पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एम्स, नई दिल्ली के पश्चिम अंसारी नगर और आर्युर विज्ञान नगर परिसरों में आवासीय कालोनियों के पुनर्विकास को मंजूरी दी है। राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम लिमिटेड (एनबीसीसी) निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभालेगी। इसके तहत टाइप एक और चार के मौजदा 1,444 घर को बदला जाएगा जिसका दायरा करीब 0.87 लाख वर्ग मीटर है । इसके साथ ही टाइप दो और छ: के 3,928 घर बनाएं जाएंगे जिसका दायरा करीब 4.02 लाख वर्ग मीटर का होगा। इसके अलावा 0.65 लाख वर्ग मीटर के दायरे में सामाजिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। इसमें धर्मशाला भी शामिल होगा। इस परियोजना पर अनुमान के तौर पर 4,441 करोड़ रुपये की लागत आएगी जिसमें तीस वर्षों के लिए रखरखाव व संचालन खर्च भी शामिल है। इस परियोजना को सेल्फ फाइनांस के आधार पर लागू किया जाएगा जिसमें वाणिज्यिक स्थान को बेचा जाएगा। यह परियोजना चरणों के आधार पर अगले पांच वर्षों में पूरी होगी।
पृष्टभूमिः
अभी एम्स, नई दिल्ली के पश्चिम अंसारी नगर और आर्युर विज्ञान नगर में जो आवासीय घर हैं वे पचास से साठ साल पुराने हो चुके हैं। इस लिहाज से ये घर रहने लायक नहीं हैं। यह सुरक्षित नहीं हैं। इन पुराने घरों की तेजी से बिगड़ती स्थिति के चलते इनके रखरखाव पर भारी खर्च आ रहा है। नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में मौजूदा मकान देश के अत्यधिक अकुशल प्रयोग को दर्शाता है। इसीलिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय मौजूदा पुराने व जीर्ण आवासों के पुनर्विकास के लिए इस प्रस्ताव को लेकर आया ताकि मास्टर प्लान दिल्ली-2021 के अनुसार भूमि संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए इनका निर्माण हो सके।