पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आम सहयोग के लिए एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ इंडिया (एक्जिम बैंक) और न्यू डेवलमेंट बैंक (एनडीबी) व ब्रिक्स देशों के अन्य वित्तीय संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन को मंजूरी प्रदान की है।
इस प्रस्ताव से ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार और वित्तीय संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। इस समझौता ज्ञापान को लेकर किसी तरह के आर्थिक निहितार्थ नहीं हैं। इसमें साझेदारी कर रहे ब्रिक्स देशों के संस्थानों को समझौता ज्ञापन से लाभ मिलेगा।
यह सहमति पत्र एक गैर बाध्यकारी समझौते है। इसका मकसद राष्ट्रीय कानूनों और नियमों के अनुसार सहयोग के एक ढांचे को विकसित करना है। इसमें शामिल देशों के बीच कौशल एवं ज्ञान हस्तांतरण के अलावा एनडीबी की स्थापना ब्रिक्स देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों को दर्शाता है। साथ ही उनके बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने और इसमें भारत को एक अंतरराष्ट्रीय भूमिका निभाने में मदद के लिए एक शक्तिशाली साधन प्रदान करता है। इसलिए, सतत विकास एवं समावेशी आर्थिक विकास के लिए सहयोग के सामरिक प्रासंगिकता को देखते हुए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर आवश्यक हो गया। ब्रिक्स देशों के बीच वस्तु एवं सेवाओं के व्यापार के साथ-साथ निवेश की सुविधा के विभिन्न रूपों को बढ़ावा देने या सहयोग के संदर्भ में यह आवश्यक है।
पृष्टभूमिः
ब्रिक्स देशों के पांच बैंकों ने मिलकर ब्रिक्स इंटरबैंक को-ऑपरेशन मैकेनिज्म स्थापित किया है ताकि इन देशों के बीच व्यापार एवं आर्थिक संबंधों को बढ़ावा दिया जा सके। ब्रिक्स इंटरबैंक को-ऑपरेशन मैकेनिज्म ने ही आम सहयोग के लिए न्यू डेवलेपमेंट बैंक के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के लिए प्रस्ताव पेश किया।