पीएमइंडिया
महामहिम प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’,
नेपाली प्रतिनिधिमंडल के गणमान्य सदस्य,
मीडिया के मित्रों।
हमारी दोस्ती के इतिहास में आज एक महत्वपूर्ण दिन है।
पदभार संभालने के बाद महामहिम ‘प्रचंड’ की पहली विदेश यात्रा पर उनका और उनके प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का स्वागत करते हुए मुझे अपार प्रसन्नता हो रही है।
मित्रों,
हमारे दोनों समाज गहरे ऐतिहासिक संबंधों और सभ्यतागत संबंधों से जुड़े हैं। साझा नदियों, खुली सीमा और लोगों के बीच कालातीत संबंधों से दोनों देश घनिष्ट रूप से बंधे हैं।
हमारी सरकारों के बीच संबंधों के साथ-साथ हमारे समाजों के बीच लगाव हमारी भागीदारी को गहराई और चरित्र प्रदान करता है। कठिन परिस्थितियों में हम अपना बोझ साझा करते हैं और उपलब्धियों पर साथ मिलकर जश्न मनाते हैं। दरअसल, हमारी दोस्ती अद्वितीय और समय पर परखी हुई है।
पड़ोसी और करीबी मित्र राष्ट्र होने के नाते शांति, स्थिरता और नेपाल की आर्थिक समृद्धि हमारे साझा उद्देश्य हैं। नेपाल की आर्थिक प्रगति और विकास यात्रा के प्रत्येक कदम पर हमें आपका साथी होने का विशेषाधिकार मिला है।
आपने नेपाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं के मजबूती देने के लिए आपने व्यक्तिगत तौर पर जो भूमिका निभाई है, हम भी उसकी प्रशंसा करते हैं। आप नेपाल की शांति के लिए एक उत्प्रेरक बल रहे हैं। मुझे विश्वास है कि आपके कुशल नेतृत्व में नेपाल अपने विविध समाज के सभी वर्गों की आकांक्षाओं को समायोजित करते हुए समावेशी बातचीत के जरिये संविधान को सफलतापूर्वक लागू करेगा।
मैं आपके इस प्रयत्न में रहेक सफलता की कामना करता हूं।
मित्रों,
आज हमारी व्यापक और उत्पादक बातचीत में प्रधानमंत्री प्रचंड और मैंने द्विपक्षीय सहयोग के सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। मैंने प्रधानमंत्री प्रचंड को अवगत कराया कि भारत नेपाल के साथ अपने विकास साझेदारी को मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार खड़ा है। और हम नेपाल सरकार और वहां के लोगों की प्राथमिकताओं के अनुसार ऐसा करेंगे।
इस संदर्भ में आज हमने नेपाल में भूकंप के बाद पुनर्निर्माण के लिए 75 करोड़ अमेरिकी डॉलर उधारी देने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। मुझे विश्वास है कि इससे नेपाल में पिछले साल के विनाशकारी भूकंप से प्रभावित हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
भारत ने तराई रोड के दूसरे चरण, बिजली पारेषण लाइन व सबस्टेशन और कास्की में एक पॉलिटेक्निक संस्थान खोलने जैसी नई परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त उधारी बढ़ाने के लिए भी सहमति दी है।
मित्रों,
प्रधानमंत्री प्रचंड और मेरा मानना है कि मजबूत आर्थिक वृद्धि और विकास के हमारे साझा उद्देश्यों को पूरा करने के लिए हमारे समाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। हम इस बात पर भी सहमत हैं कि हमारे सुरक्षा हितों का करीबी संबंध है और वे आपस में जुड़े हैं।
हमारे देशों के बीच खुली सीमा हमारे लोगों के बीच सहयोग और बातचीत के लिए अपार संभावनाएं मुहैया कराती है। लेकिन सीमा का दुरुपयोग करने वाले तत्वों से निपटने के लिए हमें लगातार निगरानी करने की भी आवश्यकता हैं।
इसलिए हमारे बढ़ते व्यापार, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं विकास भागीदारी में वृद्धि और दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए हमारे रक्षा एवं सुरक्षा एजेंसियों के बीच लगातार करीबी सहयोग महत्वपूर्ण है।
मित्रों,
व्यापार, संपर्क, अपने सभी आयामों में विकास परियोजनाएं और आपसी निवेश नेपाल के साथ हमारी भागीदारी के प्रमुख स्तंभ हैं। खुले आकाश, सीमा पार से बिजली व्यापार, पारगमन मार्गों और सीमा पार कनेक्टिविटी के लिए भारत की पहल से नेपाल सीधे तौर पर लाभान्वित होगा और उससे हमारी आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
ऊर्जा और जल संसाधन क्षेत्र सहित आर्थिक भागीदारी के तमाम क्षेत्रों में भी भारत और नेपाल करीबी से काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री प्रचंड और मैं मौजूदा पनबिजली परियोजनाओं के त्वरित एवं सफल कार्यान्वयन और पारेषण लाइनों के विकास एवं संचालन को बढ़ावा देने के लिए सहमत हुए हैं। यह नेपाल के लिए राजस्व सृजन और बेहद जरूरी ऊर्जा का एक स्रोत होगा।
हम अपने समाजों के बीच संबंधों की गहराई और जीवंतता लाने की आवश्यकता पर भी सहमत हुए हैं। हम अपने साझा बौद्ध विरासत को दर्शाने और आयुर्वेद एवं अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धितियों के विकास पर ध्यान केंद्रित करने पर भी सहमत हुए हैं।
प्रधानमंत्री और मैं सभी विकास परियोजनाओं की करीबी निगरानी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भी सहमत हुए हैं।
प्रधनमंत्री और मुझे विश्वास है कि आज के हमारे निर्णय से हमारी आर्थिक भागीदारी को बल मिलेगा और उसे एक नई ऊंचाई मिलेगी।
महानुभाव,
आपकी यात्रा बिल्कुल सही वक्त पर हुई है।
मुझे विश्वास है कि आज की हमारी बातचीत से हमारे सदियों पुराने संबंधों को और मजबूती मिलेगी। और, हमारी भागीदारी का एक नया और गौरवशाली अध्याय लिखा जाएगा।
एक बार फिर, महामहिम, भारत में आपका गर्मजोशी से स्वागत है। मैं उम्मीद करता हूं कि भारत में आपका रुकना सुखद और उपयोगी रहेगा।
धन्यवाद।
PM @narendramodi Nepal PM Pushpa Kamal Dahal Prachanda meet to discuss further strengthening of India-Nepal ties. pic.twitter.com/zkqqMeoqGu
— PMO India (@PMOIndia) September 16, 2016