पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में औद्योगिक सम्पदा सहयोग के क्षेत्र में उस समझौता ज्ञापन के मसौदे का अनुमोदन किया गया, जिस पर भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग और सिंगापुर सरकार के विधि मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले बौद्धिक संपदा कार्यालय की ओर से हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौता ज्ञापन पर आगामी 4-7 अक्टूबर, 2016 के दौरान प्रधानमंत्री की सिंगापुर यात्रा के समय हस्ताक्षर किए जाएंगे।
प्रस्तावित समझौते से पेटेंटों, ट्रेडमार्कों और औद्योगिक डिजाइनों के औद्योगिक संपदा अधिकारों, के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इसका लक्ष्य दोनों देशों के बीच नवाचार, रचनात्मकता और प्रौद्योगिकी विषयक प्रगति को बढ़ावा देना है। समझौते के प्राथमिकता क्षेत्रों में निम्नांकित शामिल हैं:-
• दोनों देशों के लोगों, व्यापार जगत, लघु एवं मध्यम उद्यमों, शैक्षिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संगठनों के बीच बौद्धिक संपदा के बारे में उत्कृष्ट पद्धतियों, अनुभवों और ज्ञान का आदान-प्रदान।
• बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में विशेषज्ञों का आदान-प्रदान।
• आधुनिकीकरण परियोजनाओं के स्वचालन और कार्यान्वयन के विकास में सहयोग करना।
• स्थानीय आईपी और व्यापार समुदायों के बीच भागीदारी।
प्रस्तावित समझौते से भारत नवाचार और आईपी पारिस्थितिकी प्रणाली में अनुभवों का आदान-प्रदान कर सकेगा, जिससे दोनों देशों के उद्यमियों, निवेशकों और व्यापारियों को व्यापक लाभ पहुंचेगें। यह समझौता वैश्विक नवाचार में प्रमुख भूमिका निभाने की भारत की यात्रा और राष्ट्रीय आईपीआर नीति, 2016 के लक्ष्य हासिल करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।