पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में खरीद प्राथमिकता (स्थानीय सामग्री से जुड़ी -पीपी-एलसी) प्रदान करने की नीति को अपनी मंजूरी दे दी है।
यह नीति पांच साल के लिए लागू होगी। नीति के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक संचालन समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति वार्षिक समीक्षा करेगी और साल-दर-साल के आधार पर नीति को जारी रखने की सिफारिश करेगी।
इस नीति के तहत, स्थानीय सामग्री (एलसी) के लक्ष्य को तेल एवं गैस व्यापार की कुछ गतिविधियों के लिए निर्धारित किया जाएगा। जो निर्माता/सेवा प्रदाता स्थानीय सामग्री के लक्ष्य को पूरा करेंगे और जिनका कोट किया गया मूल्य न्यूनतम वैध बोली के 10 प्रतिशत के भीतर होगा, वे खरीद आदेश के एक निर्धारित हिस्से के लिए कीमतों से मेल खाने पर खरीद प्राथमिकता के पात्र होंगे।
इस नीति से अपेक्षा की जाती है कि यह आपूर्तिकर्ताओं एवं सेवा प्रदाताओं को धीरे-धीरे ‘मेक इन इंडिया’ प्रथा को अपनाने और देश के भीतर अपनी वस्तुओं एवं सेवाओं की वैल्यू को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
यह नीति सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उद्यमों एवं उनके पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों, एक या एक से अधिक सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा 51 प्रतिशत या उससे अधिक इक्विटी वाले संयुक्त उद्यमों, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संलग्न और अधीनस्थ कार्यालयों पर लागू होगी।
पृष्ठभूमि:-
प्रधानमंत्री द्वारा सितंबर, 2014 में राष्ट्र निर्माण पहल के व्यापक प्रयासों के एक हिस्से के तहत ‘मेक इन इंडिया’ की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य भारत को एक वैश्विक डिजाइन एवं विनिर्माण केंद्र के रूप में बदलना है। इस अभियान के तहत, सरकार ने वस्तु एवं सेवाओं में स्थानीय सामग्री की वृद्धि को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है, जबकि भारत में तेल एवं गैस परियोजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए नीति बनाकर उन निर्माताओं/सेवा प्रदाताओं को खरीद प्राथमिकता प्रदान की जाएगी, जो तेल एवं गैस व्यापार गतिविधियों में स्थानीय सामग्री के लक्ष्य को पूरा करते हैं।