पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल को बाह्य अंतरिक्ष में सहयोग के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और जापानी एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जेएएक्सए) के बीच 11 नवंबर 2016 को टोक्यो में हस्ताक्षरित एमओयू की जानकारी दी गई।
इस एमओयू का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय दायित्वों और प्रत्येक देश के नियमों एवं कानूनों के अनुसार शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए अन्वेषण एवं बाहरी अंतरिक्ष के उपयोग के लिए भविष्य में साझा गतिविधियों को आगे बढ़ाना है।
यह एमओयू पृथ्वी अवलोकन, उपग्रह संचार एवं नेविगेशन, अन्वेषण एवं अंतरिक्ष विज्ञान, अनुसंधान एवं विकास (अंतरिक्ष प्रणाली एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी) और अंतरिक्ष उद्योग को प्रोत्साहन सहित अंतरिक्ष विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं अनुप्रयोगों के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए अवसर मुहैया कराता है।
इस ज्ञापन के तहत इसरो और जेएएक्सए अपने से संबंधित गतिविधियों की लागत तब तक वहन करेंगे जब तक वे लिखित में कोई निर्णय नहीं लेते। इस ज्ञापन के तहत उनकी संबंधित भूमिकाओं एवं गतिविधियों को पूरा करने की क्षमता और अलग से उचित कार्यान्वयन व्यवस्था उनके संबंधित वित्त पोषण प्रक्रियाओं, विनियोजित धन की उपलब्धता और उनके संबंधित राष्ट्रीय कानूनों पर निर्भर करेगा।
फ्रेमवर्क समझौता ज्ञापन से मानवता के लाभ के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग के क्षेत्र में संयुक्त गतिविधियों का नेतृत्व करेगा। इस प्रकार इससे देश के सभी क्षेत्र और वर्ग लाभिन्वित होंगे।
पृष्ठभूमिः
भारत और जापान पांच दशक से अधिक समय से अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं और दोनों देशों ने वायुमंडलीय अध्ययन, अंतरिक्ष के अवलोकन और रिमोट सेंसिंग में वैज्ञानिक जांच के क्षेत्र में अध्ययन किया है। साल 2003 में जेएएक्सए के गठन होने के साथ ही वाह्य अंतरिक्ष के क्षेत्र में संभवित भावी सहयोग के लिए एक व्यवस्था पर इसरो/अंतरिक्ष विभाग (डीओएस) और जेएएक्सए के बीच अक्टूबर 2005 में हस्ताक्षर किए गए। उसके बाद दोनों एजेंसियों ने चंद्र अन्वेषण, उपग्रह नेविगेशन, एक्स-रे खगोल विज्ञान एवं एशिया प्रशांत क्षेत्रीय अंतरिक्ष एजेंसी फोरम (एपीआरएसएएफ) में मिलकर काम करने के लिए संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
5 अप्रैल 2016 को नई दिल्ली में आयोजित इसरो-जेएएक्सए की द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने व्यापक सहयोग के साथ 2005 की व्यवस्था को अपग्रेड करने की आवश्यकता पर जोर दिया। तदनुसार, दोनों पक्षों ने वाह्य अंतरिक्ष के क्षेत्र में इसरो और जेएएक्सए के बीच सहयोग के मद्देनजर एक नए सहमति ज्ञापन (एमओयू) का मसौदा तैयार किया जिस पर प्रधानमंत्री की जापान यात्रा के दौरान टोक्यो में 11 नवंबर 2016 को हस्ताक्षर किए गए।