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कैबिनेट ने भारतीय डाक एवं दूरसंचार लेखा और वित्त सेवा समूह ‘ए’ के कैडर की समीक्षा को मंजूरी दी


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय डाक एवं दूरसंचार लेखा और वित्त सेवा (आईपीएंडटीएएफएस) की पहली कैडर समीक्षा को मंजूरी दे दी है। इसके मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं-

a) कैडर की कुल क्षमता 420 से घटाकर 376 की जाएगी।

b) संचार लेखा महा नियंत्रक (सीजीसीए) का एक शीर्ष पद भी गठित किया जाएगा।

c) एचएजी प्लस स्तर के एक अतिरिक्त पद सृजित किया जाएगा। इससे ग्रेड की क्षमता दो हो जाएगा।

d) एचएजी स्तर के दो अतिरिक्त पद सृजित किए जाएंगे इससे ग्रेड की क्षमता छह से बढ़कर आठ हो जाएगी।

e) एसएजी स्तर के 18 अतिरिक्त पद बनाए जाएंगे जिससे इस ग्रेड की क्षमता 37 से बढ़कर 55 हो जाएगी।

f) जेएजी स्तर के पदों को 111 से घटाकर 90 किया जाएगा।

g) एसटीएस स्तर के पदों की संख्या 198 से कम कर 86 की जाएगी।

h) 21 जेटीएस पदों का सृजन भी किया जाएगा। इस ग्रेड की क्षमता 67 से बढ़कर 88 हो जाएगी।

i) 46 रिजर्व पदों को भी सृजन किया जाएगा।

पृष्ठभूमि

भारतीय डाक एवं दूरसंचार लेखा और वित्त सेवा समूह ‘ए’ का गठन 1972 में किया गया था। यह दूरसंचार विभाग (डीओटी) और डाक विभाग (डीओपी) की जरूरतों को पूरा करता है।

दूरसंचार विभाग में आईपीएंडटीएएफएस लाइसेंस शुल्क/स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क के मूल्यांकन और संग्रह, स्पेक्ट्रम की नीलामी, यूएसओ योजनाओं की निगरानी एवं सब्सिडी प्रबंधन, सरकारी खजाने के नियंत्रण, बजट, लेखा, पेंशन वितरण, आंतरिक लेखा परीक्षा और वित्त सलाह का काम करता है। डाक विभाग में आईपीएंडटीएएफएस को वित्त सलाह, बजट, टैरिफ एवं लागत, लेखांकन एवं आंतरिक लेखा परीक्षा के कार्यों को सौंपा गया है।

हाल के वर्षों में दूरसंचार विभाग एवं डाक विभाग की भूमिका में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। दूरसंचार के क्षेत्र में दूरसंचार विभाग की भूमिका मुख्य रूप से एक सेवा प्रदाता, नियामक और नीति निर्माता की थी जो अब बदल गई है। मौजूदा ढांचे में दूरसंचार विभाग मुख्य रूप से नीति निर्माण, लाइसेंसिंग और यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन के जिम्मेदार है। दूरसंचार विभाग से प्राप्त होने वाला राजस्व मुख्यतः लाइसेंस शुल्क, स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क और स्पेक्ट्रम नीलामी मूल्य भारत सरकार के लिए गैर-कर राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत है।

इसी तरह, डाक विभाग द्वारा दी जाने वाली सेवाओं में भी एक मात्रात्मक और गुणात्मक परिवर्तन आया है। डाक विभाग ने खुदरा बिक्री, बैंकिंग, बीमा क्षेत्र डिजीटाइजिंग ऑपरेशंस आदि में भी कदम रखा है। इसके अलावा, दोनों विभागों में ऑडिट तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है।