পিএমইন্ডিয়া

চ্যান্সেলর ডঃ মর্কেল,
জার্মান প্রতিনিধিদলের সম্মানিত সদস্যগণ,
আমার মন্ত্রিমণ্ডলের সহযোগীবৃন্দ, বন্ধুগণ,
নমস্কার।
গুটেন টাগ।
চ্যান্সেলর ডাঃ মর্কেল আর তাঁর প্রতিনিধিদলকে ভারতকে স্বাগত জানিয়ে আমার অনেক আনন্দ হচ্ছে। চ্যান্সেলর মর্কেল শুধু জার্মানি এবং ইউরোপের নন, বিশ্বের দীর্ঘস্থায়ী প্রধান নেতাদের অন্যতম।আমি গর্বিত এবং আনন্দিত যে তিনি ভারতের এবং আমার বন্ধু। বিগত প্রায় দেড় দশক ধরে চ্যান্সেলর রূপে তিনি ভারত-জার্মানি পারস্পরিক সম্পর্ককে প্রগাঢ় করতে গুরুত্বপূর্ণ অবদান রেখেছেন। সেজন্যে আমি তাঁকে কৃতজ্ঞতা জানাই। আজ আমাদের মধ্যে ‘ইন্টার-গভর্নমেন্টাল কন্সালটেনশন্স’ এর পঞ্চম বৈঠক হয়েছে। প্রত্যেক দু’বছর অন্তর হওয়া এরকম তিনটি বৈঠকে আমার চ্যান্সেলর মর্কেলের সঙ্গে আলোচনায় বসার সৌভাগ্য হয়েছে। এই অতুলনীয় প্রক্রিয়ার মাধ্যমে প্রত্যেক ক্ষেত্রে আমাদের সহযোগিতা আরও নিবিড় হয়েছে। আজ যেসব বিষয়ে বোঝাপড়া চুক্তি হয়েছে, সেগুলি এই মৈত্রীর প্রতীক। আমি অত্যন্ত আনন্দিত যে ভারত এবং জার্মানির মধ্যে প্রত্যেক ক্ষেত্রে, বিশেষ করে নতুন এবং উন্নত প্রযুক্তির ক্ষেত্রে সুদূরপ্রসারী এবং কৌশলগত সহযোগিতা আরও বৃদ্ধি পাবে।
বন্ধুগণ,
আগামী ২০২২ সালে স্বাধীন ভারতের ৭৫ বছর পূর্ণ হবে। সেই সময়ের মধ্যে আমরা ‘নতুন ভারত’ গড়ার লক্ষ্য রেখেছি। এই বহুমাত্রিক প্রচেষ্টায় ভারতের অগ্রাধিকারের বিভিন্ন ক্ষেত্রে এবং প্রয়োজনগুলির জন্যে জার্মানির মতো প্রযুক্তিগতএবং অর্থনৈতিক শক্তিকেন্দ্রের ক্ষমতাগুলি উপযোগী হয়ে উঠবে। সেজন্যে, আমরা নতুনএবংউন্নতপ্রযুক্তি, কৃত্রিম বুদ্ধিমত্তাসম্পন্ন দক্ষতা, শিক্ষা, সাইবার নিরাপত্তার মতো বিষয়গুলিতে সহযোগিতা বৃদ্ধির ওপর বিশেষ জোর দিয়েছি। ই-মোবাইলিটি, ফুয়েল সেল প্রযুক্তি, স্মার্ট সিটি, অন্তর্দেশীয় জলপথ, সমুদ্রতটীয় ব্যবস্থাপনা, নদীগুলির সাফাই এবং পরিবেশ পরিবর্তনের বিরুদ্ধে যৌথ প্রচেষ্টা এগুলির অন্যতম। ব্যবসা এবং বিনিয়োগের ক্ষেত্রে আমাদের ক্রমবর্ধমান অংশীদারিত্বকে আরও গতিশীল করতে আমরা বেসরকারি ক্ষেত্রকে উৎসাহ জোগাচ্ছি। চ্যান্সেলর মর্কেল এবং আমি উভয় দেশের প্রধান বানিজ্য ও শিল্পপতিদের সঙ্গে দেখা করবো। আমরা জার্মানিকে উত্তর প্রদেশ ও তামিলনাড়ুতে ডিফেন্স করিডরে বিনিয়োগের মাধ্যমে সুরক্ষা সরঞ্জাম উৎপাদনে অংশগ্রহণের জন্য আমন্ত্রণ জানাবো।
বন্ধুগণ,
গণতন্ত্র এবং আইনের শাসনের ভিত্তিতেভারতএবংজার্মানিরবিশ্বাসওবন্ধুত্বপূর্ণসম্পর্কগড়েউঠেছে। সেজন্যে, বিশ্বেরগুরুতর সমস্যাগুলিরমোকাবিলায়আমাদেদৃষ্টিকোণএকরকম, এইবিষয়গুলিতেআমাদেরআলোচনাবিকেলেওহবে। সন্ত্রাসবাদ এবং উগ্রবাদের মতো সমস্যাগুলি দূরীকরণের জন্য আমরা উভয়পক্ষীয় এবং বহুপক্ষীয় সহযোগিতাকে আরও নিবিড় করবো। ‘এক্সপোর্ট কন্ট্রোল রিজাইমস’ এবং বিভিন্ন আন্তর্জাতিক মঞ্চে ভারতের সদস্যতা প্রাপ্তির ক্ষেত্রে জার্মানির জোরদার সমর্থনের জন্য আমরা কৃতজ্ঞ। উভয় দেশ নিরাপত্তা পরিষদ, রাষ্ট্রসংঘ এবং আন্তর্জাতিক ব্যবস্থাপনার ক্ষেত্রে আরও কিছু সহযোগিতার প্রয়াস চালিয়ে যাবে।
মহামান্যবর,
ভারত-জার্মানি সম্পর্কের ভবিষ্যৎ উজ্জ্বল। সেজন্যে আরেকবার আপনার দক্ষ নেতৃত্ব, এবং আমার সকল সহযোগীদের তাদের বহুমূল্য সহযোগিতার জন্যে ধন্যবাদ জানাই।
ড্যাংকে স্কোয়েন,
অনেক অনেক ধন্যবাদ।
CG/SB/SB…
5th biennial India-Germany Inter-Governmental Consultations- PM @narendramodi ‘s Statement to the Media- “चांसलर डॉ मर्केल और उनके डेलीगेशन का भारत में हार्दिक स्वागत करते हुए मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है।”
— PMO India (@PMOIndia) November 1, 2019
PM- चांसलर मर्केल को जर्मनी और यूरोप ही नहीं, बल्कि विश्व की लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रमुख नेताओं में गिना जाता है।
— PMO India (@PMOIndia) November 1, 2019
PM- पिछले लगभग डेढ़ दशक से चांसलर के रूप में उन्होंने भारत-जर्मनी संबंधों को प्रगाढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके लिए मैं उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं।
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PM- हर दो साल के अंतराल पर होने वाली तीन IGC बैठकों में चांसलर मर्केल के साथ भाग लेने का मुझे सौभाग्य मिला है।इस अनूठी mechanism से हर क्षेत्र में हमारा सहयोग और भी गहरा हुआ है। आज जिन समझौतों, आदि पर हस्ताक्षर हुए हैं, वे इस बात का प्रतीक है।
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PM- मुझे बहुत खुशी है कि भारत और जर्मनी के बीच हर क्षेत्र में, खास तौर पर New and Advanced Technology में दूरगामी और Strategic cooperation आगे बढ़ रहा है।
— PMO India (@PMOIndia) November 1, 2019
PM- सन् 2022 में स्वतंत्र भारत 75 वर्ष का होगा। तब तक हमने New India के निर्माण का लक्ष्य रखा है।
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इस बहुआयामी प्रयास में भारत की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के लिए जर्मनी जैसे technological और Economic Power House की क्षमताएं उपयोगी होंगी।
PM- हमने New and Advanced Technology, Artificial Intelligence स्किल्स, शिक्षा, Cyber Security जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष बल दिया है।
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PM- E-mobility, fuel cell technology, smart cities, Inland water ways, Coastal management, नदियों की सफाई और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग की नयी संभावनाओं को विकसित करने का हमने फैसला किया है।
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PM- व्यापार और निवेश में अपनी बढ़ती हुई भागीदारी को और गति देने के लिए हम private sector को प्रोत्साहित कर रहे हैं। चांसलर मर्केल और मैं दोनों देशों के कुछ प्रमुख Business और Industry Leaders से मुलाकात करेंगे।
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PM- हम जर्मनी को आमंत्रित करते हैं कि रक्षा-उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में Defence Corridors में अवसरों का लाभ उठाएं।
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PM- भारत और जर्मनी के विश्वास और मित्रतापूर्ण संबंध, Democracy, Rule of law जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है। इसलिए, विश्व की गंभीर चुनौतियों के बारे में हमारे दृष्टिकोण में समानता है। इन विषयों पर हमारे बीच विस्तार से चर्चा शाम को जारी रहेगी।
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PM- आतंकवाद और उग्रवाद जैसे खतरों से निपटने के लिए हम bilateral और multilateral सहयोग को और घनिष्ठ बनाएंगे।
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PM- Export control regimes और विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों में भारत की सदस्यता को जर्मनी के सशक्त समर्थन के लिए हम आभारी हैं।
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दोनों देश सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में अन्य आवश्यक सुधार शीघ्र कराने के लिए सहयोग और प्रयास जारी रखेंगे।