पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (भारत सरकार की ओर से) और सिंगापुर सहयोग उद्यम (सिंगापुर सरकार की ओर से) के बीच नवंबर, 2015 में हस्ताक्षरित सहमति पत्र (एमओयू) पर दस्तखत को अपनी पूर्वव्यापी मंजूरी दे दी है। इस एमओयू पर प्रधानमंत्री की सिंगापुर यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे।
इस एमओयू का उद्देश्य नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग कायम करना है, जो आरंभ में जयपुर और अहमदाबाद हवाई अड्डों को कवर करेगा। इस सहयोग के दायरे में आगे चलकर अन्य हवाई अड्डे भी पारस्परिक सहमति से आ जाएंगे।
उपर्युक्त एमओयू की मुख्य विशेषताओं में नागरिक उड्डयन सेक्टर में सहयेाग भी शामिल है, जो विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा। ये क्षेत्र हैं- (क) मास्टर-योजना और डिजाइन (ख) यातायात का विकास (ग) वाणिज्यिक विकास (घ) सेवा की गुणवत्ता में सुधार (ड.) प्रशिक्षण एवं विकास (च) कार्गो संचालन एवं प्रबंधन (छ) रखरखाव, मरम्मत एवं आमूल चूल परिवर्तन (ज) परिचालन एवं प्रबंधन (झ) आपसी सहमति से कोई भी अन्य क्षेत्र।
दुनिया के सर्वोत्तम प्रबंधन वाले हवाई अड्डों में से एक हवाई अड्डा सिंगापुर की सरकार के ही स्वामित्व है, जो पिछले कई वर्षों से अपनी रैंकिंग को बरकरार रखने में सफल रहा है।
अहमदाबाद और जयपुर हवाई अड्डों पर मुहैया कराई जाने वाली सेवा के उच्च मानकों को सुनिश्चित करने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एईआई) परिचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) अनुबंध कर सकता है। टर्मिनल इमारत (शहर की ओर एवं हवा की ओर भूमि को छोड़कर) के गैर-वैमानिक राजस्व को अधिकतम करने की जिम्मेदारी के साथ अथवा उसके बिना ही प्राधिकरण ये अनुबंध कर सकता है। शहर की तरफ और हवा की तरफ के क्षेत्र का प्रबंधन एएआई के द्वारा पहले की तरह किया जाता रहेगा।
वैश्विक स्तर पर सीमित ओएंडएम अनुबंध वाले मॉडल हवाई अड्डे के समस्त परिचालनों के लिए प्रचलन में हैं। एएआई को टर्मिनल इमारतों के ओएंडएम अनुबंध मॉडल का ठेका अन्य निकायों को देने का कोई पूर्व अनुभव नहीं है। इस निर्णय को क्रियान्वित करने के लिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक था कि अहमदाबाद और जयपुर हवाई अड्डों पर ओएंडएम अनुबंध के कार्य के लिए किसी उपयुक्त निकाय की सेवा ली जाए।