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केन्‍या के नैरोबी में 15-19 दिसम्‍बर, 2015 को आयोजित विश्‍व व्‍यापार संगठन के दसवें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में भारत द्वारा अपनाए गये दृष्टिकोण पर कार्योत्तर अनुमोदन


प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने केन्‍या के नैरोबी में 15 से 19 दिसम्‍बर, 2015 को आयोजित विश्‍व व्‍यापार संगठन के दसवें मंत्रिस्‍तरीय सम्‍मेलन में भारत द्वारा अपनाए गये दृष्‍टिकोण पर कार्योत्‍तर स्‍वीकृति दे दी है।

पृष्‍ठभूमि:-

इस सम्‍मेलन का परिणामों को ‘नैरोबी पैकेज’ के रूप में संदर्भित किया गया इसमें कृषि, कपास पर मंत्रिस्‍तीय फैसले और अल्‍प- विकसित देश (एलडीसी) से संबंधित मुद्दे शामिल हैं। इनमें विकासशील देशों के लिए विशेष सुरक्षा तंत्र (एसएसएम), खाद्य सुरक्षा उद्देश्‍यों के लिए सार्वजनिक भंडारण, कृषि निर्यातों के लिए निर्यात सब्‍सिडी को समाप्‍त करने और कपास से संबंधित उपायों के प्रति प्रतिबद्धता को शामिल किया गया है। एलडीसी से निर्यातों को निर्धारित करने के मानदंड और सेवा क्षेत्र में एलडीसी को अधिमान्‍य व्‍यवस्‍था के संबंध में भी निर्णय लिए गये थे।

नैरोबी सम्‍मेलन की समयावधि में, यह स्‍पष्‍ट हो गया कि इस सम्‍मेलन से व्‍यापार वार्ताओं के दोहा दौर का भविष्‍य निर्धारित होगा। वैश्‍विक व्‍यापार प्रणाली में विकासशील देशों का व्‍यापक समावेशन अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है। कुछ ही विकसित देशों ने दोहा विकास एजेंडे (डीडीए) को जारी रखने का सख्‍ती से विरोध किया है। भारत ने अपना पक्ष रखा कि नैरोबी सम्‍मेलन के बाद डीडीए को जारी रखना चाहिए और डीडीए के पूर्ण होने तक किसी भी नये एजेंडे को नये मुद्दों में डब्‍ल्‍यूटीओ को शामिल नहीं करना चाहिए। नैरोबी मंत्रिस्‍तरीय घोषणापत्र ने जानकारी दी गयी कि भविष्‍य में दोहा दौर की वार्ताओं के समाधान पर सदस्‍यों के विभिन्‍न विचार सामने आए हैं।

इसी प्रकार से, भारत ने एक और बहुत महत्‍वपूर्ण विषय पर मंत्रिस्‍तरीय निर्णय के संबंध में वार्ता की जिसमें यह स्‍वीकार किया गया कि विकासशील देशों को दोहा अधिदेश में शामिल एक कृषि विशेष सुरक्षा तंत्र (एसएसएम) के साधन का अधिकार होगा। सदस्‍य विशेष सत्र में कृषि पर समिति के समर्पित सत्रों में तंत्र के लिए वार्ता जारी रखेंगे। विश्‍व व्‍यापार संगठन आम परिषद ने इन वार्ताओं की प्रगति की नियमित समीक्षा का अधिदेश दे चुका है।

सदस्‍यों ने विकासशील देशों के कृषि पदार्थो के लिए विपणन सब्‍सिडी और परिवहन के लिए दीर्घावधि अवधि जैसे मामलों से संबंधित कृषि निर्यात सब्‍सिडी को समाप्‍त करने पर भी सहमति जताई। एक अन्‍य मंत्रिस्‍तीय निर्णय में फार्मास्‍यूटिकल्‍स क्षेत्र में पेंटेन्‍ट की एवरग्रीनिंग को रोकने के लिए उपयुक्‍त प्रावधान को बढ़ाना भी शामिल था। इस निर्णय से जैनरिक औषधियों की सुलभ आपूर्ति के साथ-साथ इन्‍हें वहनीय बनाने में भी मदद मिलेगी। नैरोबी सम्‍मेलन में वार्ता के अंतर्गत शामिल एक अन्‍य क्षेत्र में मत्‍स्‍य सब्‍सिडी पर नियमों से निपटना भी है। स्‍पष्‍टता की कमी के कारण भारत की तरह बहुत से अन्‍य देशों ने इस मुद्दे पर कड़ी आपत्‍ति जताई थी। वार्ता के दौरान इस क्षेत्र पर कोई निर्णय नहीं हो सका था। विकसित और विकासशील देशों के 53 डब्‍ल्‍यूटीओ सदस्‍यों के एक समूह ने 201 सूचना प्रौद्योगिकी उत्‍पादों पर प्रशुल्‍कों को समाप्‍त करने के लिए इसे कार्यान्‍वित करने हेतू एक समय सारणी पर सहमति जताई।