Search

पीएमइंडियापीएमइंडिया

न्यूज अपडेट्स

कैबिनेट ने नियामकों के फोरम और नेशनल एसोसिएशन ऑफ रेगुलेटरी यूटिलिटी कमिश्नर्स के बीच एमओयू को मंजूरी दी


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नियामकों के फोरम (एफओआर) और नेशनल एसोसिएशन ऑफ रेगुलेटरी यूटिलिटी कमिश्नर्स (एनएआरयूसी) के बीच अक्षय ऊर्जा के बड़े पैमाने पर ग्रिड एकीकरण से संबंधित समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने को अपनी मंजूरी दे दी है।

यह एमओयू अक्षय ऊर्जा के बड़े पैमाने पर ग्रिड एकीकरण के लिएव्यापक सहयोग के निम्नलिखित क्षेत्र उपलब्ध कराता हैः

i. अक्षय ऊर्जा खरीद-अंतरराष्ट्रीय अनुभव के लिए रूपरेखा तैयार करना।

ii. नवीकरणीय विकास के लिए विनियामक हस्तक्षेप जैसे राज्य और राष्ट्रीय नवीकरणीय खरीद का दायित्व (आरपीओ), अक्षय ऊर्जा प्रमाणपत्र (आरईसी) ढांचा।

iii. लोड पूर्वानुमान तकनीक और प्रक्रियाएं।

iv. करार/विद्युत खरीद समझौते।

v. नवीकरणीय पूर्वानुमान विधियों और ऑपरेटरों द्वारा अक्षय ऊर्जा के पूर्वानुमान का उपयोग कैसे किया जाता है।

vi. अक्षय ऊर्जा एकीकरण – गैस, भंडारण और मांग पक्ष दृष्टिकोण, ऊर्जा असंतुलन बजार का उपयोग करने के लिए नियम और संतुलन।

vii. उत्पादक द्वारा ग्रिड अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए विनियामक ढांचा जिसमें अनुशासन के उल्लंघन के लिए दंड शामिल हो।

viii. शारीरिक तंत्र, नियम और बाजार सहित सहायक सेवाएं।

ix. नियामक निर्णय लेने के लिए डाटा का विश्लेषण और लागत-लाभ विश्लेषण।

समझौता ज्ञापन का उद्देश्य अक्षय ऊर्जा एकीकरण के नियमों के क्षेत्र में सूचना के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और गैस, भंडारण और मांग पक्ष दृष्टिकोण तथा ऊर्जा असंतुलन बजार का उपयोग करने के लिए बेहतर संतुलन बनाना है। यह ऊर्जा ग्रिड में अक्षय ऊर्जा के बड़े पैमाने पर एकीकरण के बेहतर प्रबंधन के लिए भारत की ऊर्जा व्यवस्था के प्रयासों को बढ़ाएगा।

पृष्ठभूमि

नियामकों के फोरम का गठन विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 166 (2) के प्रावधानों के तहत ऊर्जा मंत्रालय के 16 फरवरी, 2005 की अधिसूचना के जरिये किया गया। इसका प्राथमिक उद्देश्य केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी), राज्य विद्युत नियामक आयोग (एसईआरसी) और संयुक्त विद्युत विनियामक आयोग (जेईआरसी) द्वारा ऊर्जा के क्षेत्र में तैयार किए गए नियमों की सुसंगतता था।

अतीत में, डिमांड साइड मैनेजमेंट और ऊर्जा क्षमता जैसे क्षेत्रों पर काम करने के लिए, नियामकों के फोरम ने कैलिफोर्निया ऊर्जा आयोग, कैलिफोर्निया सार्वजनिक उपयोगिता आयोग और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (लॉरेंस बर्कले राष्ट्रीय प्रयोगशाला के लिए प्रबंधन और ऑपरेटिंग ठेकेदार के रूप में) के साथ विद्युत मांग और आपूर्ति क्षमता सुधार पर एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए, ताकि ऊर्जा के क्षेत्र में भविष्य के संभावित सहयोग की योजनाओं का पता लगाया जा सके।

एनएआरयूसी संयुक्त राज्य अमेरिका में एक राष्ट्रीय संघ है, जो राज्य लोक सेवा आयुक्तों का प्रतिनिधित्व करता है। ये आवश्यक उपयोगिताओं को विनियमित करते हैं। प्रस्तावित एमओयू संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच हस्ताक्षरित ऊर्जा दक्षता के व्यावसायीकरण और नवाचार करार पर बड़े द्विपक्षीय समझौते के तहत है। इसे ‘ग्रीनिंग द ग्रिड’ प्रोजेक्ट के एक घटक के रूप में अपनाया जा रहा है, जो यूएस-इंडिया ‘पार्टनरशिप टू एडवांस क्लीन एनर्जी डिप्लॉयमेंट’ (पीएसीई-डी) के तहत शुरू किया गया था।