पीएमइंडिया
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में, किशोर न्याय (देखभाल और संरक्षण) विधेयक में संशोधनों को मंजूरी दे दी है। इन संशोधन के अंतर्गत जघन्य अपराधों के लिए किशोरों की आयु 18 वर्ष से घटाकर 16 वर्ष करने की मंजूरी दी गई है। कैबिनेट की मंजूरी के आधार पर 2014 में संसद में पेश किए गए किशोर न्याय (देखभाल और संरक्षण) विधेयक में संशोधन किया जा सकेगा और संशोधित प्रारूप संसद के चालू सत्र में पेश किया जायेगा।
विधेयक के प्रारूप में यह संशोधन 16 से 18 वर्ष की आयुवर्ग में बालिगों जैसे जघन्य अपराधों के लिए किशोरों पर मुकदमा चलाने के लिए किया गया है। इन संशोधनों से किशोरों के अधिकारों के संरक्षण की निरंतर मांग करने वाले लोगों और किशोरों द्वारा किए जाने वाले घृणित अपराधों में निरंतर वृद्धि को देखते हुए नागरिकों की लोकप्रिय मांग के बीच उत्कृष्ट संतुलन कायम किया जा सकेगा। विधेयक के संशोधित प्रारूप को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा अपनायी गई एक लंबी परामर्श प्रक्रिया के बाद मंजूरी दी गई है।