পিএমইন্ডিয়া

প্রধানমন্ত্রীশ্রী নরেন্দ্র মোদী রবিবার বেঙ্গালুরুতে দশম সৌন্দর্য লহরী মহাসমর্পণ অনুষ্ঠানেউপস্থিত ছিলেন। সৌন্দর্য লহরী হল আদি শঙ্করাচার্য রচিত শ্লোকগাথার এক বিশেষসঙ্কলন। অনুষ্ঠানে উপস্থিত জনসাধারণ একযোগে সৌন্দর্য লহরীর শ্লোকোচ্চারণ করেন।
এই উপলক্ষেপ্রধানমন্ত্রী বলেন, এই সমবেত শ্লোক ও মন্ত্রোচ্চারণের পরিবেশে তিনি এক বিশেষউৎসাহ ও উদ্যম লাভ করেন।
কয়েকদিনআগে, তাঁর কেদারনাথ সফরের অভিজ্ঞতার কথা বর্ণনা প্রসঙ্গে শ্রী মোদী বলেন, ঐপ্রত্যন্ত অঞ্চলে এবং সেইসঙ্গে ভারতের অন্যান্য স্থানে আদি শঙ্করাচার্য তাঁর সীমিতজীবনকালে যে সমস্ত কাজ করে গেছেন, তা দেখে তিনি অভিভূত। বেদ ও উপনিষদের মাধ্যমেআদি শঙ্করাচার্য ভারতকে ঐক্যসূত্রে আবদ্ধ করেছিলেন বলে মন্তব্য করেন তিনি।
প্রধানমন্ত্রীবলেন, আদি শঙ্করাচার্যের সৌন্দর্য লহরীর সঙ্গে সাধারণ মানুষ খুব সহজেই নিজেদেরমেলে ধরতে পারেন। শঙ্করাচার্য সমাজ থেকে কুফল ও কুপ্রথাগুলি দূর করতে পেরেছিলেন। এগুলিযাতে ভবিষ্যৎ প্রজন্মের জীবনকে দুর্বিষহ করে তুলতে না পারে, সে বিষয়ে বিশেষ সজাগছিলেন তিনি।
শ্রী মোদী বলেন,বিভিন্ন মতাদর্শ ও চিন্তাভাবনারশ্রেষ্ঠ বিষয়গুলি অনুসরণ করেছেন আদি শঙ্করাচার্য। ভারতীয়সংস্কৃতির বর্তমান রূপ ও আকারে আদি শঙ্করাচার্যের প্রভাব অনস্বীকার্য। এই সংস্কৃতিআজ সর্বজনগ্রাহ্য হয়ে উঠেছে। শুধু তাই নয়, তা আজ ক্রমপ্রসারমান। এই সংস্কৃতিই হলপ্রকৃতপক্ষে নতুন ভারত গঠনের ভিত্তি বিশেষ। ‘সব কা সাথ, সব কা বিকাশ’ – এই মন্ত্রঅবলম্বন করে এক নতুন ভারত গড়ে উঠতে চলেছে।
সমস্তরকমবিশ্ব সমস্যার সমাধান নিহিত রয়েছে ভারতের সাংস্কৃতিক ঐতিহ্যের মধ্যে – একথারউল্লেখ করে শ্রী মোদী বলেন, প্রকৃতিকে শোষণ করার বিরুদ্ধে সর্বদাই সোচ্চার ভারতবর্ষ ।
প্রধানমন্ত্রীবলেন, এলইডি বাল্ব আগে বিক্রি হত ৩৫০ টাকারও বেশি দামে। কিন্তু বর্তমানে ‘উজালা’কর্মসূচির আওতায় তা পাওয়া যাচ্ছে ৪০-৪৫ টাকার বিনিময়ে। দেশে এ পর্যন্ত ২৭ কোটিরওবেশি এলইডি বাল্ব বন্টন করা হয়েছে বলে প্রসঙ্গত জানান তিনি। প্রধানমন্ত্রীর মতে,এলইডি বাল্ব ব্যবহারের ফলে বিদ্যুতের বিলে উল্লেখযোগ্য সাশ্রয় ঘটেছে।
শ্রী মোদীবলেন, ‘উজ্জ্বলা’ যোজনার আওতায়৩ কোটিরও বেশি এলপিজি সংযোগ দেওয়া হয়েছে। এর ফলে,গ্রামের মহিলাদের প্রাত্যহিক জীবনে এক ইতিবাচক পরিবর্তন লক্ষ্য করা গেছে। সেইসঙ্গে,দূষণমুক্ত পরিবেশ গড়ে তুলতেও এই কর্মসূচিটি বিশেষভাবে সাহায্য করেছে।
প্রধানমন্ত্রীবলেন, ভারতে এই মুহূর্তে প্রয়োজন নিরক্ষরতা, অজ্ঞতা, অপুষ্টি, কালো টাকা এবংদুর্নীতিমুক্ত এক সমাজ গড়ে তোলার লক্ষ্যে সর্বতোভাবে প্রচেষ্টা চালিয়ে যাওয়া।
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मान्यता है कि जब एक ही जगह पर, एकजुट होकर मंत्र का जाप किया जाए, तो ऊर्जा का ऐसा चक्र निर्मित होता है, जो मन-मंदिर, शरीर-आत्मा सभी को अपनी परिधि में ले लेता है। आधुनिक विज्ञान भी इससे इनकार नहीं करता।
— PMO India (@PMOIndia) October 29, 2017
आज इस समय मैं इस अद्भुत पाठ से पूरे वातावरण में वही ऊर्जा महसूस कर रहा हूं: PM
हमारी संस्कृति में जो गलत परंपराएं धीरे-धीरे शामिल हो गई थीं, उनका आदि शंकराचार्य ने विश्लेषण किया, उनकी आलोचना की और सटीक तर्क देकर उन्हें आगे की पीढ़ियों में जाने से रोका। शिव-शक्ति-विष्णु-गणपति और कुमार की पूजा की भारतीय परंपरा को उन्होंने पुनर्स्थापित किया: PM @narendramodi
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आदि शंकराचार्य ने वेद और उपनिषद के ज्ञान से संपूर्ण भारत को एकीकृत किया, एकता के भाव से जोड़ा। शास्त्र को उन्होंने साधन बनाया, शस्त्र नहीं। अलग-अलग विचारधाराओं और दर्शन की अच्छी बातों को उन्होंने आत्मसात किया और लोगों को ज्ञान और भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया: PM
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आदि शंकराचार्य द्वारा किया गया तप भारतीय संस्कृति के वर्तमान स्वरूप में आज भी विद्यमान है। एक ऐसी संस्कृति जो सबको आत्मसात करती है, सबको साथ लेकर चलती है। यही संस्कृति न्यू इंडिया का भी आधार है। ऐसी संस्कृति जो सबका साथ सबका विकास के मंत्र पर विश्वास रखती है: PM @narendramodi
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एक तरह से विश्व की समस्त समस्याओं का उत्तर भारतीय संस्कृति में है। हम कहते हैं- “सहनाववतु-सह नौ भुनक्तु”...सभी का पोषण हो, सभी को शक्ति मिले, कोई किसी से द्वेश ना करे: PM @narendramodi
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प्रकृति से हम सभी को पर्याप्त भंडार मिला हुआ है। हमारे यहां प्रकृति का दोहन नहीं बल्कि प्रकृति से मिलने वाले उत्पादों का संतुलित उपयोग करने पर बल दिया जाता है। यही विचार हमेशा से हमारे शासन में, हमारे प्रशासन में दिखा है: PM @narendramodi
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LED का बल्ब जो पहले 350 रुपये से ज्यादा का होता था वो अब उजाला स्कीम के तहत केवल 40 से 45 रुपये में उपलब्ध है। अब तक देश में 27 करोड़ से ज्यादा LED बल्ब बांटे जा चुके हैं। यहां कर्नाटक में भी पौने दो करोड़ LED बल्ब वितरित किए गए हैं: PM
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अगर एक बल्ब की कीमत में औसतन 250 रुपए की कमी मानें तो देश के मध्यम वर्ग को इससे लगभग 7 हजार करोड़ रुपए की बचत हुई है। इतना ही नहीं, ये बल्ब हर घर में बिजली बिल कम कर रहे हैं। इससे भी देश के मध्यम वर्ग की सिर्फ एक साल में 14 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की अनुमानित बचत हुई है: PM
— PMO India (@PMOIndia) October 29, 2017
उज्जवला योजना के जरिए सरकार अब तक 3 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को गैस कनेक्शन दे चुकी है। जब इन महिलाओं के पास गैस कनेक्शन नहीं था, तो वो लकड़ियों पर या फिर केरोसीन पर निर्भर थीं। उज्जवला ने ना सिर्फ उनकी जिंदगी आसान बनाई है, बल्कि पर्यावरण के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रही है: PM
— PMO India (@PMOIndia) October 29, 2017
समय की मांग है पूजा के देव के साथ ही राष्ट्रदेवता की भी बात हो, पूजा में अपने ईष्टदेव के साथ भारतमाता की भी बात हो। अशिक्षा, अज्ञानता, कुपोषण, कालाधन, भष्टाचार जैसी बुराइयों ने भारतमाता को जकड़ रखा है,उससे देश को मुक्त कराने के लिए संत और अध्यात्मिक समाज भी अपने प्रयास बढ़ाए: PM
— PMO India (@PMOIndia) October 29, 2017