पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने और 2020 तक इलेक्ट्रॉनिक्स में ‘नेट शून्य आयात’ के लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाते हुए संशोधित विशेष प्रोत्साहन पैकेज योजना में (एम-सिपस) संशोधन को अपनी मंजूरी दे दी है।
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण (ईएसडीएम) के क्षेत्र में निवेश में तेजी लाने के अलावा एम-सिप में किए गए संशोधन से रोजगार के अवसर पैदा होने और आयात पर निर्भरता घटने की उम्मीद है। इस योजना के तहत प्राप्त हुए प्रोजेक्टों में एक मिलियन लोगों (प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से) के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता है।
यह नीति सभी राज्यों और जिलों को कवर करती है और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने का अवसर उपलब्ध कराती है। इस योजना के तहत अभी तक, 243 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 17,997 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों समेत 75 आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है।
इन संशोधनों की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं-
i. इस योजना के तहत आवेदन 31 दिसंबर, 2018 या प्रोत्साहन (इनसेंटिव) प्रतिबद्धता के 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने, दोनों में से जो पहले हो, तक स्वीकार किए जाएंगे। प्रोत्साहन प्रतिबद्धता के 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की स्थिति में आगे की वित्तीय प्रतिबद्धता पर फैसला लेने के लिए एक समीक्षा की जाएगी।
ii. नई मंजूरी के मामलों में योजना के तहत मिलने वाला इनसेंटिव प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिलने की तिथि से उपलब्ध होगा न कि आवेदन प्राप्त किए जाने की तारीख से।
iii. प्रोजेक्ट की मंजूरी मिलने की तिथि से पांच वर्ष की अवधि के भीतर इनसेंटिव निवेश के लिए उपलब्ध होगी।
iv. पात्र आवेदकों को सामान्यतः पूर्ण आवेदन जमा करने के 120 दिन के भीत इनसेंटिव मिल जाएगा।
v. इस योजना के तहत इनसेंटिव पाने वाली इकाई को तीन वर्ष की अवधि तक वाणिज्यिक उत्पादन में बने रहने के लिए वचन देना होगा।
vi. परियोजना को मंजूरी की सिफारिश करने वाली मूल्यांकन समिति की अध्यक्षता इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के सचिव करेंगे।
vii. 6850 करोड़ रुपये (लगभग एक बिलियन अमेरिकी डॉलर) से अधिक निवेश वाले मेगा प्रोजेक्ट के मामलों में एक अलग कमेटी होगी, जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करेंगे। इस समिति में नीति आयोग के सीईओ, सचिव व्यय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के सचिव शामिल होंगे।
पृष्ठभूमि
इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण (ईएसडीएम) के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए कैबिनेट ने जुलाई 2012 में विशेष प्रोत्साहन (इनसेंटिव) पैकेज उपलब्ध कराने की खातिर एम-सिप को मंजूरी दी थी। यह योजना विशेष आर्थिक गलियारे (एसईजेड) में निवेश करने पर 20 प्रतिशत और गैर एसईजेड में निवेश करने पर पूंजीगत व्यय में 25 प्रतिशत की सब्सिडी उपलब्ध कराती है। प्रक्रिया को सरल बनाने और गुंजाइश बढ़ाने के लिए इस योजना में अगस्त, 2015 में संशोधन किया गया था। इस योजना ने ईएसडीएम सेक्टर में 1,26,838 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित किया है। इसमें से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने करीब 17,997 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को अपनी मंजूरी दे दी है। एम-सिप इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में निवेश पर सकारात्मक असर डालने में सफल रही है।