिकला और मूर्तियों से सजाया गया है।
रेलवे लाइनों का उद्घाटन:
दक्षिण पूर्व रेलवे के कलईकुंडा और झारग्राम के बीच 132 किलोमीटर लंबी खड़गपुर-आदित्यपुर तीसरी लाइन परियोजना के 30 किमी लंबे खंड को 1312 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर मंजूरी दी गई है। कलईकुंडा और झारग्राम के बीच के चार स्टेशनों का मौजूदा बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण के साथ-साथ चार नए स्टेशन भवन, छह नए फुट ब्रिज और ग्यारह नए प्लेटफॉर्म का निर्माण करके पुनर्विकास किया गया है। यह हावड़ा-मुंबई ट्रंक मार्ग पर यात्री और मालगाड़ियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
हावड़ा-बर्धमान कोर्ड लाइन की दनकुनी और बरुइपारा (11.28 किलोमीटर) के बीच चौथी लाइन और हावड़ा-बर्धमान मुख्य लाइन के रसूलपुर और मगरा (42.42 किलोमीटर) के बीच तीसरी लाइन जो आज राष्ट्र को समर्पित की गई, वह कोलकाता के लिए प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में काम करेगी। रसूलपुर और मगरा के बीच तीसरी लाइन 759 करोड़रुपये की लागत से बनाई गई है। जबकि दनकुनी और बरुइपारा के बीच चौथी लाइन की परियोजना लागत 195 करोड़ रुपये रखी गई है।
अजीमगंज – खरग्राघाट रोडका दोहरीकरण
अजीमगंज से खरग्राघाट रोड खंड का दोहरीकरण, जो पूर्वी रेलवे के हावड़ा – बंदेल – अजीमगंज खंड का हिस्सा है, उसकी परियोजना लागत लगभग 240 करोड़ रुपये रखी गई है।
ये परियोजनाएं बेहतर परिचालन, कम यात्रा समय और ट्रेन परिचालन में बढ़ी हुई सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी, साथ ही इस क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी।
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एमजी/एएम/केपी
हमारे देश में ट्रांसपोर्ट के माध्यम जितने बेहतर होंगे, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का हमारा संकल्प उतना ही सशक्त होगा।
— PMO India (@PMOIndia) February 22, 2021
मुझे खुशी है कि कोलकाता के अलावा हुगली, हावड़ा और उत्तरी 24 परगना जिले के साथियों को भी अब मेट्रो सेवा की सुविधा का लाभ मिल रहा है: PM #BanglarBikasheRail
मुझे खुशी है कि मेट्रो हो या रेलवे सिस्टम, आज भारत में जो भी निर्माण हो रहा है, उसमें मेड इन इंडिया की छाप स्पष्ट दिख रही है।
— PMO India (@PMOIndia) February 22, 2021
ट्रैक बिछाने से लेकर रेलगाड़ियों के आधुनिक इंजन और आधुनिक डिब्बों तक बड़ी मात्रा में उपयोग होने वाला सामान और टेक्नॉलॉजी अब भारत की अपनी ही है: PM
पश्चिम बंगाल, देश की आत्मनिर्भरता का एक अहम केंद्र रहा है और यहां से नॉर्थ ईस्ट से लेकर, हमारे पड़ोसी देशों के साथ व्यापार-कारोबार की असीम संभावनाएं हैं।
— PMO India (@PMOIndia) February 22, 2021
इसी को देखते हुए बीते सालों में यहां के रेल नेटवर्क को सशक्त करने का गंभीरता से प्रयास किया जा रहा है: PM #BanglarBikasheRail
इन नई रेल लाइनों से जीवन तो आसान होगा ही, उद्यम के लिए भी नए विकल्प मिलेंगे।
— PMO India (@PMOIndia) February 22, 2021
यही तो बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का लक्ष्य होता है।
यही तो सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास है।
यही तो आत्मनिर्भर भारत का भी अंतिम लक्ष्य है: PM @narendramodi #BanglarBikasheRail