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केंद्रीय मंत्रिमंडल की भारत में ग्रामीण विकास कार्यक्रम की प्रभावशीलता में सुधार करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय और खाद्य एवं कृषि संगठन के बीच समझौता ज्ञापन को स्वीकृति


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल नेज्ञान साझा कर भारत में ग्रामीण विकास कार्यक्रम की प्रभावशीलता में सुधार करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय और खाद्य एवं कृषि संगठन(एफएओ) के बीच समझौता ज्ञापन को स्वीकृति प्रदान की है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय और खाद्य एवं कृषि संगठन ने संयुक्त तकनीक और साउथ-साउथ कॉपरेशन(संसाधनों, तकनीकी और ज्ञान का आदान-प्रदान) को लेकर एक अंतर सरकारी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे ज्ञान साझा कर भारत में ग्रामीण विकास कार्यक्रम की प्रभावशीलता में सुधार करने के लिए एक ढांचा तैयार किया जाएगा।

इस समझौता ज्ञापन से दीनदयाल अंत्योदय योजन-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन(डे-एनआएलएम) के संसाधनों, तकनीकी और ज्ञान का आदान-प्रदान के तरीके के अनुभवों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके लिए यात्राओं और संवादों के आदान-प्रदान तथा लर्निंग सेंटर की स्थापना की जाएगी।

यह ग्रामीण आबादी की आजीविका को ऊर्ध्वाधर तरीके से मजबूत करेगा जिसे डे-एनआरएलएम से सहयोग मिल रहा है। डे-एनआरएलएम से विशेष रूप से शुष्क और आपदा जोखिम की आशंका वाले जिलों में ग्रामीण युवाओं के लिए महत्वपूर्ण फसलों, कृषि औद्योगिक उत्पादों,रोजगार विविधीकरण,कौशल विकास के लिए समावेशी और सतत मूल्य श्रृंखला का विकास,सामाजिक सुरक्षा,जोखिम प्रबंधन तंत्र मजबूत मन रहा है।

समझौता ज्ञापन साझा हित की गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण गरीबी कम करने के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए होगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना,प्राकृतिक संसाधनों तक ग्रामीण गरीबों की पहुंच और उनके सतत उपयोग और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। समझौता ज्ञापन ज्ञान और अनुभव साझा करने के लिए यात्राओं के आदान-प्रदान और बातचीत के लिए सुविधा प्रदान करेगा।

दीनदयाल अंत्योदय योजन-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन(डे-एनआरएलएम) ग्रामीण विकास मंत्रालय का एक अग्रणी कार्यक्रम है। इसे सामाजिक एकजुटता, वित्तीय समावेशन और टिकाऊ आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।

डे-एनआरएलएम का उद्देश्य कुशल और प्रभावी संस्थागत प्लेटफार्मों को तैयार करना है ताकि ग्रामीण गरीबों की टिकाऊ आजीविका संवर्द्धन के माध्यम से घरेलू आय में वृद्धि हो और वित्तीय सेवाओं के उपयोग में सुधार हो।डे- एनआरएलएम का एक प्रमुख का काम कृषि और गैर कृषि क्षेत्रों में ग्रामीण गरीबों की मौजूदा आजीविका की स्थिति को बेहतर बनाना है। कृषि से जुड़े ज्ञान को उन्नत करना, उन्हें साझा करना, उन्नयन और स्थायी आय के लिए कृषि पद्धतियों पर ज्ञान के आदान-प्रदान को गरीबी उन्मूलन और उच्च आय के लिए एक मूल्यवान इनपुट माना जाता है।

डे- एनआरएलएम को 2015 के बाद के अन्य विकास प्राथमिकताओं मसलन, ग्रामीण गरीबी के उन्मूलन, सतत ग्राणीण आजीविका, ग्राणीण रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, सुशासन और लिंग समानता के साथ एजेंडे और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने के महत्व के लिए जाना जाता है।खाद्य एवं कृषि संगठन के ग्राणीण गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम को सरकार और राष्ट्रीय हितधारकों का सहयोग प्राप्त है। इसका उद्देश्य ग्रामीण गरीबी के उन्मूलन, खाद्य सुरक्षा नीतियों औऱ ग्रामीण विकास को प्राप्त करना है।

समझौता ज्ञापन ग्रामीण विकास मंत्रालय और खाद्य एवं कृषि संगठन के बीच एक ढांचा तैयार करने में कारगर साबित होगा, जो साझा हित वाले ग्रामीण महिलाओं,प्राकृतिक संसाधनों तक ग्रामीण गरीबों की पहुंच और उनके सतत उपयोग और उनके सामाजिक सुरक्षा के लिए आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण गरीबी कम करने के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण का समर्थन करने वाला होगा।