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कैबिनेट ने भटिंडा में नए एम्स की स्थापना को मंजूरी दी


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत पंजाब के बठिंडा में एक नए एम्स की स्थापना को मंजूरी दी है।

इस संस्थान में एक 750 बेड की क्षमता वाला अस्पताल होगा जिसमें आपातकालीन/ट्रॉमा बेड, आयुष बेड, निजी बेड और आईसीयू स्पेशेलिटी और सुपर स्पेशेलिटी बेड शामिल होंगे। इसके अलावा वहां एक प्रशासनिक ब्लॉक आयुष ब्लॉक, सभागार, रात्रि रैन बसेरा, छात्रावास और आवासीय सुविधाएं भी होंगी।

भटिंडा में नए एम्स की स्थापना के लिए इस परियोजना की लागत 925 करोड़ रुपये होगी। उपरोक्त अनुमानित लागत में आवर्ती लागत (मजदूरी व वेतन और संचालन व रख-रखाव खर्च) शामिल नहीं है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के योजना बजट में नए एम्स को मिलने वाले सहायता अनुदान के जरिए वार्षिक बजट से इस आवर्ती व्यय की पूर्ति की जाएगी।

नया एम्स भटिंडा में वहां की आबादी को सुपर स्पेशेलिटी स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करवाएगा। साथ ही इस क्षेत्र में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का भी एक बड़ा समूह बनाया जाएगा जिन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के संस्थानों/इकाइयों में उपलब्ध करवाया जा सकेगा। यह एम्स इस इलाके के प्रचलित रोगों और स्वास्थ्य संबंधी अन्य मुद्दों पर अनुसंधान का संचालन करेगा और इन रोगों के लिए इलाज व बेहतर नियंत्रण प्रदान करेगा।

यह परियोजना भारत सरकार द्वारा मंजूरी की तारीख से 48 महीने की अवधि में पूरा कर ली जाएगी। इसमें 15 महीने का एक निर्माण-पूर्व चरण, 30 महीने का निर्माण चरण और 3 महीने का स्थिरीकरण/कमीशनिंग चरण शामिल है।

पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में आबादी को इस अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा लाभान्वित किया जाएगा।

पृष्ठभूमि:

केन्द्रीय क्षेत्र योजना, प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) पहली बार अगस्त 2003 में घोषित की गई थी। इसका प्राथमिक उद्देश्य सामान्य रूप से देश में सस्ती/विश्वसनीय तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवा की उपलब्धता में क्षेत्रीय असंतुलनों को दूर करना और विशेष तौर पर पिछड़े या कम सुविधा वाले राज्यों में अच्छी गुणवत्ता वाली चिकित्सा के लिए इकाइयां बढ़ाना था।

इस योजना के तहत भुवनेश्वर, जोधपुर, रायपुर, ऋषिकेश, भोपाल और पटना में एम्स स्थापित किए गए हैं वहीं रायबरेली में एम्स का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा 2015 में नागपुर (महाराष्ट्र), कल्याणी (पश्चिम बंगाल) और गुंटूर के मंगलागिरी (आंध्र प्रदेश) में तीन एम्स को मंजूरी दी गई है।