पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में संपन्न केन्द्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) को सतत और स्मार्ट शहरी विकास के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग पर भारत और डेनमार्क के बीच अप्रैल 2018 में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) से अवगत कराया गया था।
विवरण
इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य ज्ञान, संस्थागत सहयोग, अनुसंधान और विकास तथा संबंधित मुद्दों पर वाणिज्यिक संबंधों के आदान-प्रदान के माध्यम से पारस्परिक और लाभ के आधार पर सतत और स्मार्ट शहरी विकास के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना है। इसके अतंर्गत सहयोग के क्षेत्रों जैसे स्मार्ट शहरी समाधान, जीवितता, टिकाऊ और एकीकृत शहरी नियोजन, पुनर्विकास और भूमि उपयोग, ऊर्जा में अपशिष्ट समेत एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, टिकाऊ परिवहन प्रणाली, जल और स्वच्छता प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता, संसाधनों का उपभोग और अन्य संबंधित क्षेत्रों आदि में पारस्परिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति हुई।
कार्यान्वयन रणनीति
इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत, एमओयू के ढांचे के तहत सहयोग हेतु कार्यक्रमों की रणनीतियों और कार्यान्वित करने हेतु एक संयुक्त कार्यकारी दल (जेडब्ल्यूजी) की स्थापना की जाएगी। प्रतिभागियों की सहमति से भारत और डेनमार्क का ये संयुक्त कार्य समूह एक तय समय अंतराल पर मिलते भी रहेंगे।
प्रमुख प्रभाव
इस समझौता ज्ञापन से दोनों देशों के बीच सतत और स्मार्ट शहरी विकास के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगा।
लाभार्थी
इस समझौता ज्ञापन के जरिए ऊर्जा, टिकाऊ परिवहन प्रणाली, जल और स्वच्छता प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता, संसाधन संग्रहण सहित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।