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प्रधानमंत्री ने अवसंरचना क्षेत्र में प्रगति की समीक्षा की


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज आठ प्रमुख अवसंरचना क्षेत्रों: नागर विमानन, बंदरगाह और अंतर्देशीय जलमार्ग, रेल, सड़क, दूरसंचार, बिजली, कोयला और नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा की प्रगति की समीक्षा की। यह अवसंरचना पर आधारित समीक्षाओं की नियमित श्रृंखला का हिस्सा है, जिसे प्रधानमंत्री प्रत्येक माह करते हैं। उन्होंने बताया कि अवसंरचना के क्षेत्र में तीव्र विकास उनकी शीर्ष प्राथमिता है और उन्होंने भारत में विश्वस्तरीय अवसंरचना के निर्माण की जरूरत पर भी जोर दिया।

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श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रभावकारी मानकों के माध्यम से अवसंरचना के क्षेत्र में विकास की प्रगति की निगरानी के महत्व पर जोर दिया, जिसे प्रत्येक क्षेत्र के लिए चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालयों को इलेक्ट्रॉनिक रिपोर्टिंग प्रारूपों के आधार पर इस पर नजर रखनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य सरकारों के साथ ही सार्वजनिक क्षेत्रों द्वारा दक्षेस देशों सहित अन्य देशों के साथ जो पहल की गयी है, अवसंरचना क्षेत्र में प्रगति की निगरानी करते समय उनका ध्यान रखना चाहिए।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि सागरमाला परियोजना को बंदरगाह आधारित विकास में अग्रणी होना चाहिए और उसे ‘’मेक इन इंडिया’’ के उनके दृष्टिकोण के लिए एक प्रमुख कड़ी के रूप में होना चाहिए, जिसने भारत के वैश्विक व्यापार में ऊंची छलांग लगाई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि रेलवे में शत-प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दी गई है और इसलिए रेलवे को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में आसानी के लिए एक व्यापक योजना तैयार करनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने सौर ऊर्जा सहित अक्षय ऊर्जा पर फिर से जोर दिया। उन्होंने राजस्थान और गुजरात के मरूस्थलीय क्षेत्रों में भारत-पाकिस्तान सीमा के आसपास एक सौर बिजली गलियारे की जरूरत पर जोर दिया। इस दिशा में पांच मेगावाट क्षमता की प्रत्येक दो शीर्ष परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं।

निजी सार्वजनिक भागीदारी के माध्यम से 500 शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और अपशिष्ट जल प्रबंधन के अपने दृष्टिकोण की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जैव ऊर्जा इस दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण घटक होगा। प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक अवधारणा में व्यापक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से नई सड़क परियोजनाओं के साथ-साथ विश्वस्तरीय सुविधाओँ के प्रावधान तैयार करने पर जोर दिया।

विगत वर्ष की तुलना में पिछले चार माह के दौरान सभी क्षेत्रों में निष्पादन के बारे में महत्वपूर्ण सुधार की रिपोर्ट मिली है।