पीएमइंडिया
मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार।
‘मन की बात’ में आपका एक बार फिर स्वागत है। नवंबर का महीना बहुत सी प्रेरणाएं लेकर आया, कुछ दिन पहले ही 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ पर central hall में विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। वंदेमातरम् के 150 वर्ष होने पर पूरे देश में होने वाले कार्यक्रमों की शानदार शुरुआत हुई। 25 नवंबर को अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वजा का आरोहण हुआ। इसी दिन कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में पांचजन्य स्मारक का लोकार्पण हुआ।
साथियो,
कुछ दिन पहले ही मैंने हैदराबाद में दुनिया की सबसे बड़ी लीप इंजन MRO facility का उद्घाटन किया है। Aircrafts की Maintenance, repair and overhaul के sector में भारत ने ये बहुत बड़ा कदम उठाया है। पिछले हफ्ते मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान INS ‘माहे’ को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। पिछले ही हफ्ते भारत के space ecosystem को Skyroot के Infinity campus ने नई उड़ान दी है। ये भारत की नई सोच, innovation और Youth Power का प्रतिबिंब बना है।
साथियो,
कृषि क्षेत्र में भी देश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। भारत ने 357 मिलियन टन के खाद्यान्न उत्पादन के साथ एक ऐतिहासिक record बनाया है। Three hundred and fifty seven million ton! 10 साल पहले की तुलना में भारत का खाद्यान्न उत्पादन 100 मिलियन टन और बढ़ गया है। खेलों की दुनिया में भी भारत का परचम लहराया है। कुछ दिन पहले ही भारत को कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी का भी ऐलान हुआ। ये उपलब्धियाँ देश की हैं, देशवासियों की है। और ‘मन की बात’ देश के लोगों की ऐसी उपलब्धियों को, लोगों के सामूहिक प्रयासों को जन-सामान्य के सामने लाने का, एक बेहतरीन मंच है।
साथियो,
अगर मन में लगन हो, सामूहिक शक्ति पर टीम की तरह काम करने पर विश्वास हो, गिरकर फिर से उठ खड़े होने का साहस हो, तो कठिन-से-कठिन काम में भी सफलता सुनिश्चित हो जाती है। आप उस दौर की कल्पना करिए, जब satellite नहीं थीं, GPS system नहीं था, navigation की कोई सुविधाएं नहीं होती थीं। तब भी हमारे नाविक बड़े-बड़े जहाज लेकर समंदर में निकल जाते थे, और तय स्थानों पर पहुंचते थे। अब समंदर से आगे बढ़कर दुनिया के देश अंतरिक्ष की अनंत ऊंचाई को नाप रहे हैं। चुनौती वहां भी वही है, ना GPS system है, ना संचार की वैसी व्यवस्थाएं हैं, फिर हम कैसे आगे बढ़ेंगे?
साथियो,
कुछ दिनों पहले social media पर एक Video ने मेरा ध्यान खींचा। ये video ISRO की एक अनोखी drone प्रतियोगिता का था। इस Video में हमारे देश के युवा और खासकर हमारे Gen–Z मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों में drone उड़ाने की कोशिश कर रहे थे। drone उड़ते थे, कुछ पल संतुलन में रहते थे, फिर अचानक जमीन पर गिर पड़ते थे। जानते हैं क्यों ? क्योंकि यहां जो drone उड़ रहे थे, उनमें GPS का सपोर्ट बिल्कुल नहीं था। मंगल ग्रह पर GPS संभव नहीं इसलिए drone को कोई बाहरी संकेत या guidance नहीं मिल सकता। drone को अपने कैमरे और Inbuilt software के सहारे उड़ना था। उस छोटे-से drone को जमीन के pattern पहचानने थे, ऊंचाई मापनी थी, बाधाएं समझनी थी, और खुद ही सुरक्षित उतरने का रास्ता ढूंढना था। इसलिए drone भी एक के बाद एक गिरे जा रहे थे।
साथियो,
इस प्रतियोगिता में, पुणे के युवाओं की एक टीम ने कुछ हद तक सफलता पाई उनका drone भी कई बार गिरा, crash हुआ पर उन्होंने हार नहीं मानी। कई बार के प्रयास के बाद इस team का drone मंगल ग्रह की परिस्थिति में कुछ देर उड़ने में कामयाब रहा।
साथियो,
ये Video देखते हुए, मेरे मन में एक और दृश्य उभर आया। वो दिन जब चंद्रयान-2 संपर्क से बाहर हो गया था। उस दिन पूरा देश, और खासकर वैज्ञानिक कुछ पल के लिए निराश हुए थे। लेकिन साथियो, असफलता ने उन्हें रोका नहीं। उसी दिन उन्होंने चंद्रयान-3 की सफलता की कहानी लिखनी शुरू कर दी। यही कारण है कि जब चंद्रयान-3 ने सफल landing की, तो वो सिर्फ एक mission की सफलता नहीं थी। वो तो असफलता से निकलकर बनाए गए विश्वास की सफलता थी। इस Video में जो युवा दिख रहे हैं, उनकी आंखों में मुझे वही चमक दिखाई दी। हर बार जब मैं हमारे युवाओं की लगन और वैज्ञानिकों के समर्पण को देखता हूँ, तो मन उत्साह से भर जाता है। युवाओं की यही लगन, विकसित भारत की बहुत बड़ी शक्ति है।
मेरे प्यारे देशवासियो,
आप सभी शहद की मिठास से जरूर परिचित होंगे, लेकिन, अक्सर हमें ये नहीं पता चलता इसके पीछे कितने लोगों की मेहनत है, कितनी परंपराएँ हैं, और प्रकृति के साथ कितना सुंदर तालमेल है।
साथियो,
जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में वन तुलसी यानि सुलाई, सुलाई के फूलों से यहाँ की मधुमक्खियाँ बेहद अनोखा शहद बनाती हैं। ये सफेद रंग का शहद होता है जिसे रामबन सुलाई honey कहा जाता है। कुछ वर्षों पहले ही रामबन सुलाई honey को GI Tag मिला है। इसके बाद इस शहद की पहचान पूरे देश में बन रही है।
साथियो,
दक्षिण कन्नड़ा जिले के पुत्तुर में वहाँ की वनस्पतियाँ शहद उत्पादन के लिए उत्कृष्ट मानी जाती हैं। यहाँ ‘ग्रामजन्य’ नाम की किसान संस्था इस प्राकृतिक उपहार को नई दिशा दे रही है। ‘ग्रामजन्य’ ने यहाँ एक आधुनिक processing unit बनाया, lab, bottling, storage और digital tracking जैसी सुविधाएँ जोड़ी गईं। अब यही शहद branded उत्पाद बनकर गाँवों से शहरों तक पहुँच रहा है। इस प्रयास का लाभ ढाई हजार से अधिक किसानों को मिला है।
साथियो,
कर्नाटका के ही तुमकुरु जिले में ‘शिवगंगा कालंजिया’ नाम की संस्था का प्रयास भी बहुत सराहनीय है। इनके द्वारा यहाँ हर सदस्य को शुरुआत में दो bee–boxes दिए जाते हैं। ऐसा करके इस संस्था ने अनेकों किसानों को अपने अभियान से जोड़ दिया है। अब इस संस्था से जुड़े किसान मिलकर शहद निकालते हैं, बेहतरीन packaging करते हैं और स्थानीय बाजार तक पहुंचाते हैं। इससे उन्हें लाखों की कमाई भी हो रही है। ऐसा ही एक उदाहरण नागालैंड के cliff–honey hunting का है। नागालैंड के चोकलांगन गाँव में खियामनि-याँगन जनजाति सदियों से शहद निकालने का काम करती आई हैं। यहाँ मधुमक्खियों पेड़ों पर नहीं बल्कि ऊँची चट्टानों पर अपने घर बनाती हैं। इसलिए शहद निकालने का काम भी बहुत जोखिम भरा होता है। इसलिए यहाँ के लोग मधुमक्खियों से पहले सौम्यता से बात करते हैं, उनसे अनुमति लेते हैं। उन्हें बताते हैं की आज वे शहद लेने आए हैं, इसके बाद शहद निकालते हैं।
साथियो,
आज भारत honey production में नए रिकार्ड बना रहा है। 11 साल पहले देश में honey का उत्पादन 76 हजार मीट्रिक टन था। अब ये बढ़कर डेढ़ लाख मीट्रिक टन से भी ज्यादा हो गया है। बीते कुछ वर्षों में शहद का export भी तीन गुना से ज्यादा बढ़ गया है। Honey Mission कार्यक्रम के तहत खादी ग्रामोद्योग ने भी सवा 2 लाख से ज्यादा bee–boxes लोगों में बांटे हैं। इससे हजारों लोगों को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। यानि देश के अलग-अलग कोनों में शहद की मिठास भी बढ़ रही है। और ये मिठास किसानों की आय भी बढ़ा रही है।
मेरे प्यारे देशवासियो,
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में महाभारत का युद्ध हुआ था, ये हम सभी जानते हैं। लेकिन युद्ध के इस अनुभव को अब आप वहाँ महाभारत अनुभव केंद्र में भी साक्षात महसूस कर सकते हैं। इस अनुभव केंद्र में महाभारत की गाथा को 3D, Light & Sound Show और digital technique से दिखाया जा रहा है। 25 नवंबर को जब मैं कुरुक्षेत्र गया था तो इस अनुभव केंद्र के अनुभव ने मुझे आनंद से भर दिया था।
साथियो,
कुरुक्षेत्र में ब्रह्म सरोवर पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल होना भी मेरे लिए बहुत विशेष रहा। मैं ये देखकर बहुत प्रभावित हुआ कि कैसे दुनियाभर के लोग दिव्य ग्रंथ गीता से प्रेरित हो रहे हैं। इस महोत्सव में यूरोप और सेंट्रल एशिया सहित विश्व के कई देशों के लोगों की भागीदारी रही है।
इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब में पहली बार किसी सार्वजनिक मंच पर गीता की प्रस्तुति की गई है। यूरोप के लातविया में भी एक यादगार गीता महोत्सव आयोजित किया गया। इस महोत्सव में लातविया, एस्टोनिया, लिथुआनिया और अल्जीरिया के कलाकारों ने बढ़-चढ़ करके हिस्सा लिया।
साथियो,
भारत की महान संस्कृति में शांति और करुणा का भाव सर्वोपरि रहा है। आप दूसरे विश्व युद्ध की कल्पना कीजिए, जब चारों ओर विनाश का भयावह माहौल बना हुआ था। ऐसे मुश्किल समय में गुजरात के नवानगर के जाम साहब, महाराजा दिग्विजय सिंह जी ने जो महान कार्य किया, वो आज भी हमें प्रेरणा देता है। उस समय जाम साहब, किसी सामरिक गठबंधन या युद्ध की रणनीति को लेकर नहीं सोच रहे थे। बल्कि उनकी चिंता ये थी कि कैसे विश्व युद्ध के बीच पोलिश यहूदी बच्चों की रक्षा हुई। उन्होंने गुजरात में तब हजारों बच्चों को शरण देकर उन्हें नया जीवन दिया, जो आज भी एक मिसाल है। कुछ दिन पहले दक्षिणी इजराइल के मोशाव नेवातिम में जाम साहब की प्रतिमा का अनावरण किया गया। यह बहुत ही विशेष सम्मान था। पिछले वर्ष पोलैंड के वारसॉ में मुझे जाम साहब के स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने का सौभाग्य मिला था। मेरे लिए वो क्षण अविस्मरणीय रहेगा।
मेरे प्यारे देशवासियो,
कुछ दिनों पहले मैं Natural Farming के एक विशाल सम्मेलन में हिस्सा लेने कोयंबटूर गया था। दक्षिण भारत में Natural Farming को लेकर हो रहे प्रयासों को देखकर मैं बहुत प्रभावित हुआ। कितने ही युवा Highly Qualified Professional अब Natural Farming Field को अपना रहे हैं। मैंने वहाँ किसानों से बात की, उनसे अनुभव जाने। Natural Farming भारत की प्राचीन परंपराओं का हिस्सा रही है और हम सभी का कर्तव्य है कि धरती माँ की रक्षा के लिए इसे निरंतर बढ़ावा दें।
साथियो,
विश्व की सबसे पुरानी भाषा और विश्व के सबसे प्राचीन शहरों में से एक शहर, इन दोनो का संगम हमेशा अद्भुत होता है। मैं बात कर रहा हूँ – ‘काशी तमिल संगमम’ की। 2 दिसंबर से काशी के नमो घाट पर चौथा काशी-तमिल संगमम शुरू हो रहा है। इस बार के काशी-तमिल संगमम की थीम बहुत ही रोचक है – Learn Tamil – तमिल करकलम्। काशी-तमिल संगमम उन सभी लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है जिन्हें तमिल भाषा से लगाव है। काशी के लोगों से जब भी बात होती है तो वो हमेशा बताते हैं कि काशी-तमिल संगमम का हिस्सा बनना उन्हें बहुत अच्छा लगता है। यहाँ उन्हें कुछ नया सीखने और नए-नए लोगों से मिलने का अवसर मिलता है। इस बार भी काशीवासी पूरे जोश और उत्साह के साथ तमिलनाडु से आने वाले अपने भाई-बहनों का स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक हैं। मेरा आप सभी से आग्रह है कि आप काशी-तमिल संगमम का हिस्सा जरूर बनें। इसके साथ ही ऐसे और भी मंचों के बारे में सोचें, जिनसे ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना मजबूत हो। यहाँ मैं एक बार फिर कहना चाहूँगा:
तमिल कलाच्चारम उयर्वानद्
तमिल मोलि उयर्वानद्
तमिल इन्दियाविन पेरूमिदम्।
(English Translation)
Tamil culture is great.
Tamil language is great.
Tamil is the pride of India
मेरे प्यारे देशवासियो,
जब भारत के सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिलती है, तो हर भारतीय को गर्व होता है। पिछले हफ्ते मुंबई में INS ‘माहे’ को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। कुछ लोगों के बीच इसके स्वदेशी design को लेकर खूब चर्चा रही। वहीं, पुडुचेरी और मालाबार coast के लोग इसके नाम से ही खुश हो गए। दरअसल, इसका ‘माहे’ नाम उस स्थान माहे के नाम पर रखा गया है, जिसकी एक समृद्ध ऐतिहासिक विरासत रही है। केरला और तमिलनाडु के कई लोगों ने इस बात पर गौर किया कि इस युद्धपोत का crest उरुमी और कलारिपयट्टू की पारंपरिक लचीली तलवार की तरह दिखाई पड़ता है। ये हम सबके लिए गर्व की बात है कि हमारी नौसेना बहुत ही तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही है। 4 दिसम्बर को हम नौसेना दिवस भी मनाने जा रहे हैं। ये अवसर हमारे सैनिकों के अदम्य साहस और पराक्रम को सम्मान देने का एक खास दिन है।
साथियो,
जो लोग Navy से जुड़े tourism में रुचि रखते हैं, उनके लिए हमारे देश में बहुत सी जगह हैं, जहां जाकर उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। देश के पश्चिमी तट पर गुजरात के सोमनाथ के पास एक जिला है-दीव। दीव में ‘INS खुखरी’ को समर्पित ‘Khukhri Memorial and Museum’ है। वहीं, Goa में ‘naval aviation museum’ है, जो Asia में अपनी तरह का अनूठा संग्रहालय है। Fort Kochi के INS द्रोणाचार्य में ‘Indian Naval Maritime Museum’ है। यहाँ हमारे देश की Maritime history और Indian Navy के evolution को देखा जा सकता है। श्रीविजयापुरम जिसे पहले Port Blair कहा जाता था, वहाँ ‘समुद्रिका- Naval Marine Museum’ उस क्षेत्र के समृद्ध इतिहास को सामने लाने के लिए जाना जाता है। कारवार के रवीन्द्रनाथ टैगोर beach पर Warship Museum में मिसाइलों और हथियारों की replica रखी गई हैं। विशाखापत्तनम में भी एक submarine, helicopter और aircraft museum है, जो Indian Navy से जुड़ा है। मैं आप सभी से, विशेषकर military history में रुचि रखने वाले लोगों से आग्रह करता हूँ कि आप इन museums को देखने जरूर जाएँ।
मेरे प्यारे देशवासियो,
सर्दियाँ आ गई हैं और साथ ही सर्दियों से जुड़े Tourism का भी समय आ गया है। दुनिया के कई देशों ने सर्दियों में होने वाले Tourism को, Winter Tourism को अपनी अर्थव्यवस्था का बहुत बड़ा आधार बना दिया है। अनेक देशों में दुनिया के सबसे सफल Winter Festival और Winter Sports model हैं। इन देशों ने Skiing, Snow-boarding, Snow Trekking, Ice Climbing और Family Snow Parks जैसे अनुभवों को अपनी पहचान बनाया है। इन्होंने अपने winter festivals को भी वैश्विक आकर्षण में बदला है।
साथियो,
हमारे देश में भी winter tourism की हर क्षमता मौजूद है। हमारे पास पहाड़ भी हैं, संस्कृति भी है और adventure की असीम संभावनाएँ भी हैं। मुझे खुशी है। इन दिनों उत्तराखंड का winter tourism लोगों को बहुत आकर्षित कर रहा है। सर्दियों के मौसम में औली, मुनस्यारी, चोपटा और डेयारा जैसी जगहें खूब popular हो रही हैं। अभी कुछ सप्ताह पहले पिथौरागढ़ ज़िले में साढ़े चौदह हजार फुट से अधिक की ऊंचाई पर आदि कैलाश में राज्य की पहली High Altitude Ultra Run Marathon का आयोजन किया गया था। इसमें देश भर के 18 राज्यों से 750 से ज्यादा athletes ने हिस्सा लिया था। 60 किलोमीटर लंबी ‘आदि कैलाश परिक्रमा रन’ का प्रारंभ कड़कड़ाती सर्दी में सुबह पाँच बजे हुआ था। इतनी ठंड के बावजूद भी लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। आदि कैलाश की यात्रा पर जहाँ तीन साल पहले तक मात्र दो हजार से कम पर्यटक आते थे, अब यह संख्या भी बढ़कर तीस हजार से अधिक हो गई है।
साथियो,
कुछ ही हफ्तों में उत्तराखंड में Winter Games का आयोजन भी होना है। देशभर के खिलाड़ी, adventure प्रेमी और खेलों से जुड़े लोग इस आयोजन को लेकर उत्साहित हैं। Skiing हो या Snow-boarding, बर्फ पर होने वाले कई खेलों की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। उत्तराखंड ने winter tourism को बढ़ाने के लिए connectivity और infrastructure पर भी focus किया है। Homestay को लेकर नई policy भी बनाई गई है।
साथियो,
सर्दियों में Wed in India अभियान की भी अलग धूम होती है। सर्दियों की सुनहरी धूप हो, पहाड़ से उतरते कोहरे की चादर हो, Destination Wedding के लिए पहाड़ भी अब खूब popular हो रहे हैं। कई शादियां तो अब खास तौर पर गंगा जी के किनारे हो रही हैं।
साथियो,
सर्दियों के इन दिनों में हिमालय की वादियाँ एक ऐसे अनुभव का हिस्सा बन जाती हैं, जो जीवन भर साथ रहता है। अगर आप इस सर्दी में कहीं जाने का विचार कर रहे हैं। तो हिमालय की वादियों का विकल्प जरूर रखिएगा।
साथियो,
कुछ हफ्ते पहले मैं भूटान गया था। ऐसे दौरों में अलग अलग प्रकार के संवाद और चर्चाओं का अवसर मिलता है। अपनी इस यात्रा में मैंने भूटान के राजा, वर्तमान राजा के पिताजी जो खुद भी पहले राजा रह चुके हैं, वहां के प्रधानमंत्री और अन्य लोगों से मुलाकातें की। इस दौरान हर किसी से एक बात जरूर सुनने को मिली। सभी लोग वहाँ Buddhist relics यानि भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष भेजे जाने को लेकर भारतवासियों का आभार जता रहे थे। मैंने जब भी यह सुना, तो मेरा हृदय गर्व से भर उठा।
साथियो,
भगवान बुद्ध के पावन अवशेषों को लेकर कई अन्य देशों में भी ऐसा ही उत्साह देखने को मिला है। पिछले महीने ही National Museum से इन पवित्र अवशेषों को रूस के कलमीकिया ले जाया गया था। यहां बौद्ध धर्म का विशेष महत्व है। मुझे बताया गया कि इनके दर्शन के लिए रूस के दूरदराज से भी बहुत बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे। इन पवित्र अवशेषों को मंगोलिया, वियतनाम और थाइलैंड भी ले जाया जा चुका है। हर जगह लोगों का भारी उत्साह देखने को मिला है। इनके दर्शन के लिए थाइलैंड के राजा भी पहुंचे थे। पूरे विश्व में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के प्रति इस प्रकार का गहरा जुड़ाव देखकर मन भावविभोर हो उठता है। यह सुनकर बहुत अच्छा लगता है कि कैसे इस तरह की कोई पहल दुनियाभर के लोगों को आपस में जोड़ने का माध्यम बन जाती है।
मेरे प्यारे देशवासियो,
मैं आप सभी से हमेशा ‘vocal for local’ के मंत्र को साथ लेकर चलने की बात करता हूँ। अभी कुछ दिनों पहले G–20 शिखर सम्मेलन के दौरान जब विश्व के कई नेताओं को उपहार देने की बात आई, तो मैंने फिर कहा – ‘vocal for local’। मैंने देशवासियों की ओर से विश्व के नेताओं को जो उपहार भेंट किए, उसमें इस भावना का विशेष ध्यान रखा गया। G–20 के दौरान, मैंने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति को नटराज की कांस्य प्रतिमा भेंट की। ये तमिलनाडु के तंजावुर की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी चोल कालीन शिल्पकला का अद्भुत उदाहरण है। कनाडा के प्रधानमंत्री को चांदी के अश्व की प्रतिकृति दी गई। यह राजस्थान के उदयपुर की बेहतरीन शिल्पकला को दर्शाती है। जापान के प्रधानमंत्री को चांदी की बुद्ध की प्रतिकृति भेंट की गई। इसमें तेलंगाना और करीमनगर की प्रसिद्ध Silver Craft की बारीकी का पता चलता है। इटली की प्रधानमंत्री को फूलों की आकृतियों वाला silver mirror उपहार में दिया। ये भी करीमनगर की ही पारंपरिक धातु शिल्पकला को प्रदर्शित करता है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री को मैंने Brass उरली भेंट की, ये केरला के मन्नार का एक उत्कृष्ट शिल्प है। मेरा उद्देश्य था कि दुनिया भारतीय शिल्प, कला और परंपरा के बारे में जानें। और हमारे कारीगरों की प्रतिभा को Global मंच मिले।
साथियो,
मुझे खुशी है कि ‘vocal for local’ की भावना को देश के करोड़ों लोगों ने अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है। इस साल जब आप त्योहारों की खरीदारी के लिए बाजार में गए होंगे, तो एक बात आप सभी ने महसूस की होगी। लोगों की पसंद, और घरों में आने वाले सामानों में, एक साफ संकेत दिखाई दे रहा था कि देश स्वदेशी की ओर लौट रहा है। लोग अपने मन से भारतीय उत्पादों को चुन रहे थे। इस बदलाव को छोटे से छोटे दुकानदार ने भी महसूस किया। इस बार युवाओं ने भी ‘vocal for local’ अभियान को गति दी। आने वाले कुछ दिन में Christmas और नए वर्ष पर खरीदारी का नया दौर शुरू होने वाला है। मैं आपको फिर याद दिलाउँगा, ‘vocal for local’ का मंत्र याद रखें, खरीदे वही जो देश में बना हो, बेचें वही जिसमें किसी देशवासी की मेहनत लगी हो।
मेरे प्यारे देशवासियो,
भारतीय खेलों के लिहाज से ये महीना super hit रहा है। इस महीने की शुरुआत भारतीय महिला टीम द्वारा आईसीसी महिला विश्व कप जीतने से शुरू हुई। लेकिन उसके बाद भी मैदान पर और ज्यादा action देखने को मिला है। कुछ दिन पहले ही Tokyo में Deaf–Olympics हुए हैं, जहाँ भारत ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 20 medals जीते हैं। हमारी महिला खिलाड़ियों ने भी कबड्डी वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास ही रच दिया। पूरे tournament में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करके, हर भारतवासी का मन जीत लिया। World Boxing Cup Finals में भी हमारे खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा, जहां उन्होंने 20 medals जीते।
साथियो,
जिस बात की और भी अधिक चर्चा हो रही है, वो है हमारी महिला टीम का Blind Cricket World Cup जीतना। बड़ी बात यह है कि हमारी इस टीम ने बिना एक भी मैच हारे, इस tournament को जीता है। देशवासियो को इस टीम के हर खिलाड़ी पर बहुत गर्व है। मेरी इस टीम से प्रधानमंत्री निवास पर मुलाकात हुई। वाकई इस टीम का हौंसला, उनका जज़्बा हमें बहुत कुछ सिखाता है। यह विजय हमारे खेल इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में से एक है, जो हर भारतीय को प्रेरित करती रहेगी।
साथियो,
आजकल हमारे देश में Endurance Sports की एक नई खेल संस्कृति भी तेजी से उभर रही है। Endurance Sports से मेरा मतलब, ऐसी sports activities से है, जिनमें आपकी limits की परख होती है। कुछ साल पहले तक Marathon और Bikethon जैसे खास event कुछ विशेष लोगों तक ही सीमित थे। लेकिन अब बहुत कुछ बदल चुका है। मुझे बताया गया है कि देशभर में हर महीने 1500 से ज्यादा Endurance Sports का आयोजन होता है। इन events में हिस्सा लेने के लिए athletes दूर-दूर तक जाते हैं।
साथियो,
Endurance Sports का ही एक उदाहरण है – Ironman Triathlon आप कल्पना करिए, यदि आपको यह बताया जाए कि आपके पास एक दिन से भी कम समय है और आपको ये तीन काम करने हैं: समंदर में 4 किलोमीटर तक तैरना, 180 किलोमीटर साइकिल चलाना और करीब 42 किलोमीटर की marathon दौड़ लगाना। तो आप सोचेंगे कि ये कैसे संभव है। लेकिन फौलादी हौंसले वाले लोग इस काम को भी सफलतापूर्वक कर ले जाते हैं। इसलिए इसे Ironman Triathlon कहा जाता है।
गोवा में हाल ही में ऐसा ही एक आयोजन किया गया। आजकल इस तरह के आयोजनों में भी लोग बढ़-चढ़कर भागीदारी कर रहे हैं। ऐसी कई और प्रतियोगिताएं भी हैं, जो हमारे युवा साथियों के बीच बहुत लोकप्रिय हो रही हैं। आजकल कई लोग Fit India Sundays on Cycle जैसे कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए साथ आ रहे हैं। ये सब ऐसी चीजें हैं, जिनसे fitness को बढ़ावा मिल रहा है।
साथियो,
आपसे हर महीने मिलना मेरे लिए हमेशा एक नया अनुभव होता है। आपकी गाथाएं, आपके प्रयास, मुझे नए सिरे से प्रेरित करते हैं। अपने संदेशों में आप जो सुझाव भेजते हैं, जो अनुभव साझा करते हैं, उससे हमें इस कार्यक्रम में भारत की विविधता को समेट लेने की प्रेरणा मिलती है। जब हम अगले महीने मिलेंगे तब 2025 खत्म होने वाला होगा। देश के ज्यादातर हिस्सों में अब ठंड भी तेज होती जाएगी। सर्दियों के मौसम में आप अपना और अपने परिवार का विशेष ध्यान रखें। अगले महीने हम कुछ नए विषयों, नए व्यक्तित्वों की चर्चा जरूर करेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद।
नमस्कार।
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MJPS/VJ/VK
#MannKiBaat has begun. Do hear. https://t.co/0Wp9vjJWUm
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The month of November brought many inspirations. #MannKiBaat pic.twitter.com/Ml3tYfgBhj
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India has set a historic record with food grain production. #MannKiBaat pic.twitter.com/yiRNFMMvBb
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PM @narendramodi highlights how a team of youngsters from Pune succeeded in a unique drone competition organised by ISRO. #MannKiBaat pic.twitter.com/fH0I4PtPFG
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A sweet revolution across India! #MannKiBaat pic.twitter.com/jeYbz2UHdA
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From Europe to Saudi Arabia, PM @narendramodi shares how the world is celebrating the Gita. #MannKiBaat pic.twitter.com/YCDMLt4s76
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The incredible contributions of Jam Saheb that the world is honouring today... #MannKiBaat pic.twitter.com/KbUxibRiRW
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Glad to see that many young, highly qualified professionals are now adopting the field of natural farming, says PM @narendramodi in #MannKiBaat pic.twitter.com/aVa0mB7dzI
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The fourth Kashi-Tamil Sangamam is commencing on the 2nd December at Namo Ghat in Kashi.
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PM @narendramodi urges everyone to be a part of the Kashi-Tamil Sangamam. #MannKiBaat pic.twitter.com/Mrk4BsjnVE
INS Mahe has been inducted into the Indian Navy. Its indigenous design is drawing wide appreciation. #MannKiBaat pic.twitter.com/9lYxib1hUj
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Winter tourism in Uttarakhand is attracting many people. #MannKiBaat pic.twitter.com/uOhMd1qgHM
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Enthusiasm for the sacred relics of Bhagwan Buddha has been observed in many countries. World over, people expressed gratitude to India for sending Buddhist relics. #MannKiBaat pic.twitter.com/0t0MpWvwtl
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Vocal for Local! #MannKiBaat pic.twitter.com/qau8x27hgi
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India's superhit sports month! #MannKiBaat pic.twitter.com/5EzYrg0GkF
— PMO India (@PMOIndia) November 30, 2025
The month of November has been one of many occasions which will make 140 crore Indians proud, some of which are:
— Narendra Modi (@narendramodi) November 30, 2025
Dharma Dhwajarohan Utsav in Ayodhya.
150th birth anniversary celebrations of Bhagwan Birsa Munda.
150 years of Vande Mataram.
India moved closer to being a global… pic.twitter.com/QDL0LahcSU
India’s Gen Z is doing wonders when it comes to tech and innovation. Highlighted an effort which showcases our youth’s passion towards drones.#MannKiBaat pic.twitter.com/xlfIHyvCa3
— Narendra Modi (@narendramodi) November 30, 2025
From Jammu and Kashmir to Karnataka and Nagaland, India’s farmers are achieving remarkable success in honey production. Also appreciated KVIC for their efforts in this sector. #MannKiBaat pic.twitter.com/14JhzVd1bt
— Narendra Modi (@narendramodi) November 30, 2025
Gita Mahotsavs in Saudi Arabia and Latvia are noteworthy efforts, which deepen cultural connect with the Indian diaspora and those passionate about Indian culture and spirituality.#MannKiBaat pic.twitter.com/JIwGa4tSSM
— Narendra Modi (@narendramodi) November 30, 2025
Talked about a special gesture in Israel which paid tributes to Jam Saheb Digvijaysinhji for his humanitarian spirit.#MannKiBaat pic.twitter.com/r2XTsx1PQt
— Narendra Modi (@narendramodi) November 30, 2025
Kashi looks forward to hosting the Kashi Tamil Sangamam!#MannKiBaat pic.twitter.com/ZdszXjdZUy
— Narendra Modi (@narendramodi) November 30, 2025
Come, wed in India!#MannKiBaat pic.twitter.com/sCz2VhLS2M
— Narendra Modi (@narendramodi) November 30, 2025
Buddhist relics from India have received a very special welcome in Bhutan, Thailand, Russia, Mongolia and other nations indicating how the thoughts of Lord Buddha connect us and inspire us.#MannKiBaat pic.twitter.com/OWrfVRCff1
— Narendra Modi (@narendramodi) November 30, 2025
ಜಮ್ಮು ಮತ್ತು ಕಾಶ್ಮೀರದಿಂದ ಕರ್ನಾಟಕ ಮತ್ತು ನಾಗಾಲ್ಯಾಂಡ್ ವರೆಗೆ, ಭಾರತದ ರೈತರು ಜೇನು ಉತ್ಪಾದನೆಯಲ್ಲಿ ಉತ್ತಮ ಯಶಸ್ಸನ್ನು ಕಾಣುತ್ತಿದ್ದಾರೆ. ಈ ವಲಯದಲ್ಲಿ ಕೆವಿಐಸಿಯ ಪ್ರಯತ್ನಗಳನ್ನೂ ಶ್ಲಾಘಿಸಿಲಾಯಿತು. #MannKiBaat pic.twitter.com/ywG30BAxZS
— Narendra Modi (@narendramodi) November 30, 2025
காசி தமிழ் சங்கமத்தை நடத்துவதற்கு, காசி நகரம் ஆவலுடன் எதிர்நோக்கியுள்ளது!#MannKiBaat pic.twitter.com/S2jJ2qknnr
— Narendra Modi (@narendramodi) November 30, 2025
उत्तराखंड में ‘आदि कैलाश परिक्रमा रन’ के बाद अब यहां लोगों में Winter Games को लेकर भारी उत्साह है। राज्य में Winter Tourism को बढ़ावा देने के लिए जिस तरह से कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किया गया है, वो पूरे देश को प्रेरित करने वाला है।#MannKiBaat pic.twitter.com/tbO3ThOyZe
— Narendra Modi (@narendramodi) November 30, 2025
यह देखकर बहुत संतोष होता है कि आज ‘Vocal for Local’ की भावना को देश के करोड़ों लोगों ने अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है। मैंने भी दक्षिण अफ्रीका में हुए G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान देशवासियों की ओर से विश्व के नेताओं को जो उपहार भेंट किए, उनमें इसी भावना का ध्यान रखा है।… pic.twitter.com/VdvFY8O2rM
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