पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, झारखंड की स्थापना को लेकर डीएआरई/आईसीएआर के 12वीं प्रस्तावित योजना को मंजूरी दे दी है। इसके निर्माण पर 200.78 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे संबंधित पूरा खर्च आईसीएआर वहन करेगा। इस संस्थान का निर्माण झारखंड सरकार की ओर से हजारीबाग जिले के गुड़िया कर्मा गांव में मुहैया कराए गए 1000 एकड़ जमीन पर कराया जाएगा।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, झारखंड एक अनोखा संस्थान होगा। यह दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की तहर ही होगा, जिसमें कृषि से संबंधित सभी तरह के अनुसंधान होते हैं। इसमें फसल, बागवानी, कृषि वानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, सुअर पालन, रेशम और लाख पालन, शहद उत्पादन आदि शामिल हैं।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, झारखंड कृषि चुनौतियों और पूर्वी भारत की जटिलताओं पर काम करेगा जिसमें केंद्र व राज्य सरकारों के अलावा निजी अनुसंधान एवं विकास संस्थान भी शामिल होंगे। यह मानव संसाधन की गुणवत्ता, किसान अनुकूल प्रौद्योगिकियों के विकास, उत्पादकता बढ़ाने और लाभप्रदता बढ़ाने की दिशा में अनुसंधान, शिक्षा व विस्तार कार्यक्रमों को अंजाम देगा। इससे कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इससे पूर्वी हिस्से में कृषि के क्षेत्र में समग्र और सतत विकास से रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली से इतर इसमें फसल विज्ञान, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और पशु विज्ञान संबंधित अनुसंधान के लिए स्कूल होंगे।