पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में फरक्का में स्थित मौजूदा नौवहन लॉक के समानांतर नए नौवहन लॉक के निर्माण के लिए जल संसाधन मंत्रालय के अधीन फरक्का बांध परियोजना की 14.86 हेक्टेयर भूमि नौवहन मंत्रालय के अधीन भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है।
विस्तृत विवरण इस प्रकार हैः
(i).जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय के अधीन फरक्का बांध परियोजना (एफबीपी) से फरक्का में नए नौवहन लॉक के निर्माण के लिए 14.86 हेक्टेयर भूमि नौवहन मंत्रालय को हस्तांतरित करना।
(ii).इस भूमि की अनुमानित लागत 2,35,80,160 रूपये (दो करोड़, पैंतीस लाख, अस्सी हजार, एक सौ साठ रूपये है) जिसका खर्च भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडल्ब्लूएआई) द्वारा उठाया जाएगा।
(iii).नौवहन लॉक का निर्माण जलमार्ग विकास की एक उप-परियोजना है। इस नए लॉक से एनडब्ल्यू-वन में पोतों की आवाजाही सुगम और बाधा रहित हो जाएगी।
फरक्का में नए नौवहन लॉक के निर्माण के लाभ इस प्रकार हैः
(क) वर्तमान लॉक अपने अंदर से बड़ी संख्या गुजरने वाले पोतों को कुशलतापूर्वक और निपुणता से हैंडल करने में समर्थ नहीं है। वर्तमान नौवहन लॉक से वाहनों के गुजरने में फिलहाल बहुत समय लगता है। इसलिये जलमार्ग विकास परियोजना के लागू होने के बाद भविष्य में लॉक से गुजरने वाले पोतों की संख्या और कार्गों के आयतन में बढ़ोत्तरी की उम्मीद को देखते हुए पोतों की आवाजाही सरल बनाने में मदद करने के लिए अतिरिक्त लॉक के निर्माण की जरूरत है।
(ख) मौजूदा नौवहन लॉक के आधुनिकीकरण/उन्नयन और मरम्मत की प्रक्रिया में बहुत समय लगेगा और मरम्मत की अवधि के दौरान पोतों की आवाजाही भी बंद रहेगी। इसलिये पोतों की बाधा रहित आवाजाही के लिए नए नौवहन लॉक का निर्माण करना अपरिहार्य हो गया है।
(ग) नौवहन मंत्रालय के अधीन आईडब्ल्यूएआई एक सांविधिक निकाय है, जो शिपिंग और नौवहन के उद्देश्यों के लिए अंतर्देशीय जलमार्गों के विनियमन और विकास के लिए जिम्मेदार एक नोड्ल प्राधिकरण है। इसलिये नौवहन लॉक का निर्माण, रखरखाव, परिचालन और प्रबंधन उसके अधिकार क्षेत्र में है।
इस कार्य की योजना/निष्पादन इस प्रकार किया जाएगा कि इससे भारत और बांग्लादेश के मध्य हुए गंगाजल संधि-1996 के अनुसार फरक्का में गंगा का पानी के बंटवारे के बारे में किए गए मौजूदा प्रबंध प्रभावित न हों।
नौवहन मंत्रालय चरणबद्ध तरीके से जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय के परामर्श से फरक्का में मौजूदा नौवहन लॉक में नए नौवहन लॉक के निर्माण के साथ-साथ आधुनिकीकरण करने के लिए व्यापक तौर-तरीके तैयार करेगा।
आईडब्ल्यूएआई विश्व बैंक की तकनीकी और निवेश मदद से गंगा-भागीरथी-हुबली नदी प्रणाली के इलाहाबाद-हल्दिया खंड के राष्ट्रीय जलमार्ग-एक पर नौवहन की क्षमता बढ़ाने के लिए जलमार्ग विकास परियोजना लागू कर रहा है।
फरक्का में एक नौवहन लॉक फरक्का बांध परियोजना (एफबीपी) के नियंत्रण के अधीन 1987 से पहले ही परिचालित है। इस लॉक का आधुनिकीकरण किए जाने की जरूरत है।
विश्व बैंक के पहले स्कूपिंग मिशन (अगस्त, 2014) ने नए लॉक के निर्माण के साथ-साथ मौजूदा नौवहन लॉक के रखरखाव और उन्नयन की सिफारिश की थी। जलमार्ग विकास परियोजना के उद्देश्यों को तभी पूरी तरह पर्याप्त किया जा सकता है अगर फरक्का नौवहन लॉक की नौवहन अपस्ट्रीम को नौवहन लॉक की डाउनस्ट्रीम के अनुसार समकालिक किया जाए। यह तभी संभव है अगर फरक्का में दूसरे नौवहन लॉक का निर्माण किया जाए।