पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अफ्रीकन एशियन रुरल डेवलपमेंट ऑरगनाइजेशन(एएआरडीओ) के साथ समझौता ज्ञापन को मंजूरी प्रदान कर दी। ग्रामीण विकास के क्षेत्र में क्षमता निर्माण कार्यक्रम के लिए यह समझौता किया गया है।
इस समझौता ज्ञापन पर तीन साल 2015-2017 के लिए हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत क्षमता निर्माण को लेकर एएआरडीओ के सदस्य देशों के लिए तीन साल तक भारत में विभिन्न विभाग एवं संस्थाएं कार्यक्रमों का आयोजन करेंगी। इन कार्यक्रमों का आयोजन करने वाली संस्थाओं में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रुरल डेवलेपमेंट एंड पंचायती राज (एनआईआरडी एंड पीआर), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा संचालित संस्थाएं, (आई सी ए आर) भारतीय प्रबंधन संस्थान (आई आई एम) व अन्य शामिल हैं। प्रत्येक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन दो से तीन सप्ताह के लिए किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रुरल डेवलेपमेंट एंड पंचायती राज एक साल का स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी संचालित करेगा।
पृष्टभूमिः
एक अंतर मंत्रालयी एवं स्वायत्त एएआरडीओ का मुख्यालय नई दिल्ली में है और अफ्रीकी-एशियाई देशों के बीच परस्पर सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इसकी स्थापना 1962 में की गई थी। इस कार्यक्रम के तहत इस क्षेत्र में व्याप्त प्यास, भूख, अशिक्षा और बीमारी के उन्मूलन की दिशा में काम किया जाता है। भारत इस संगठन के संस्थापक सदस्यों में से एक है। सदस्य देश के तौर पर भारत इस संगठन के लिए सबसे अधिक 141,1000 अमेरिकी डॉलर की आर्थिक मदद देता है। साथ ही मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए 70 छात्रवृत्ति भी मुहैया कराता है। भारत एएआरडीओ को यह मदद भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के तहत देता है। इसके अलावा भारत एएआरडीओ सचिवालय के लिए दिल्ली में इमारत भी मुहैया कराया है और इस इमारत की देखरेख के लिए आर्थिक सहायता भी देता है। अफ्रीकी-एशियाई 31 देश अभी एएआरडीओ के सदस्य हैं।