पीएमइंडिया
तुमकुरु जिल्ले, गुब्बी तालुकिना, निट्टूर नगरदा, आत्मीय नागरीक-अ बंधु, भगि-नियरे, निमगेल्ला, नन्ना नमस्कार गडु!
कर्नाटक संतों, ऋषियों-मनीषियों की भूमि है। आध्यात्म, ज्ञान-विज्ञान की महान भारतीय परंपरा को कर्नाटक ने हमेशा सशक्त किया है। इसमें भी तुमकुरु का विशेष स्थान है। सिद्धगंगा मठ की इसमें बहुत बड़ी भूमिका है। पूज्य शिवकुमार स्वामी जी ने ‘त्रिविधा दसोही’ यानि “अन्ना” “अक्षरा” और “आसरे” की जो विरासत छोड़ी उसे आज श्री सिद्धलिंगा महास्वामी जी आगे बढ़ा रहे हैं। मैं पूज्य संतों को नमन करता हूं। गुब्बी स्थित श्री चिदम्बरा आश्रम और भगवान चन्नबसवेश्वर को भी मैं प्रणाम करता हूँ !
भाइयों और बहनों,
संतों के आशीर्वाद से आज कर्नाटक के युवाओं को रोज़गार देने वाले, ग्रामीणों और महिलाओं को सुविधा देने वाले, देश की सेना और मेड इन इंडिया को ताकत देने वाले, सैकड़ों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। आज देश की एक बहुत बड़ी हेलीकॉप्टर फैक्ट्री तुमकुरु को मिली है। आज तुमकुरू इंडस्ट्रियल टाउनशिप का शिलान्यास भी हुआ है और इसके साथ-साथ तुमकुरु जिले के सैकड़ों गांवों को पीने के पानी की स्कीमों पर भी काम शुरू हुआ है और मैं इसके लिए आप सबको बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
साथियों,
कर्नाटक युवा टैलेंट, युवा इनोवेशन की धरती है। ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग से लेकर तेजस फाइटर प्लेन बनाने तक, कर्नाटक के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ताकत को दुनिया देख रही है। डबल इंजन सरकार ने कर्नाटक को निवेशकों की पहली पसंद बनाया है। डबल इंजन सरकार कैसे काम करती है, इसका उदाहरण आज जिस हेलीकॉप्टर कारखाने का लोकार्पण हुआ है, वो भी है। साल 2016 में एक संकल्प के साथ मुझे इसके शिलान्यास का सौभाग्य मिला था और संकल्प ये था कि हमें अपनी रक्षा जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भरता को कम से कम करते जाना है। मुझे खुशी है कि आज सैकड़ों ऐसे हथियार और रक्षा उपकरण, जो भारत में ही बन रहे हैं, जो हमारी सेनाएं उपयोग कर रही है। आज आधुनिक असॉल्ट राइफल से लेकर टैंक, तोप, नौसेना के लिए एयरक्राफ्ट करियर, हेलिकॉप्टर, फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सब कुछ भारत खुद बना रहा है। 2014 से पहले के, ये आंकड़ा याद रखना, याद रखोगे! 2014 से पहले के 15 सालों में जितना निवेश एयरोस्पेस सेक्टर में हुआ, उसका 5 गुणा बीते 8-9 वर्षों में हो चुका है। आज हम अपनी सेना को मेड इन इंडिया हथियार तो दे ही रहे हैं, बल्कि हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट भी 2014 की तुलना में कई गुना ज्यादा हो गया है। आने वाले समय में यहां तुमकुरू में ही सैकड़ों, सैकड़ों हेलीकॉप्टर बनने वाले हैं और इससे लगभग 4 लाख करोड़ रुपए का बिजनेस यहां होगा। जब इस प्रकार मैन्युफैक्चरिंग की फैक्ट्रियां लगती हैं, तो हमारी सेना की ताकत तो बढ़ती ही है, हज़ारों रोजगार और स्वरोज़गार के अवसर भी मिलते हैं। तुमकुरु के हेलीकॉप्टर कारखाने से यहां आसपास अनेक छोटे-छोटे उद्योगों को, व्यापार-कारोबार को भी बल मिलेगा।
साथियों,
जब नेशन फर्स्ट, राष्ट्र प्रथम इस भावना से काम होता है, तो सफलता भी ज़रूर मिलती है। बीते 8 वर्षों में हमने एक तरफ सरकारी फैक्ट्रियों, सरकारी डिफेंस कंपनियों के कामकाज में सुधार किया, उनको ताकतवर बनाया, वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट सेक्टर के लिए भी दरवाज़े खोले। इससे कितना लाभ हुआ, वो हम HAL- हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में भी देख रहे हैं। और मैं कुछ सालों पहले की चीजें आज याद कराना चाहता हूँ, मीडिया वालों का भी जरूर ध्यान जाएगा, यही HAL है जिसे बहाना बनाकर हमारी सरकार पर तरह-तरह के झूठे आरोप लगाए गए। यही HAL है जिसका नाम लेकर लोगों को भड़काने की साजिशें रचीं गईं, लोगों को उकसाया गया। Parliament के घंटे से घंटे तबाह कर दिये लेकिन मेरे प्यारे भाइयों-बहनों, झूठ कितना ही बड़ा क्यों ना हो, कितनी ही बार बोला जाता हो, कितने ही बड़े लोगों से बोला जाता हो, लेकिन एक ना एक दिन वो सच के सामने हारता ही है। आज HAL की ये हेलीकॉप्टर फैक्ट्री, HAL की बढ़ती ताकत, ढेर सारे पुराने झूठों को और झूठे आरोप लगाने वालों का पर्दाफाश कर रही है, हकीकत खुद बोल रही है। आज वही HAL भारत की सेनाओं के लिए आधुनिक तेजस बना रहा है, विश्व के आकर्षण का केंद्र है। आज HAL डिफेंस सेक्टर में भारत की आत्मनिर्भरता को बल दे रहा है।
साथियों,
आज यहां तुमकुरु इंडस्ट्रियल टाउनशिप के लिए भी काम शुरू हुआ है। फूड पार्क, हेलीकॉप्टर कारखाने के बाद तुमकुरु को मिला एक और बड़ा उपहार है। जो ये नया इंडस्ट्रियल टाउनशिप होगा, इससे तुमकुरु कर्नाटक के ही नहीं, बल्कि भारत के एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित होगा। ये चेन्नई-बेंगलुरु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का हिस्सा है। इस समय चेन्नई-बेंगलुरु, बेंगलुरु-मुंबई और हैदराबाद-बेंगलुरु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स पर काम चल रहा है। इन सभी में कर्नाटक का एक बहुत बड़ा हिस्सा आता है। मुझे इस बात की भी खुशी है कि तुमकुरु इंडस्ट्रियल टाउनशिप का निर्माण पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत हो रहा है। मुंबई-चेन्नई हाईवे, बेंगुलुरु एयरपोर्ट, तुमकुरु रेलवे स्टेशन, मेंगलुरु पोर्ट और गैस कनेक्टिविटी, ऐसी मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी से इसे जोड़ा जा रहा है। इससे यहां बहुत बड़ी संख्या में रोजगार और स्वरोजगार बनने वाले हैं।
साथियों,
डबल इंजन की सरकार का जितना ध्यान फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर है, उतना ही हम सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर दे रहे हैं। बीते वर्षों में हमने निवासक्के नीरु, भूमिगे नीरावरी यानि हर घर जल, हर खेत को पानी को प्राथमिकता दी है। आज पूरे देश में पीने के पानी के नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। इस वर्ष जल जीवन मिशन के लिए बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 20 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक की वृद्धि की गई है। जब हर घर जल पहुंचता है, तो इसका सबसे बड़ा लाभ गरीब महिलाओं और छोटी बेटियों को ही होता है। उन्हें साफ पानी जुटाने के लिए घरों से दूर नहीं जाना पड़ता। पिछले साढ़े 3 वर्षों में देश में नल से जल का दायरा 3 करोड़ ग्रामीण परिवारों से बढ़कर के 11 करोड़ परिवार हो चुका है। हमारी सरकार निवासक्के नीरु के साथ ही भूमिगे नीरावरी पर भी लगातार बल दे रही है। बजट में अपर भद्रा प्रोजेक्ट के लिए लगभग साढ़े 5 हज़ार करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। इससे तुमकुरु, चिकमगलुरू, चित्रदुर्ग और दावणगेरे सहित सेंट्रल कर्नाटक के बड़े सूखा प्रभावित क्षेत्र को लाभ होगा। ये हर खेत और हर घर तक पानी पहुंचाने के डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है। इसका बहुत बड़ा लाभ हमारे छोटे किसानों को होगा, जो खेती के लिए सिंचाई के पानी पर, वर्षा के पानी पर ही निर्भर रहते आए हैं।
साथियों,
इस साल के गरीब हितैषी, मध्यम वर्ग हितैषी बजट की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। विकसित भारत के निर्माण के लिए सब जुड़ें, सब जुटें, सबका प्रयास कैसे हो, इसके लिए ये बजट बहुत ताकत देने वाला है। जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष मनाएगा, उस सशक्त भारत की नींव, इस बार के बजट ने और मजबूत की है। ये बजट, समर्थ भारत, संपन्न भारत, स्वयंपूर्ण भारत, शक्तिमान भारत, गतिवान भारत की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। आजादी के इस अमृतकाल में, कर्तव्यों पर चलते हुए विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने में इस बजट का बड़ा योगदान है। गांव, गरीब, किसान, वंचित, आदिवासी, मध्यम वर्ग, महिला, युवा, वरिष्ठ जन, सबके लिए बड़े-बड़े फैसले इस बजट में लिए गए हैं। ये सर्वप्रिय बजट है। सर्वहितकारी बजट है। सर्वसमावेशी बजट है। सर्व-सुखकारी बजट है। सर्व-स्पर्शी बजट है। ये भारत के युवा को रोजगार के नए अवसर देने वाला बजट है। ये भारत की नारीशक्ति की भागीदारी बढ़ाने वाला बजट है। ये भारत की कृषि को, गांव को आधुनिक बनाने वाला बजट है। ये श्रीअन्न, श्रीअन्न से छोटे किसानों को वैश्विक ताकत देने वाला बजट है। ये भारत में रोजगार बढ़ाने वाला और स्वरोजगार को बल देने वाला बजट है। हमने ‘अवश्यकते, आधारा मत्तु आदाया’ यानि आपकी जरूरतों, आपको दी जाने वाली सहायता और आपकी आय, तीनों का ध्यान रखा है। कर्नाटक के हर परिवार को इससे लाभ मिलेगा।
भाइयों और बहनों,
2014 के बाद से सरकार का प्रयास समाज के उस वर्ग को सशक्त करने का रहा है, जिन्हें पहले सरकारी सहायता मिलनी बहुत मुश्किल होती थी। इस वर्ग तक सरकारी योजनाएं या तो पहुंचती ही नहीं थीं, या फिर वो बिचौलियों के हाथों लुट जाता था। आप देखिए, बीते वर्षों में हमने हर उस वर्ग तक सरकारी सहायता पहुंचाई है, जो पहले इससे वंचित थे। हमारी सरकार में, ‘कार्मिक-श्रमिक’ ऐसे हर वर्ग को पहली बार पेंशन और बीमा की सुविधा मिली है। हमारी सरकार ने छोटे किसान की सहायता के लिए उसे पीएम किसान सम्मान निधि की शक्ति दी है। रेहड़ी, ठेले, फुटपाथ पर काम करने वाले, स्ट्रीट वेंडर्स को हमने पहली बार बैंकों से बिना गारंटी का ऋण दिलाया है। इस वर्ष का बजट इसी भावना को आगे बढ़ाता है। पहली बार, हमारे विश्वकर्मा बहनों-भाइयों के लिए भी देश में एक योजना बनी है। विश्वकर्मा यानि, हमारे वो साथी जो अपने हाथ के कौशल से, हाथ से चलने वाले किसी औजार की मदद से कुछ निर्माण करते हैं, सृजन करते हैं, स्वरोजगार को बढ़ावा देते हैं। जैसे हमारे कुंब्बारा, कम्मारा, अक्कसालिगा, शिल्पी, गारेकेलसदवा, बड़गी आदि जो हमारे सब साथी हैं, पीएम-विकास योजना से अब ऐसे लाखों परिवारों को उनकी कला, उनके कौशल को और समृद्ध करने में मदद मिलेगी।
साथियों,
इस वैश्विक महामारी के समय में राशन पर होने वाले खर्च की चिंता से भी हमारी सरकार ने गरीब परिवारों को मुक्त रख रखा है। इस योजना पर हमारी सरकार 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर चुकी है। गांवों में हर गरीब परिवार को पक्का घर देने के लिए बजट में अभूतपूर्व 70 हज़ार करोड़ रुपए रखे गए हैं। इससे कर्नाटक के अनेक गरीब परिवारों को पक्का घर मिलेगा, जिन्दगी बदल जाएगी।
भाइयों और बहनों,
इस बजट में मिडिल क्लास के हित में अभूतपूर्व फैसले लिए गए हैं। सात लाख रुपए तक की आय पर इनकम टैक्स जीरो होने से मिडिल क्लास में बहुत उत्साह है। विशेष रूप से 30 वर्ष से कम के युवा साथी, जिनकी नौकरी नई है, बिजनेस नया है, उनके अकाउंट में हर महीने अधिक पैसों की बचत होने वाली है। इतना ही नहीं, जो रिटायर हुए कर्मचारी हैं, जो हमारे सीनियर सिटीजन हैं, वरिष्ठ नागरिक हैं, उनके लिए डिपॉजिट की लिमिट को 15 लाख से बढ़ाकर 30 लाख यानि दोगुना कर दिया है। इससे उन्हें हर महीने मिलने वाला रिटर्न और बढ़ जाएगा। प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले साथियों के लिए Leave encashment पर टैक्स की छूट लंबे समय से सिर्फ 3 लाख रुपए थी। अब 25 लाख रुपए तक के Leave encashment को टैक्स फ्री कर दिया गया है। इससे तुमकुरु, बैंगलुरु सहित कर्नाटक और देश के लाखों परिवारों के पास ज्यादा पैसा आएगा।
साथियों,
हमारे देश की महिलाओं का वित्तीय समावेश, भाजपा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। महिलाओं का वित्तीय समावेश, घरों में उनकी आवाज मजबूत करता है, घर के निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ाता है। हमारी माताएं-बहनें-बेटियां, ज्यादा से ज्यादा बैंकों से जुड़ें, इसके लिए इस बजट में हमने बड़े-बड़े कदम उठाए हैं। हम महिला सम्मान बचत पत्र लेकर आए हैं। इसमें बहनें 2 लाख रुपए तक का निवेश कर सकती हैं, जिस पर सबसे अधिक साढ़े 7 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। ये परिवार और समाज में महिलाओं की भूमिका को और बढ़ाएगा। सुकन्या समृद्धि, जन धन बैंक खातों, मुद्रा ऋण और घर देने के बाद ये महिला आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक और बड़ी पहल है। गांवों में महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप्स के सामर्थ्य को और बढ़ाने के लिए भी बजट में अहम फैसला लिया गया है।
भाइयों और बहनों,
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इस बजट में सबसे अधिक फोकस है। किसानों को कदम-कदम पर डिजिटल टेक्नॉलॉजी से मदद हो या सहकारिता का विस्तार, इस पर बहुत फोकस है। इससे किसानों, पशुपालकों और मछुआरों, सभी को लाभ होगा। गन्ने से जुड़ी सहकारी समितियों को विशेष मदद मिलने से कर्नाटक के गन्ना किसानों को बहुत लाभ होगा। आने वाले समय में अनेक नई सहकारी समितियां भी बनेंगी और अनाज की स्टोरेज के लिए देशभर में बड़ी संख्या में स्टोर बनेंगे। इससे छोटे किसान भी अपना अनाज स्टोर कर पाएंगे और बेहतर कीमत मिलने पर बेच पाएंगे। यही नहीं प्राकृतिक खेती से छोटे किसान की लागत कम हो, इसके लिए हज़ारों सहायता केंद्र भी बनाए जा रहे हैं।
साथियों,
कर्नाटक में आप सभी मिलेट्स-मोटे अनाज का महत्व बखूबी समझते हैं। इसलिए मोटे अनाजों को आप सभी पहले से ‘सिरि धान्या’ कहते हैं। अब कर्नाटक के लोगों की इसी भावना को देश आगे बढ़ा रहा है। अब पूरे देश में, मोटे अनाज को श्री-अन्न की पहचान दी गई है। श्री-अन्न यानि, ‘धान्य’ में सर्वश्रेष्ठ। कर्नाटक में तो श्रीअन्न रागी, श्रीअन्न नवणे, श्रीअन्न सामे, श्रीअन्न हरका, श्रीअन्न कोरले, श्रीअन्न ऊदलु, श्रीअन्न बरगु, श्रीअन्न सज्जे, श्रीअन्न बिड़ीजोड़ा, किसान ऐसे अनेक श्री अन्न पैदा करता है। कर्नाटक के ‘रागी मुद्दे’, ‘रागी रोट्टी’ इस स्वाद को कौन भूल सकता है? इस साल के बजट में श्रीअन्न के उत्पादन पर भी बहुत बल दिया गया है। इसका लाभ कर्नाटक के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के छोटे-छोटे किसानों को सबसे अधिक लाभ होगा।
साथियों,
डबल इंजन सरकार के ईमानदार प्रयासों के कारण आज भारत के नागरिक का विश्वास बुलंदी पर है, आत्मविश्वास बुलंदी पर है। हम हर देशवासी का जीवन सुरक्षित करने के लिए, भविष्य समृद्ध करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। आपका निरंतर आशीर्वाद ही हम सभी के लिए ऊर्जा है, हमारी प्रेरणा है। एक बार फिर आप सभी को बजट और आज तुमकुरु में जो विकास के प्रोजेक्ट का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है, इसके लिए मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। आप आज इतनी बड़ी तादाद में यहाँ आए हैं, हमें आशीर्वाद दे रहे हैं, मैं आप सबका भी हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूँ।
धन्यवाद !
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DS/ST/AV
Speaking at inauguration of HAL manufacturing facility and other development works in Tumakuru, Karnataka. https://t.co/3EXjZG3IkB
— Narendra Modi (@narendramodi) February 6, 2023
कर्नाटका संतों, ऋषियों-मनीषियों की भूमि है। pic.twitter.com/EeLCKz5AFx
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संतों के आशीर्वाद से आज कर्नाटका के युवाओं को रोज़गार देने वाले,
— PMO India (@PMOIndia) February 6, 2023
ग्रामीणों और महिलाओं को सुविधा देने वाले,
देश की सेना और मेड इन इंडिया को ताकत देने वाले,
सैकड़ों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। pic.twitter.com/eObR239qOc
डबल इंजन सरकार ने कर्नाटका को निवेशकों की पहली पसंद बनाया है। pic.twitter.com/NTUpuxXu6J
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हमें अपनी रक्षा जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भरता को कम से कम करना है। pic.twitter.com/SCxAladOWX
— PMO India (@PMOIndia) February 6, 2023
जब नेशन फर्स्ट, राष्ट्र प्रथम की भावना से काम होता है, तो सफलता ज़रूर मिलती है। pic.twitter.com/sa6IC4J80H
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जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष मनाएगा, उस सशक्त भारत की नींव, इस बार के बजट ने और मजबूत की है। pic.twitter.com/JUUqjgqLYC
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आजादी के इस अमृतकाल में, कर्तव्यों पर चलते हुए विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने में इस बजट का बड़ा योगदान है। pic.twitter.com/A3lMuuiiDY
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Our approach puts the Nation First! That is why we are seeing great progress across sectors. pic.twitter.com/W7yWdNOW0i
— Narendra Modi (@narendramodi) February 6, 2023
The Double Engine Governments at the Centre and in Karnataka have focussed on physical and social infrastructure. pic.twitter.com/u8v1BO4Q9J
— Narendra Modi (@narendramodi) February 6, 2023
Here is why this year’s Union Budget is being discussed all over the world… pic.twitter.com/RqDQRdTtle
— Narendra Modi (@narendramodi) February 6, 2023
ಕರ್ನಾಟಕವು ನಾವೀನ್ಯ ಮನೋಭಾವದ ಪ್ರತಿಭಾವಂತ ಯುವಜನರ ನಾಡು. pic.twitter.com/Y1m8BdGPVy
— Narendra Modi (@narendramodi) February 6, 2023
ಕೇಂದ್ರ ಮತ್ತು ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿರುವ ಡಬಲ್ ಇಂಜಿನ್ ಸರ್ಕಾರಗಳು ಭೌತಿಕ ಮತ್ತು ಸಾಮಾಜಿಕ ಮೂಲಸೌಕರ್ಯಗಳ ಮೇಲೆ ಕೇಂದ್ರೀಕರಿಸಿವೆ. pic.twitter.com/tEZwSrYK4a
— Narendra Modi (@narendramodi) February 6, 2023
ಈ ಬಾರಿಯ ಬಜೆಟ್ನಲ್ಲಿ ಶ್ರೀಅನ್ನದ ಉತ್ಪಾದನೆಗೂ ಹೆಚ್ಚಿನ ಒತ್ತು ನೀಡಲಾಗಿದ್ದು, ಇದರಿಂದ ಕರ್ನಾಟಕದ ಬರ ಪೀಡಿತ ಪ್ರದೇಶದ ಸಣ್ಣ ರೈತರಿಗೆ ಹೆಚ್ಚಿನ ಅನುಕೂಲವಾಗಲಿದೆ. pic.twitter.com/CNsMpfWIB7
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बीते 8-9 वर्षों में हमारा प्रयास समाज के उन वर्गों को भी सशक्त करने का रहा है, जो पहले सरकारी सहायता से वंचित थे। pic.twitter.com/gbijeRVYRA
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इस साल के बजट में श्रीअन्न के उत्पादन पर भी बहुत बल दिया गया है, जिसका सबसे अधिक लाभ कर्नाटक के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के छोटे किसानों को होगा। pic.twitter.com/5SBwzhKLIy
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