पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने निम्नलिखित प्रस्तावों को अनुमति प्रदान कर दी है
(ए) कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए राष्ट्रीय बैंक अधिनियम, 1981 के मसौदे में बदलाव प्रस्तावित किया गया है। अधिनियम में बदलाव को विधि विभाग ने आवश्यक माना है। इस संशोधन में वह बिन्दु भी शामिल है जिसके होने के बाद केंद्र सरकार नाबार्ड की अधिकृत पूंजी में 5,000 करोड़ रुपये को बढ़ाकर 30,000 करोड़ रुपये कर सकेगी। नाबार्ड की पूंजी में यह 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि आवश्यकता अनुसार RBI के परामर्श से होगी।
(बी) नाबार्ड में रिजर्व बैंक की इक्विटी चार प्रतिशत है जो भारत सरकार के लिए 20 करोड़ रुपये होगी।
नाबार्ड अधिनियम में जो संशोधन प्रस्तावित हैं उनमें नाबार्ड के तहत मध्यम उद्यमों और हथकरघा उद्योग को लाना है। साथ ही कुछ अनुभागों में परिवर्तन सहित कुछ अन्य संशोधन लंबित हैं।
प्राधिकृत पूंजी में प्रस्तावित वृद्धि से नाबार्ड अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में सक्षम होगा खासकर लंबे अवधि के सिंचाई फंड और कॉपरेटिव बैंक से कर्ज लेने संबंधी हाल ही में कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसले के मुताबिक काम करने में नाबार्ड सक्षम होगा। यह नाबार्ड को अपने कारोबार और अपनी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए सक्षम बनाएगा जिससे एकीकृत ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार सृजन सहित ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि बढ़ेगी।
नाबार्ड में शेयरों के हस्तातंरण के बाद फंड को लेकर रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार के बीच होने वाले मतभेद खत्म होंगे।