माँ भारती की सेवा और सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे डटे रहने वाले आप सभी वीरों को फिर एक बार मेरी तरफ से 130 करोड़ देशवासियों की तरफ से दीपावली की बहुत-बहुत बधाई। देश की सरहद पर हों, आसमान में या समुद्र के विस्तार में, बर्फीली चोटियों पर हों या घने जंगलों में, राष्ट्र रक्षा से जुड़े हर वीर बेटे-बेटी, हमारी सेनाएं, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, हर सुरक्षा बल, हमारे पुलिस के जवान, हर किसी को मैं आज दीपावली के इस पावन पर्व पर आदरपूर्वक नमन करता हूं।
आप हैं, तो देश हैं, देश के लोगों की खुशियां हैं, देश के ये त्योहार हैं। मैं आज आपके बीच प्रत्येक भारतवासी की शुभकामनाएं लेकर के आया हूं। आप के लिए कोटि-कोटि देशवासियों का प्यार लेकर के आया हूं। हर वरिष्ठ जन का मैं आपके लिए आशीष लेकर के आया हूं। मैं आज उन वीर माताओं-बहनों और बच्चों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं, उनके त्याग को नमन करता हूं जिनके अपने बेटे हो या बेटी, आज त्योहार के दिन पर भी सरहद पर तैनात हैं उनके परिवार के सभी लोग भी अभिनंदन के अधिकारी हैं। एक बार फिर दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से मेरे साथ बोलिये भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय।
साथियों मुझे याद है प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार 2014 में दीपावली के पर्व पर मैं सियाचिन चला गया था। जवानों के साथ दिवाली मनाने के लिए, तो बहुत लोगों को थोड़ा आश्चर्य हुआ। त्योहार के दिन ये क्या प्रधानमंत्री कर रहा है। लेकिन, अब तो आप भी मेरे भाव जानते हैं। अगर दिवाली के पर्व पर अपनों के बीच ही तो जाऊंगा, अपने से दूर कहां रहूंगा। और इसलिए आज भी दीपावली के वर्ष आप लोगों के बीच आया हूं। अपनों के बीच में आया हूं। आप भले बर्फीली पहाडि़यों पर रहें, या फिर रेगिस्तान में, मेरी दिवाली तो आपके बीच आकर ही पूरी होती है। आपके चेहरों की रौनक देखता हूं। आपके चेहरों की खुशियां देखता हूं। तो मुझे भी अनेक गुणा खुशी हो जाती है। मेरी खुशी बढ़ जाती है। इसी खुशी के लिए, देशवासियों के उल्लास को आप तक पहुंचाने के लिए आज मैं फिर एक बार, इस रेगिस्तान में आपके बीच में आया हूं। और एक बात, आपके लिए त्योहार का दिन है तो मैं इसीलिए थोड़ी सी मिठाई भी लेके आया हूं। लेकिन ये सिर्फ देश का प्रधानमंत्री मिठाई लेकर नही आया है। ये मेरी ही नहीं ये सभी देशवासियों के प्रेम और अपनेपन का स्वाद भी उसके साथ लेके आया हूं। इन मिठाइयों में आप देश की हर मां के हाथ की मिठास अनुभव कर सकते हैं। इस मिठाई में आप हर भाई, बहन और पिता के आशीर्वाद को महसूस कर सकते हैं। और इसलिए, मैं आपके बीच अकेला नहीं आता। मैं अपने साथ देश का आप के प्रति प्रेम, आपके प्रति स्नेह और आपके लिए आशीर्वाद भी साथ लेकर आता हूं और साथियों,
आज यहां लोंगेवाला की इस पोस्ट पर हूं, तो देश भर की नजरें आप पर हैं, मां भारती के लाडलों, मेरी इन बेटियों, मेरे देश को गौरव देने वाली ये बेटियाँ जो मेरे सामने बैठी हैं, उन पर देश की नजर है। मुझे लगता है कि देश की सरहद पर अगर किसी एक पोस्ट का नाम देश के सबसे ज्यादा लोगों को याद होगा, अनेक पीढ़ियों को याद होगा, तो उस पोस्ट का नाम है लोंगेवाला पोस्ट, हर किसी की जुबान पर है। एक ऐसी पोस्ट, जहां गर्मियों में तापमान 50 डिग्री को छूता है तो सर्दियों में शून्य से नीचे चला जाता है और मई-जून में ये बालू जिस प्रकार से आती है एक दूसरे का चेहरा भी नहीं देख पाते हैं। इस पोस्ट पर आपके साथियों ने शौर्य की एक ऐसी गाथा लिख दी है, जो आज भी हर भारतीय के दिल को जोश से भर देती है। लोंगेवाला का नाम लेते ही हृदय की गहराई से मन मंदिर से यही प्रकट होता है ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ ये जयकारा कानों में गूंजने लगता है।
साथियों,
जब भी सैन्य कुशलता के इतिहास के बारे में लिखा-पढ़ा जाएगा, जब सैन्य पराक्रम की चर्चा होगी, तो बैटल ऑफ लोंगेवाला को ज़रूर याद किया जाएगा। ये वो समय था जब पाकिस्तान की सेना बांग्लादेश के निर्दोष नागरिकों पर अत्याचार कर रही थी, जुल्म कर रही थी, नरसंहार कर रही थी। बहन-बेटियों पर अमानवीय जुल्म कर रही थे, पाकिस्तान की सेना के लोग कर रहे थे। इन हरकतों से पाकिस्तान का घृणित चेहरा उजागर हो रहा था। भयंकर रूप दुनिया के सामने पाकिस्तान का प्रकट हो रहा था। इन सबसे दुनिया का ध्यान हटाने के लिए पाकिस्तान ने हमारे देश की पश्चिमी सीमाओं पर मोर्चा खोल दिया। पाकिस्तान को लगता था कि भारत की पश्चिम सीमा पर मोर्चा खोल दूंगा, दुनिया में भारत ने ये कर दिया, भारत ने वो कर दिया करके रोता रहूंगा और बांग्लादेश के सारे पाप उनके छिप जाएंगे। लेकिन हमारे सैनिकों ने जो मुंहतोड़ जवाब दिया, पाकिस्तान को लेने के देने पड़ गए।
साथियों,
यहां इस पोस्ट पर दिखाए गए पराक्रम की गूंज, इस गूंज ने दुश्मन का हौसला तोड़ दिया था। उसको क्या पता था कि यहां उसका सामना मां भारती के शक्तिशाली बेटे-बेटियों से होने वाला है। मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी के नेतृत्व में भारतीय वीरों ने टैंकों से लैस दुश्मन के सैनिकों को धूल चटा दी, उनके मंसूबों को नेस्तनाबूत कर दिया। कभी-कभी मुझे लगता है कि कुलदीप जी के माता-पिता ने उनका नाम कुलदीप भले रखा था, उनको लगा होगा कि ये कुल का दीपक है लेकिन वो कुलदीप जी ने अपने पराक्रम से उस नाम को ऐसे सार्थक कर दिया, ऐसे सार्थक कर दिया कि वे सिर्फ कुलदीप नहीं, वे राष्ट्रद्वीप बन गए।
साथियों,
लोंगेवाला का वो ऐतिहासिक युद्ध भारतीय सैन्यबल के शौर्य का प्रतीक तो है ही, थलसेना, बीएसएफ और वायुसेना के अद्भुत Coordination का भी प्रतीक है। इस लड़ाई ने दिखाया है कि भारत की संगठित सैन्य शक्ति के सामने चाहे कोई भी आ जाए, वो किसी भी सूरत में टिक नहीं पाएगा। अब जब सन 71 में हुए युद्ध के, लोंगेवाला में हुई लड़ाई के 50 वर्ष होने जा रहे हैं, कुछ ही सप्ताह में हम इसके 50 वर्ष, इस गौरवपूर्ण स्वर्णिम पृष्ठ को हम मनाने वाले हैं और इसीलिए आज मेरा मन यहां आने को कर गया है। तो पूरा देश अपने उन वीरों की विजय गाथाएं सुनकर वो गौरवान्वित होगा, उसका हौसला बुलंद होगा, नई पीढ़ियां और आने वाली पीढ़ियां, इस पराक्रम के साथ प्रेरणा भी लेने के लिए ये अवसर उनके जीवन का एक बड़ा महत्वपूर्ण बनने वाला है। ऐसे ही वीर सपूतों के लिए राजस्थान की भूमि के ही एक कवि नारायण सिंह भाटी ने लिखा है और यही गीत बोलचाल की भाषा में लिखा है, उन्होंने लिखा है इन जैसे घर, इन जैसे गगन, इन जैसे सह-इतिहास! इन जैसी सह-पीढ़ियां, प्राची त्रणे प्रकाश!! यानि अपने वीर सपूतों के बलिदानों पर ये धरती गर्व करती है, आसमान गर्व करता है और सम्पूर्ण इतिहास गर्व करता है। जब-जब सूर्य का प्रकाश इस धरती पर अंधकार को भगाने के लिए अवतरित होगा, आने वाली पीढ़ियां इस बलिदान पर गर्व करती रहेंगी।
साथियों,
हिमालय की बुलंदियां हों, रेगिस्तान में बालू के ढेर हो, घने जंगल हों या फिर समंदर की गहराई हो, हर चुनौती पर हमेशा आपकी वीरता हर चुनौती पर भारी पड़ी है। आप में से अनेक साथी अगर आज यहां रेगिस्तान में डटे हैं, तो आपको हिमालय की ऊंचाइयों का भी अनुभव है। स्थिति-परिस्थिति कोई भी हो, आपका पराक्रम, आपका शौर्य, अतुलनीय है। इसी का असर है कि आज दुश्मन को भी ये ऐहसास है कि भारत के जांबाजों की कोई बराबरी नहीं है। आपके इसी शौर्य को नमन करते हुए आज भारत के 130 करोड़ देशवासी आपके साथ मजबूती से खड़े हैं। आज हर भारतवासी को अपने सैनिकों की ताकत और शौर्य पर गर्व है। उन्हें आपकी अजेयता पर, आपके अपराजेयता पर गर्व है। दुनिया की कोई भी ताकत हमारे वीर जवानों को देश की सीमा की सुरक्षा करने से न रोक सकता है न टोक भी सकता है।
साथियों,
दुनिया का इतिहास हमें ये बताता है कि केवल वही राष्ट्र सुरक्षित रहे हैं, वही राष्ट्र आगे बढ़े हैं जिनके भीतर आक्रांताओं का मुकाबला करने की क्षमता थी। अगर आज का दृश्य देखें, भले ही international cooperation कितना ही आगे क्यों न आ गया हो, समीकरण कितने ही बदल क्यों न गए हों, लेकिन हम कभी नहीं भूल सकते कि, सतर्कता ही सुरक्षा की राह है, सजगता ही सुख-चैन का संबल है। सामर्थ्य ही विजय का विश्वास है, सक्षमता से ही शांति का पुरस्कार है। भारत आज सुरक्षित है क्योंकि भारत के पास अपनी सुरक्षा करने की शक्ति है, भारत के पास आप जैसे वीर बेटे-बेटियां हैं।
साथियों,
जब भी जरूरत पड़ी है, भारत ने दुनिया को दिखाया है कि उसके पास ताकत भी है और सही जवाब देने की राजनीतिक इच्छाशक्ति भी है। हमारी सैन्य ताकत, उसने आज हमारी negotiating power को भी अनेक गुना बढ़ा दिया है, उनके पराक्रम से बढ़ा है, उनकी संकल्प शक्ति से बढ़ा है। आज भारत आतंकियों को, आतंक के आकाओं को घर में घुसकर मारता है। आज दुनिया ये जान रही है, समझ रही है कि ये देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर रत्ती भर भी समझौता करने वाला नहीं है। भारत का ये रुतबा, ये कद आपकी शक्ति और आपके पराक्रम के ही कारण है। आपने देश को सुरक्षित किया हुआ है इसीलिए आज भारत वैश्विक मंचों पर प्रखरता के साथ अपनी बात रखता है।
साथियों,
आज पूरा विश्व विस्तारवादी ताकतों से परेशान हैं। विस्तारवाद, एक तरह से मानसिक विकृति है और अठ्ठारहवीं शताब्दी की सोच को दर्शाता है। इस सोच के खिलाफ भी भारत प्रखर आवाज बन रहा है।
साथियों,
आज भारत बहुत तेजी के साथ अपने डिफेंस सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने की तरफ बहुत तेजी से कदम उठा रहा है, आगे बढ़ रहा है। हाल ही में हमारी सेनाओं ने निर्णय लिया है कि वो 100 से ज्यादा अलग-अलग प्रकार की जो आवश्यकताएं, खासकर हथियार और साजो-सामान उसको अब विदेशों से नहीं लेंगे, भारत में उत्पाद की हुई चीज़े ही लेंगे। यहीं का उत्पाद और उसके लिए जो आवश्यक होगा करेंगे। ये निर्णय छोटा नहीं है। इसके लिए सीने में बहुत बड़ा दम लगता है। अपने जवानों पर विश्वास लगता है। मैं आज इस मौके पर और त्याग और तपस्या की इस महत्वपूर्ण भूमि से, मैं अपनी सेनाओं को उनके इस महत्वपूर्ण फैसले के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। ये निर्णय छोटा नहीं है, मैं जानता हूं। फैसला सेना ने लिया, आत्मनिर्भर भारत का एक बहुत बड़ा हौसला बढ़ाने वाला निर्णय लिया। लेकिन सेना के इस फैसले से देशवासियों में भी, 130 करोड़ देशवासियों में ऐसा मैसेज चला गया, सब दूर चला गया और वो मैसेज क्या गया लोकल के लिए वोकल होने का, सेना के एक निर्णय ने 130 करोड़ देशवासियों को लोकल के लिए वोकल होने की प्रेरणा दी। मैं आज देश के नौजवानों से, देश की सेनाओं से, सुरक्षा बलों से, पैरामेडिकल फोर्सेस से, एक के बाद एक इस प्रकार निर्णयों के अनुकूल भारत में भी मेरे देश के युवा ऐसी-ऐसी चीजों का निर्माण करेंगे, ऐसी-ऐसी चीजें बनाकर के लायेंगे, हमारी सेना के जवानों की, हमारे सुरक्षा बलों के जवानों की ताकत बढ़ेगी। हाल के दिनों में अनेक स्टार्ट्स-अप्स सेनाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए आगे आए हैं। डिफेंस सेक्टर में नौजवानों के नए स्टार्ट-अप्स देश को आत्मनिर्भरता के मामले में और तेजी से आगे ले जाएंगे।
साथियों,
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत, देश के बढ़ते हुए इस सामर्थ्य का लक्ष्य है- सरहद पर शांति। आज भारत की रणनीति साफ है, भारत की रणनीति स्पष्ट है। आज का भारत समझने और समझाने की नीति पर विश्वास करता है, समझने की भी और समझाने की भी, लेकिन अगर हमें आज़माने की कोशिश की, फिर तो जवाब भी उतना ही प्रचंड मिलेगा।
साथियों,
देश की अखंडता, देशवासियों की एकता पर निर्भर करती है। शान्ति, एकता, सद्भावना देश के भीतर देश की अखण्डता को ऊर्जा देती है। सीमा की सुरक्षा, सुरक्षाबलों की शक्ति के साथ जुड़ी है। सीमा पर हमारे जांबाजों का हौसला बुलंद रहे, उनका मनोबल आसमान से भी ऊंचा रहे, इसलिए उनकी हर आवश्यकता, हर जरूरत, आज देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उनके परिवार की देखभाल, ये देश का दायित्व है। बीते समय में, सैनिकों के बच्चों की शिक्षा और रोजगार को लेकर भी अनेक फैसले लिए गए हैं। पिछले वर्ष जब मैंने दूसरी बार शपथ ली थी तो पहला फैसला ही शहीदों के बच्चों की शिक्षा से जुड़ा हुआ था। इसके तहत नेशनल डिफेंस फंड के अंतर्गत मिलने वाली स्कॉलरशिप को बढ़ाया गया है।
साथियों,
सुविधा के साथ-साथ वीरों के सम्मान के लिए भी देश में अभूतपूर्व प्रयास चल रहे हैं। National war memorial, राष्ट्रीय समर स्मारक या फिर नेशनल पुलिस मेमोरियल हो, ये दोनों स्मारक देश के शौर्य के सर्वोच्च प्रतीक बनकर देशवासियों को, हमारी नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहे हैं।
साथियों,
मुश्किल चुनौतियों के बीच आपका व्यवहार, आपका टीम वर्क, देश को हर मोर्चे पर इसी जज्बे के साथ लड़ने की सीख देता है। आज देश इसी भावना से कोरोना जैसी महामारी के खिलाफ भी जंग लड़ रहा है। देश के हजारों doctors, nurses, helpers और support staff दिन रात, बिना रुके, बिना थके काम कर रहे हैं। देशवासी भी इस जंग को फ्रंटलाइन warriors की तरह लड़ रहे हैं। इतने महीनों से हमारे देशवासी पूरे अनुशासन का पालन कर रहे हैं, मास्क जैसी सावधानियों का पालन कर रहे हैं और अपने और अपनों के जीवन की भी रक्षा कर रहे हैं। लेकिन हमें ये भी एहसास है, कि अगर हमें मास्क पहनने में ही इतनी तकलीफ होती है तो आपके लिए ये सुरक्षा जैकेट्स, न जाने आपके शरीर पर कितनी चीजें आपको लादनी पड़ती है। इतना कुछ पहनना कितना कठिन होता होगा। आपके इस त्याग से देश अनुशासन भी सीख रहा है और सेवा धर्म का भी पालन भी कर रहा है।
साथियों,
सीमा पर रहकर आप जो त्याग करते हैं, तपस्या करते हैं, वो देश में एक विश्वास का वातावरण बनाता है, हर हिन्दुस्तानी के अंदर एक नया confidence level लाता है। ये विश्वास होता है कि मिलकर बड़ी से बड़ी चुनौती का मुकाबला किया जा सकता है। आपसे मिली इसी प्रेरणा से देश महामारी के इस कठिन समय में अपने हर नागरिक के जीवन की रक्षा में जुटा हुआ है। इतने महीनों से देश अपने 80 करोड़ से ज्यादा नागरिकों के भोजन की व्यवस्था कर रहा है। लेकिन इसके साथ ही, देश, अर्थव्यवस्था को फिर से एक बार गति देने का भी पूरे हौसले से प्रयास कर रहा है। देशवासियों के इसी हौसले का परिणाम है कि आज कई sectors में फिर से रिकॉर्ड रिकवरी और growth दिख रही है। ये अलग-अलग प्रकार की सब लड़ाइयां, ये सब सफलताएं, इनका श्रेय सीमा पर डटे हमारे जवानों को जाता है, आपको जाता है।
साथियों,
हर बार, हर त्योहार में, जब भी मैं आपके बीच आता हूं, जितना समय आप सब के बीच बिताता हूं, जितना आपके सुख-दुख में शामिल होता हूं, राष्ट्ररक्षा का, राष्ट्रसेवा का मेरा संकल्प उतना ही मज़बूत होता है। मैं आपको फिर आश्वस्त करता हूं कि आप निश्चिंत होकर अपने कर्तव्य पथ पर डटे रहें, प्रत्येक देशवासी आपके साथ है। हां, आज के दिन मैं आपसे एक मित्र के रूप में, एक साथी के रूप में तीन बातों का आग्रह करूंगा और मुझे विश्वास है कि मेरा ये आग्रह आपके लिए भी हो सकता है संकल्प बन जाए। पहला- कुछ न कुछ नया Innovate करने की आदत को, नई तरीके से करने की आदत, नई चीज खोजकर करने की आदत, इसको जिंदगी का हिस्सा बनाइए और मैंने देखा है कि इस प्रकार जिन्दगी गुजारने वाले हमारे जवानों की creativity देश के लिए बहुत कुछ नई चीजें ला सकती हैं। आप थोड़ा सा ध्यान दीजिए, कुछ न कुछ इनोवेट करने पर। देखिए, हमारे सुरक्षा बलों को क्योंकि आप अनुभव के आधार पर इनोवेट करते हैं। रोजमर्रा से जिस प्रकार से आप जूझते हैं उसमें से निकालते हैं, बहुत बड़ा लाभ होता है। दूसरा मेरा आग्रह है और वो आप लोगों के लिए बहुत जरूरी है आप हर हालत में योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखिए और तीसरा हम सबकी अपनी-अपनी मातृभाषा है, हम में से बहुत लोग हिन्दी बोलते भी हैं, हम में से कुछ लोग अंग्रेजी भी बोलते हैं, इन सबसे तो हमारा स्वाभाविक नाता रहता है। लेकिन जब ऐसा सामूहिक जीवन होता है, एक मेरे सामने लघु भारत बैठा हुआ है। देश के हर कोने के नौजवान बैठे हुए हैं। अलग-अलग मातृभाषा के नौजवान बैठे हुए हैं तब मैं आपसे एक और आग्रह करता हूं कि मातृभाषा वो जानते हैं आप, हिन्दी जानते हैं, अंग्रेजी जानते हैं, क्यों न अपने किसी एक साथी के पास से, भारत की कोई एक और भाषा आप जरूर आत्मसात कीजिए। सीखिए, आप देखना वो आपकी एक बहुत बड़ी ताकत बन जाएगी। आप जरूर देखेंगे, ये बातें आपमें एक नई ऊर्जा का संचार करेंगी।
साथियों,
जब तक आप हैं, आपका ये हौसला है, आपके ये त्याग और तपस्या है, 130 करोड़ भारतवासियों का आत्मविश्वास कोई नहीं डिगा पाएगा। जब तक आप हैं, तब तक देश की दिवाली इसी तरह रोशन होती रहेगी। लोंगेवाला की इस पराक्रमी भूमि से, वीरता और साहस की भूमि से, त्याग और तपस्या की भूमि से मैं फिर एक बार, आप सबको भी और देशवासियों को भी दीपावली की अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं। मेरे साथ, पूरी ताकत के साथ दोनों मुट्ठी ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए, भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!
बहुत-बहुत धन्यवाद!
***
डीएस/एमजी/एएम/एसके
मैं आज आपके बीच प्रत्येक भारतवासी की शुभकामनाएं लेकर आया हूं, आपके लिए प्यार लेकर आया हूं, आशीष लेकर आया हूं।
— PMO India (@PMOIndia) November 14, 2020
मैं आज उन वीर माताओं-बहनों और बच्चों को भी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं, उनके त्याग को नमन करता हूं, जिनके अपने सरहद पर हैं: PM @narendramodi
आप भले बर्फीली पहाड़ियों पर रहें या फिर रेगिस्तान में, मेरी दीवाली तो आपके बीच आकर ही पूरी होती है।
— PMO India (@PMOIndia) November 14, 2020
आपके चेहरों की रौनक देखता हूं, आपके चेहरे की खुशिया देखता हूं, तो मुझे भी दोगुनी खुशी होती है: PM @narendramodi
हिमालय की बुलंदियां हों, रेगिस्तान का विस्तार हो, घने जंगल हों या फिर समंदर की गहराई हो, हर चुनौती पर हमेशा आपकी वीरता भारी पड़ी है: PM @narendramodi to our forces
— PMO India (@PMOIndia) November 14, 2020
आपके इसी शौर्य को नमन करते हुये आज भारत के 130 करोड़ देशवासी आपके साथ मजबूती से खड़े हैं।
— PMO India (@PMOIndia) November 14, 2020
आज हर भारतवासी को अपने सैनिकों की ताकत और शौर्य पर गर्व है।
उन्हें आपकी अजेयता पर, आपकी अपराजेयता पर गर्व है: PM @narendramodi
दुनिया की कोई भी ताकत हमारे वीर जवानों को देश की सीमा की सुरक्षा करने से रोक नहीं सकती है: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) November 14, 2020
भले ही international cooperation कितना ही आगे क्यों न आ गया हो, समीकरण कितने ही बदल क्यों न गए हों, लेकिन हम कभी नहीं भूल सकते कि:
— PMO India (@PMOIndia) November 14, 2020
सतर्कता ही सुरक्षा की राह है,
सजगता ही सुख-चैन का संबल है।
सामर्थ्य ही विजय का विश्वास है,
सक्षमता से ही शांति का पुरस्कार है: PM @narendramodi
आज दुनिया ये जान रही है, समझ रही है कि ये देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर रत्ती भर भी समझौता करने वाला नहीं है।
— PMO India (@PMOIndia) November 14, 2020
भारत का ये रुतबा, ये कद आपकी शक्ति और आपके पराक्रम के ही कारण है।
आपने देश को सुरक्षित किया हुआ है इसीलिए आज भारत वैश्विक मंचों पर प्रखरता से अपनी बात रखता है: PM
आज पूरा विश्व विस्तारवादी ताकतों से परेशान हैं।
— PMO India (@PMOIndia) November 14, 2020
विस्तारवाद, एक तरह से मानसिक विकृति है और अठ्ठारहवीं शताब्दी की सोच को दर्शाती है।
इस सोच के खिलाफ भी भारत प्रखर आवाज बन रहा है: PM @narendramodi
हाल ही में हमारी सेनाओं ने निर्णय लिया है कि वो 100 से ज्यादा हथियारों और साजो-सामान को विदेश से नहीं मंगवाएगी: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) November 14, 2020
मैं सेनाओं को इस फैसले के लिए बधाई देता हूं।
— PMO India (@PMOIndia) November 14, 2020
सेना के इस फैसले से देशवासियों को भी लोकल के लिए वोकल होने की प्रेरणा मिली है: PM @narendramodi
मैं आज देश के नौजवानों से देश की सेनाओं के लिए निर्माण करने का आह्वान करता हूं।
— PMO India (@PMOIndia) November 14, 2020
हाल के दिनों में अनेक स्टार्ट्स-अप्स सेनाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए आगे आए हैं।
डिफेंस सेक्टर में नौजवानों के नए स्टार्ट-अप्स देश को आत्मनिर्भरता के मामले में और तेजी से आगे ले जाएंगे: PM
आज भारत की रणनीति साफ है, स्पष्ट है।
— PMO India (@PMOIndia) November 14, 2020
आज का भारत समझने और समझाने की नीति पर विश्वास करता है लेकिन अगर हमें आज़माने की कोशिश होती है तो, जवाब भी उतना ही प्रचंड मिलता है: PM @narendramodi
सीमा पर रहकर आप जो त्याग करते हैं, तपस्या करते हैं, वो देश में एक विश्वास पैदा करता है।
— PMO India (@PMOIndia) November 14, 2020
ये विश्वास होता है कि मिलकर बड़ी से बड़ी चुनौती का मुकाबला किया जा सकता है: PM @narendramodi
आपसे मिली इसी प्रेरणा से देश महामारी के इस कठिन समय में अपने हर नागरिक के जीवन की रक्षा में जुटा हुआ है।
— PMO India (@PMOIndia) November 14, 2020
इतने महीनों से देश अपने 80 करोड़ नागरिकों के भोजन की व्यवस्था कर रहा है।
लेकिन इसके साथ ही, देश, अर्थव्यवस्था को वापस गति देने का भी पूरे हौसले से प्रयास कर रहा है: PM
आज के दिन मैं आपसे तीन आग्रह और करना चाहता हूं।
— PMO India (@PMOIndia) November 14, 2020
पहला- कुछ न कुछ नया Innovate करने की आदत को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाइए। आजकल कई जगहों पर हमारे जवान महत्वपूर्ण इनोवेशंस कर रहे हैं।
दूसरा- योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखिए।
तीसरा- अपनी मातृभाषा, हिंदी और अंग्रेजी के अलावा, कम से कम एक भाषा जरूर सीखिए।
— PMO India (@PMOIndia) November 14, 2020
आप देखिएगा, ये बातें आपमें एक नई ऊर्जा का संचार करेंगी: PM @narendramodi
जब मैं 2014 में दिवाली पर सियाचिन गया था, तो कुछ लोग चौंक गए थे।
— Narendra Modi (@narendramodi) November 14, 2020
दिवाली पर अपनों के बीच ही तो आऊंगा, अपनों से दूर कहां रहूंगा! आप बर्फीली पहाड़ियों पर रहें या रेगिस्तान में, मेरी दिवाली तो आपके बीच आकर ही पूरी होती है।
मैं अपने साथ आपके प्रति देश का प्रेम, स्नेह भी लाता हूं। pic.twitter.com/QCaZjE8TD5
जब भी सैन्य कुशलता के इतिहास के बारे में लिखा-पढ़ा जाएगा, तो बैटल ऑफ लोंगेवाला को जरूर याद किया जाएगा।
— Narendra Modi (@narendramodi) November 14, 2020
यहां की पोस्ट पर आपके साथियों ने शौर्य की एक ऐसी गाथा लिख दी है, जो आज भी हर भारतीय के दिल को जोश से भर देती है। pic.twitter.com/560CV1UZH2
परिस्थिति कैसी भी हो, आपका पराक्रम और शौर्य अतुलनीय है।
— Narendra Modi (@narendramodi) November 14, 2020
आपके इसी शौर्य को नमन करते हुए 130 करोड़ देशवासी आपके साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्हें आपकी अजेयता पर, आपकी अपराजेयता पर गर्व है।
दुनिया की कोई भी ताकत हमारे वीर जवानों को देश की सीमा की सुरक्षा करने से रोक नहीं सकती है। pic.twitter.com/NgJwWPyvpc
सतर्कता ही सुरक्षा की राह है,
— Narendra Modi (@narendramodi) November 14, 2020
सजगता ही सुख-चैन का संबल है।
सामर्थ्य ही विजय का विश्वास है,
सक्षमता से ही शांति का पुरस्कार है।
भारत आज सुरक्षित है, क्योंकि भारत के पास अपनी सुरक्षा करने की शक्ति है, भारत के पास आप हैं। pic.twitter.com/KnVK3uto0I
आज पूरा विश्व विस्तारवादी ताकतों से परेशान है।
— Narendra Modi (@narendramodi) November 14, 2020
विस्तारवाद एक तरह से मानसिक विकृति है और 18वीं सदी की सोच को दर्शाता है।
इस सोच के खिलाफ भारत प्रखर आवाज बन रहा है। pic.twitter.com/k2fqGbat4U
देश की अखंडता देशवासियों की एकता पर निर्भर करती है।
— Narendra Modi (@narendramodi) November 14, 2020
सीमा की सुरक्षा सुरक्षाबलों की शक्ति के साथ जुड़ी है।
सीमा पर हमारे जांबाजों का हौसला बुलंद रहे और उनका मनोबल आसमान से भी ऊंचा रहे, इसलिए उनकी हर आवश्यकता आज देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। pic.twitter.com/7VjUpUKSrj
सीमा पर रहकर आप जो त्याग करते हैं, तपस्या करते हैं, वह देश में एक विश्वास पैदा करता है।
— Narendra Modi (@narendramodi) November 14, 2020
यह विश्वास होता है कि बड़ी से बड़ी चुनौती का मिलकर मुकाबला किया जा सकता है।
आपसे मिली इसी प्रेरणा से देश महामारी के इस कठिन समय में अपने हर नागरिक के जीवन की रक्षा में जुटा हुआ है। pic.twitter.com/Yd3BLzWbvi
हर बार, हर त्योहार में, जब भी मैं आपके बीच आता हूं,
— Narendra Modi (@narendramodi) November 14, 2020
जितना समय आपके बीच बिताता हूं,
जितना आपके सुख-दुख में शामिल होता हूं, राष्ट्ररक्षा और राष्ट्रसेवा का मेरा संकल्प उतना ही मजबूत होता जाता है। pic.twitter.com/B5EvYGhshZ