पीएमइंडिया
नमस्कार!
चाओ, कोमे स्ताई!
इटली से यहाँ आए सभी अतिथियों का विशेष रूप से हार्दिक स्वागत है!
बेनवेनुतो इन इंडिया!
Friends,
ये 24th Tech Summit है। इस समिट में Partner Country के रूप में इटली की भागीदारी और साथ ही प्रधानमंत्री कोन्ते जी की गरिमामय उपस्थिति, ये हमारे लिए गौरव का विषय है।
यहां आने से पहले, अपनी आधिकारिक मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री श्री कोन्ते जी के साथ मेरी विस्तार से चर्चा हुई है। भारत के साथ संबंधों के प्रति उनका उत्साह और उनकी प्रतिबद्धता मैंने खुद अनुभव की है।
ये साल हमारे लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ये भारत और इटली के Diplomatic Relations का 70वां साल है। इसी साल Science and Technology के क्षेत्र में हमारे सहयोग को 40 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री कोन्ते जी की भारत यात्रा का एक अलग ही महत्व है।
Friends,
ये वो समय है जब Technology के बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है। आज करीब-करीब हर व्यक्ति का जीवन Technology से किसी ना किसी रूप में जुड़ा हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में तो Technology के क्षेत्र में बहुत तेज़ी से परिवर्तन हुए हैं। इसकी रफ्तार इतनी तेज है कि एक टेक्नोलॉजी का प्रभाव समाज के आखिरी छोर तक पहुंच भी नहीं पाता कि उससे बेहतर टेक्नोलॉजी आ जाती है। ऐसे में सभी देशों के सामने बदलती हुई टेक्नोलॉजी के साथ चलने की चुनौती है, तो अनेक नए अवसर भी हैं।
भारत ने तो टेक्नोलॉजी को सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण, समावेश, सक्षम सरकारी तंत्र और पारदर्शिता का माध्यम बनाया है। सरकारी सेवाओं की प्रभावी Last Mile Delivery को टेक्नोलॉजी के माध्यम से सुनिश्चित किया जा रहा है। विशेषतौर पर Digital Technology का एक व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, ताकि सामान्य जन को और आसानी से सुविधाओं का लाभ मिल सके। Technology को हम Ease of Living का एक महत्वपूर्ण माध्यम मानते हैं।
Friends,
आज दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम में से एक भारत में चल रही है। सरकारी मदद सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है। बर्थ सर्टिफिकेट से लेकर बुढ़ापे की पेंशन तक की अनेक सुविधाएं आज ऑनलाइन हैं। 300 से अधिक केंद्र और राज्य सरकार की सेवाओं को उमंग App के माध्यम से एक प्लेटफॉर्म पर लाया गया है।
डिजिटल पेमेंट आजकल करीब ढाई सौ करोड़ ट्रांजेक्शन प्रति माह की रफ्तार से बढ़ रहा है। देशभर में 3 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर्स से गांव-गांव में ऑनलाइन सेवाएं दी जा रही हैं।
पिछले 4 वर्षों में भारत में एक जीबी डेटा की कीमत 90 प्रतिशत से ज्यादा तक कम हुई है। भारत में ये सस्ता डेटा, देश के हर व्यक्ति तक डिजिटल टेक्नोलॉजी को पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।
Friends,
भारत अब IT Software Power की अपनी पहचान को Next Level पर ले जाने के लिए आगे बढ़ रहा है। हम भारत में Scientific Temper से Technological Temperament विकसित करने पर जोर दे रहे हैं।
देशभर में अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से स्कूलों में Innovation के लिए, भविष्य की तकनीक के लिए Temperament विकसित किया जा रहा है। अटल Innovation Mission के माध्यम से देश भर में ऐसे युवाओं का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जो चौथी औद्योगिक क्रांति का मज़बूत स्तंभ बनेंगे।
सरकार के इन तमाम प्रयासों का ही नतीजा है कि World Intellectual Property Organisation, WIPO की Global Innovation Index की रैंकिंग में हम 21 स्थान ऊपर आ गए हैं। इसके अलावा आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा Start-Up Ecosystem भारत में ही है।
भारत में जो Innovation हो रहे हैं उसमें Quality पर भी जोर दिया जा रहा है। भारत का स्पेस प्रोग्राम इसका बेहतरीन उदाहरण है और इसकी सफलता तो इटली ने भी महसूस की है।
आज भारत इटली समेत दुनिया के अनेक देशों के सैटलाइट बहुत कम खर्च पर अंतरिक्ष में भेज रहा है। ये सैटेलाइट टेक्नोलॉजी का लाभ घर-घर तक पहुंचाने में उपयोगी साबित हो रही हैं।
साथियों, आज जब दुनिया Industry 4.0 की चर्चा कर रही है तब, भारत और इटली की प्राचीन सभ्यताओं के बीच Science और technology में सहयोग को मजबूत करने से नए तो अवसर बनेंगे ही, बल्कि चुनौतियों का सामना भी हम प्रभावी ढंग से कर पाएंगे।
Friends,
आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ रही बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत का विशाल Domestic Market, युवा जनसंख्या, Technology और Innovation का Ecosystem, साथ मिलकर दुनिया की ग्रोथ का एक ताकतवर इंजन सिद्ध होने वाला है।
वहीं विज्ञान और प्रोद्योगिकी में इटली के पास भी समृद्ध विरासत है। Manufacturing की दुनिया में इटली का नाम उत्तम क्वालिटी के लिए जाना जाता है। इसलिए, भारत और इटली साथ मिल कर High Quality Research में अपना सहयोग और अधिक मजबूत कर सकते हैं। इस सहयोग के माध्यम से हम वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए साझा Technological Solutions तैयार कर सकते हैं।
यही कारण है कि दोनों देशों के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने, पर्यावरण को स्वच्छ बनाने, मानव कल्याण के लिए Science और Technology में सहयोग मजबूत करना पहले की तुलना में सर्वाधिक आवश्यक है। मुझे इस बात की खुशी है कि दोनों देशों का वैज्ञानिक समुदाय और Business Leaders मिल कर Research और Innovation के Cutting Edge क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। Renewable Energy, Environmental Science, Neuro Science, और IT से ले कर सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसे क्षेत्रों में हमारा व्यापक सहयोग है।
Friends,
सहयोग के इस मार्ग को मजबूत करने के साथ ही हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना भी है कि Research and Development के परिणाम प्रयोगशालाओं तक ही सीमित न रहें, बल्कि इनका लाभ समाज, जनता तक भी पहुंचे। इसलिए ही मैं हमेशा कहता हूं कि “Science is Universal, Technology has to be local”.
भारत में हमने अपनी ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के लिए Science and Heritage Research Initiative, यानि SHRI की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण और Restoration के लिए Technology से जुड़े समाधान ढूंढना है। Technology, Tourism और History – तीनों का संगम इस पहल में दिखाई देता है।
मुझे विश्वास है कि Science, Technology और Innovation को बढ़ावा देकर विकास की नई गति सुनिश्चित होगी। हमारे द्विपक्षीय संबंधों के विकास में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यही इस Tech Summit का उद्देश्य रहा है।
मुझे विश्वास है कि बीते दो दिनों के दौरान Summit में हुई चर्चाओं में से दोनों देशों के बीच Technology Transfer, Joint Ventures और Market Access को बढ़ाने में सहायता मिलेगी। यह Summit हमारे साझा भविष्य की चर्चा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Friends,
आज भारत-इटली द्विपक्षीय Industrial Research and Development Cooperation कार्यक्रम के अगले चरण की शुरूआत की घोषणा करते हुए मुझे बहुत ही खुशी हो रही है। इससे हमारे उद्योग और रिसर्च संस्थान बिना किसी बाधा के नए उत्पाद और Prototypes विकसित कर सकेंगे। “Know how”, को समय की मांग है “Show how” में परिवर्तित हो सके।
दोनों देशों में आर्थिक संबंध और मजबूत करने के लिए हम इस बात पर भी सहमत हुए हैं कि Joint Commission on Economic Cooperation, JCEC के मार्गदर्शन में एक CEO फोरम का भी गठन हो। इसके साथ ही, दोनों देशों के बीच two-way investments को बढ़ाने के लिए, व्यापार करने में आ रही अड़चनों को भी दूर करने के लिए एक Fast Track Mechanism बनाने पर भी सहमति बनी है।
मुझे इस बात की भी प्रसन्नता है कि भारत और इटली, LAD यानि Life Style Accessories Design के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। इसमें भी लेदर सेक्टर, Transportation & Automobile Design यानि TAD पर विशेष फोकस किया जाएगा।
साथ ही, मुझे ये बताते हुए भी प्रसन्नता हो रही है कि दोनों देश सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण, Renewable Energy, Life Sciences and Geo-hazards जैसे चुनिन्दा क्षेत्रों में कौशल पर आधारित Indo-Italian Centres of Excellence की स्थापना करेंगे। इनसे न सिर्फ उच्च श्रेणी के विश्वविद्यालय, अनुसंधान संस्थान और उद्योग आपस में जुड़ेंगे, बल्कि हमारे सामने आ रही चुनौतियों का तकनीकी समाधान भी निकाला जा सकेगा।
Friends,
Tech Summit की सफ़लता के लिए मैं सभी आयोजकों को हृदयपूर्वक बधाई देता हूँ। मैं इटली सरकार को भी ह्रदय से धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने एक पार्टनर देश के रूप में जुड़ने का हमारा निमंत्रण स्वीकार किया। Tech Summit के सभी Participants का भी बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। आप सभी का योगदान और उपस्थिति इस Summit की सफलता के लिए महत्वपूर्ण रही है।
मैं एक बार फ़िर प्रधानमंत्री कोन्ते जी का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। यही नहीं, उन्होंने भारत-इटली की नई पार्टनरशिप के नवनिर्माण को अपने व्यक्तिगत मार्गदर्शन, दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता का अनमोल उपहार भी दिया है।
ग्रात्सिए मिल्ले!
बहुत बहुत धन्यवाद !!!
More technology for greater progress. Addressing the India-Italy Technology Summit. https://t.co/Tqn285Hevs
— Narendra Modi (@narendramodi) October 30, 2018
भारत ने तो टेक्नॉलॉजी को सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण, समावेश, सक्षम सरकारी तंत्र और पारदर्शिता का माध्यम बनाया है।
— PMO India (@PMOIndia) October 30, 2018
सरकारी सेवाओं की प्रभावी Last Mile Delivery को टेक्नॉलॉजी के माध्यम से सुनिश्चित किया जा रहा है: PM
बर्थ सर्टिफिकेट से लेकर बुढ़ापे की पेंशन तक की अनेक सुविधाएं आज ऑनलाइन हैं।
— PMO India (@PMOIndia) October 30, 2018
300 से अधिक केंद्र और राज्य सरकार की सेवाओं को उमंग App के माध्यम से एक प्लेटफॉर्म पर लाया गया है।
देशभर में 3 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर्स से गांव-गांव में ऑनलाइन सेवाएं दी जा रही हैं: PM
भारत अब IT Software Power की अपनी पहचान को Next Level पर ले जाने के लिए आगे बढ़ रहा है।
— PMO India (@PMOIndia) October 30, 2018
हम भारत में Scientific Temper से Technological Temperament विकसित करने पर जोर दे रहे हैं।
अटल Innovation Mission के माध्यम से देश भर में ऐसे युवाओं का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है: PM
भारत में जो Innovation हो रहे हैं उसमें Quality पर भी जोर दिया जा रहा है।
— PMO India (@PMOIndia) October 30, 2018
भारत का स्पेस प्रोग्राम इसका बेहतरीन उदाहरण है और इसकी सफलता तो इटली ने भी महसूस की है।
आज भारत इटली समेत दुनिया के अनेक देशों के सैटलाइट बहुत कम खर्च पर अंतरिक्ष में भेज रहा है: PM
भारत-इटली द्विपक्षीय Industrial Research and Development Cooperation कार्यक्रम के अगले चरण की शुरूआत की घोषणा करते हुए मुझे खुशी हो रही है।
— PMO India (@PMOIndia) October 30, 2018
इससे हमारे उद्योग और रिसर्च संस्थान बिना किसी बाधा के नए उत्पाद विकसित कर सकेंगे।
'Know how', Show how' में परिवर्तित हो सकेंगे: PM
मुझे इस बात की भी प्रसन्नता है कि भारत और इटली LAD यानि
— PMO India (@PMOIndia) October 30, 2018
Life Style Accessories Design के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
इसमें भी लेदर सेक्टर, Transportation & Automobile Design यानि TAD पर विशेष फोकस किया जाएगा: PM
India is delighted to host PM @GiuseppeConteIT.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 30, 2018
I am glad he took part in the Technology Summit as well.
During our talks earlier today, we reviewed the full range of the India-Italy partnership, particularly in advancing cooperation in trade, technology and culture. pic.twitter.com/zGOoZBCJZ9
In order to give an impetus to enhanced economic cooperation between India and Italy, it was decided to set up a CEO forum guided by a Joint Commission on Economic Cooperation.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 30, 2018
To increase two-way investments, we have decided to create a fast-track mechanism. @GiuseppeConteIT pic.twitter.com/Bg1wxknKP4
India and Italy have decided to boost ties in key sectors such as lifestyle accessories design, transportation and automobile design, energy, life sciences etc. Such extensive engagement will benefit the citizens of our nations. @GiuseppeConteIT
— Narendra Modi (@narendramodi) October 30, 2018