पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमण्डल ने जीसेट-11 के जमीनी कामकाज और प्रक्षेपण सेवाओं को खरीदने की मंजूरी दे दी है। इस पर 1,117 करोड़ रुपये की लागत आयेगी।
जीसेट-11 2016 के अंत में प्रक्षेपण के लिए तैयार हो जायेगा। 5,600 किलोग्राम वजनी प्रक्षेपण यान से यह उपग्रह देश के बाहर से प्रक्षेपित होगा। इसके लिए जमीनी ढांचे की आवश्यकता पूरी करने के लिए ग्रामीण संचार जरूरतों पर भी काम हो रहा है। इससे जीसेट-11 की समय-पूर्व तैनाती संभव हो सकेगी। इस उपग्रह में क्यू बैंड क्षमता को बढ़ाया गया है, जिससे वीसेट्स, ब्रॉडबैंड आदि कई सेवाओं का इस्तेमाल संभव हो सकेगा। जीसेट-11 के जमीनी कामकाज के पूरा होने से ध्रुवीय परीक्षण समर्थन की जरूरतें तो पूरी होंगी ही, सामाजिक सेवाओं के लिए बैंडविथ के छोटे-छोटे हिस्सों का भी इस्तेमाल संभव हो सकेगा। जीसेट-11 से करीब 10 जीबीपी की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की उच्च क्षमता मुहैया होगी जिससे विशेष रूप से ग्रामीण भारत में भी इस सेवा को हासिल करना सुगम होगा।
पृष्ठभूमि:
जीसेट-11 का विकास भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के उपग्रह विभाग की सुविधाएं मिलने के बाद संभव होने जा रहा है। वर्तमान में यह उच्च बैंडविथ वीसेट संचार सुविधाओं से लैस है, जो अति उच्च 32 स्पॉट बीम्स वाला संचार उपग्रह है।