पीएमइंडिया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने नार्वे की लोक निर्माण कंपनी सिन्टेफ और भारत के अपशिष्ट निपटान को लेकर केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के बीच मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में क्षमता निर्माण में सहयोग संबंधी सहमति पत्र को मंजूरी दी। इसके अलावा नार्वे निर्माण और विध्वंस को पुनर्चक्र करने के क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान संबंधी कार्यों में भारत को सहयोग देगा।
संदर्भ:-
2 अक्टूबर 2014 को माननीय प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत के लिए व्यापक सामूहिक आंदोलन के तहत ‘स्वच्छ भारत मिशन’ की शुरूआत की थी। भारत में निर्माण क्षेत्र से सालाना करीब 10 से 12 मिलियन टन अपशिष्ट सामग्री निकलती है। आवास और सड़क क्षेत्रों में इनकी जबरदस्त मांग है लेकिन मांग और आपूर्ति में अच्छा-खासा अंतराल है। इसे इन्हीं सामग्रियों के पुनर्चक्र से काफी हद तक कम किया जा सकता है। ईंट, लकड़ी की टाइलें, धातु जैसी कुछ वस्तुओं का पुनर्चक्र होता है और निर्माण के दूसरे कार्यों में भी इनसे मदद मिलती है लेकिन इस समय भारत में पुनर्चक्र का 50 प्रतिशत से ज्यादा इस्तेमाल नहीं हो रहा है।