पीएमइंडिया
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उफा में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान आज पाकिस्तान और भारत के प्रधानमंत्रियों की बैठक हुई। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय और क्षेत्रीय हित से जुड़े मामलों पर विचार-विमर्श किया।
उन्होंने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि शांति सुनिश्चित करना और विकास को प्रोत्साहन देना भारत और पाकिस्तान की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसा करने के लिए, वे सभी लम्बित मामलों पर चर्चा करने को तैयार हैं।
दोनों नेताओं ने आतंकवाद के सभी स्वरूपों की निंदा की और दक्षिण एशिया से इस बुराई का सफाया करने के लिए एक-दूसरे से सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की।
दोनों नेताओं ने दोनों पक्षों द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए जाने पर भी सहमति प्रकट की:-
1. आंतकवाद से जुड़े सभी मामलों पर चर्चा के लिए दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच नयी दिल्ली में बैठक।
2. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक एवं पाकिस्तान रेंजर्स के महानिदेशक के बीच और उसके बाद डीजीएमओ की बैठकें जल्द।
3. एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद मछुआरों की उनकी नौकाओं सहित रिहाई के बारे में पंद्रह दिन के भीतर फैसला।
4. धार्मिक पर्यटन को सुगम बनाने के लिए व्यवस्था।
5. दोनों पक्षों ने आवाज के नमूने मुहैया कराने जैसी अतिरिक्त सूचना सहित मुम्बई मामले के मुकदमे की सुनवाई में तेजी लाने के तरीकों और साधनों पर विचार करने पर सहमति व्यक्त की।
प्रधानमंत्री श्री नवाज शरीफ ने 2016 में होने वाले दक्षेस सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को एक बार फिर पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उनका निमंत्रण स्वीकार कर लिया।
Two PMs of South Asian nations meet in Ufa. A picture of PM Nawaz Sharif meeting PM @narendramodi. pic.twitter.com/6IoYjh07Gc
— PMO India (@PMOIndia) July 10, 2015