Search

पीएमइंडियापीएमइंडिया

न्यूज अपडेट्स

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मुंबई शहरी यातायात परियोजना (एमयूटीपी) के तीसरे चरण को मंजूरी दी


प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मुंबई शहरी यातायात परियोजना के तीसरे चरण को अपनी मंजूरी दे दी है।

इस परियोजना की अनुमानित लागत 8,679 करोड़ रुपये है जबकि इसके पूरा होने की लागत 10,947 करोड़ रुपये है। इस परियोजना के 13वीं योजना अवधि के दौरान अगले पांच वर्ष में पूरा हो जाने की उम्मीद है।

पश्चिम रेलवे मौजूदा समय में विरार-दहानु रोड के बीच व्यस्त डबल लाइन पर उपनगरीय सेवाएं चला रहा है, जो कि मुंबई- अहमदाबाद/मुंबई रूट की मुख्य लाइन का हिस्सा है। मुख्य लाइन पहले ही पूरी तरह से भरी है और इस लाइन से उपनगरीय सेवाओं को जोड़ने की कोई गुंजाइश नहीं है। विरार-दहानु रोड के बीच अतिरिक्त डबल लाइन के निर्माण से इस क्षेत्र में यात्रियों की मांग को पूरा किया जा सकेगा। इससे चर्चगेट से दहानु रोड तक उपनगरीय सेवाओं को विस्तार दिया जा सकेगा। पनवेल-कर्जत डबल लाइन उपनगरीय गलियारा हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में हुए शहरीकरण और जनसंख्या वृद्धि की जरूरतों को पूरा कर सकेगा। इसके अलावा यह कर्जत से पनवेल होते हुए सीएसटीएम तक एक वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराएगा। यह कल्याण होकर जाने वाले मौजूदा रास्ते से 23 किलोमीटर कम होगा और कम गति की ट्रेनों से सीएसटीएम से कर्जत की दूरी तय करने में 35-40 मिनट कम समय लगेगा।

इस समय कल्याण से वाशी/पनवेल या विपरीत दिशा में आने-जाने वाले यात्रियों को ठाणे में उतरकर ट्रांस हार्बर लिंक लेनी पड़ती है। इस कारण ठाणे स्टेशन पर काफी भीड़भाड़ हो जाती है जबकि ठाणे सेंट्रल रेलवे का पहले से ही व्यस्ततम स्टेशन है। ऐरोली-कलवा गलियारा ठाणे स्टेशन पर भीड़ को कम करेगा। इससे ठाणे को बायपास कर गुजरने वाले यात्रियों का समय भी बचेगा। नए कोचों की खरीद सेवा की गुणवत्ता को बढ़ाएगी और भीड़ कम करेगी। 22 स्टेशनों पर अतिक्रमण को नियंत्रित करने के लिए प्रस्तावित कार्य अतिक्रमण को काफी कम करेगा और जनता के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएगा।

इस परियोजना के तहत महाराष्ट्र के ठाणे, पालघर, रायगढ़ और मुंबई जिले कवर किए जाएंगे।

पृष्ठभूमिः

सेंट्रल एवं वेस्टर्न रेलवे का मुंबई उपनगरीय रेलवे नेटवर्क 376 किलोमीटर लंबा रूट है। इसमें पांच गलियारे हैं। दो पश्चिम रेलवे पर, दो सेंट्रल रेलवे और एक सेंट्रल रेलवे की हार्बर लाइन पर। प्रतिदिन करीब 2900 से ज्यादा ट्रेन सेवाओं के जरिए 80 लाख लोग इस उपनगरीय सेक्शन में यात्रा करते हैं। व्यस्त समय यानी पीक आवर्स के दौरान उपनगरीय ट्रेनों में क्षमता से अधिक भीड़ होती है। भौगोलिक बाधाओं, जनसंख्या और व्यापार क्षेत्रों की जगह के फैलाव के कारण मुंबई में रेल नेटवर्क जन परिवहन का प्रमुख माध्यम बना रहेगा। बढ़ते यात्रियों की यातायात जरूरतों को पूरा करने के लिए मुंबई शहरी ट्रांसपोर्ट परियोजना (एमयूटीपी) के तीसरे चरण में पनवेल-कर्जत के बीच नए उपनगरीय गलियारे (28 किमी रूट), ऐरोली-कलवा के बीच नए उन्नत गलियारे (तीन किमी रूट), विरार-दहानु रोड (63 किमी रूट) को चौगुना करने, 565 नए कोचों की खरीद और बीच के इलाकों में अतिक्रमण नियंत्रण के उपायों को शामिल किया गया है।