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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच ऊर्जा दक्षता सेवाएं उपलब्ध कराने के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन को अनुमति प्रदान की


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के स्वायत्त निकाय राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (एनपीसी) और अल इत्तेहाद एनर्जी सर्विसेज यूएई के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को पूर्व कार्येत्तर मंजूरी दे दी है। इसके तहत ऊर्जा प्रबंधन तथा संरक्षण के विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

इस एमओयू के तहत राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद निम्नलिखित सेवाएं उपलब्ध कराएगीः

1. ऊर्जा आकलन सेवाएं

2. ऊर्जा ऑडिटरों का प्रशिक्षण एवं प्रमाणन

3. मांग पक्ष प्रबंधन

वहीं अल इत्तेहाद ईएस सभी संबंधित परियोजनाओं के लिए मामलों के आधार पर निम्नलिखित सेवाएं उपलब्ध कराएगीः

i. यूएई की सरकार और यूएई में निजी स्वामित्व वाले संगठनों के साथ ग्राहक सहयोग

ii. यूएई में क्षेत्रीय ऑडिटिंग पेशेवरों के लिए स्थानीय समर्थन

iii. यूएई में ऊर्जा ऑडिटरों के प्रशिक्षण एवं प्रमाणन के लिए सभी प्रकार की स्थानीय सहायता

iv. यूएई स्थित उद्योगों के मांग पक्ष प्रबंधन से संबंधित सभी तरह का समर्थन

यह एमओयू एनपीसी को उच्च महत्व के अवसरों का लाभ उठाने में सक्षम बनाएगा। इसमें ऊर्जा निर्माण तथा दुबई व अन्य खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्य देशों में ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में संस्थागत तंत्र विकसित करना शामिल है। यह आगे चलकर एनपीसी की क्षमता का निर्माण करने के लिए मान्यता और दिशा उपलब्ध कराएगा। साथ ही तेजी से बदल रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापार परिदृश्य में दक्षता प्रदान करेगा। यह एमओयू अन्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग साझीदारों के साथ प्रतिबद्धताओं के लिए एक मिसाल साबित होगा और इस क्षेत्र में एनपीसी की प्रत्यक्षता को बढ़ाएगा। यह एमओयू एनपीसी को जीसीसी सदस्य देशों में प्रमोट करने में मदद करेगा और ऊर्जा के क्षेत्र में एनपीसी के लिए व्यापार के अवसर पैदा करेगा।